समाज कल्याण प्रशासन की अवधारणा, प्रकृति And कार्य
समाज के प्रत्येक व्यक्ति की Needओं की पूर्ति उचित ढ़ग से करना, जिससे कि वह सुखी और सन्तोषजनक जीवन व्यतीत कर सके, कल्याणकारी राज्य का प्रमुख उदेद्श्य है। प्रभावकारी सेवाओं को विस्तृत स्तर पर...
समाज के प्रत्येक व्यक्ति की Needओं की पूर्ति उचित ढ़ग से करना, जिससे कि वह सुखी और सन्तोषजनक जीवन व्यतीत कर सके, कल्याणकारी राज्य का प्रमुख उदेद्श्य है। प्रभावकारी सेवाओं को विस्तृत स्तर पर...
समाज कल्याण का मूल प्रारम्भ स्वयंसेवी क्रिया में देखा जा सकता है जिसने इसे पिछली अनेक शताब्दियों से वर्तमान तक जीवित रखा है। भारत में सामाजिक हित के लिए स्वयंसेवी कार्य की गौरवपूर्ण परम्परा...
विकास का व्यक्ति, समूह और समाज पर प्रभाव पड़ता है और सामाजिक परिवर्तन का विकास से सह-सम्बन्ध है। विकास का प्राReseller आर्थिक हो अथवा सामाजिक, राजनैतिक हो अथवा संसथागत, भौतिक हो अथवा अभौतिक जन-भावना...
महात्मा गांधी जान रस्किन की प्रसिद्व पुस्तक ‘‘अन टू दा लास्ट’’ से बहुत अधिक प्रभावित थे। गांधी जी के द्वारा रस्किन की इस पुस्तक का गुजराती भाशा में सर्वोदय “रीशक से अनुवाद Reseller गया।...
सहकारिता के विचार ने भारत में ठोस Reseller सबसे First उस समय ग्रहण Reseller जब गॉवों में विधमान ऋृण भार का सामना करने के लिए 1904 में सहकारी ऋण समितियां अधिनियम पारित हुआ। इस...
यदि किसी गॉव में रहने वाले 80 प्रतिशत भू-स्वामी अपनी भूमि का स्वामित्व भूमिहीनों को प्रदान कर दें तथा प्रदान की गयी यह भूमि सम्पूर्ण भूमि के 51 प्रतिशत से अधिक हो तो गॉव...
सामाजिक परिवर्तन के अन्तर्गत हम मुख्य Reseller से तीन तथ्यों का अध्ययन करते हैं- (क) सामाजिक संCreation में परिवर्तन, (ख) संस्कृति में परिवर्तन And (ग) परिवर्तन के कारक। सामाजिक परिवर्तन के Means को स्पष्ट...
किसी देश के सामाजिक, आर्थिक तथा सांस्कृतिक उत्थान में, उस देश में उपलब्ध Human संसाधन अथवा आर्थिक Reseller से क्रियाशील जनसंख्या की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। Human शक्ति का आकार तथा उसका गुणात्मक स्वReseller...
Human विकास की अवधारणा Humanीय विकास से संबंधित है जिसका मुख्य उद्देश्य किसी भी राष्ट्र से जनसंख्या के सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक तथा सांस्कृतिक पक्षों को प्रभावित करना है। चूँकि Humanीय विकास Single बृहद् अवधारणा...
ग्रामीण विकास And बहुआयामी अवधारणा है जिसका विश्लेशण दो दृष्टिकोणों के आधार पर Reseller गया है: संकुचित And व्यापक दृष्टिकोण। संकुचित दृष्टि से ग्रामीण विकास का अभिप्राय है विविध कार्यक्रमेां, जैसे- कृषि, पशुपालन, ग्रामीण...