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आहार के कार्य 0

आहार के कार्य

आहार के संबंध में आपने अब तक जितना अध्ययन Reseller है, उससे आप इस बात का अनुमान तो आसानी से लगा सकते हैं कि आहार का कार्यक्षेत्र अत्यन्त विस्तृत है Meansात् आहार के कार्यों...

आहार के स्रोत 0

आहार के स्रोत

Human आहार प्राणी आहार माँस,मछली, अण्डा, दूध वनस्पति आहार अनाज, दाल, शर्करा, सब्जियाँ, फल, सूखेफल, मसाले आपके मन में यह जानने की जिज्ञासा उत्पन्न हो रही होगी कि आहार के स्रोत से हमारा क्या...

आहार का पाचन 0

आहार का पाचन

First भोजन को मुँह से चबाते है तत्पश्चात निगलते है भोजन अमाशय में नलीनुमा संCreation (ग्रासनली) द्वारा जाता है , फिर छोटी आंत And बडी आंत में पहुंचता है। मुख्य Reseller से छोटी आंत...

संतुलित आहार, परिभाषा, महत्व And घटक 0

संतुलित आहार, परिभाषा, महत्व And घटक

संतुलित आहार की अवधारणा अथवा संतुलित आहार क्या है? संतुलित आहार वह भोजन है, जिसमें विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ ऐसी मात्रा व समानुपात में हों कि जिससे कैलोरी खनिज लवण, विटामिन व अन्य...

मनोविज्ञान की अवधारणा 0

मनोविज्ञान की अवधारणा

शाब्दिक Reseller में मनोविज्ञान दो पदों से मिलकर बना है, मन And विज्ञान । इस दृष्टि से यदि देखें तो वैज्ञानिक तरीकों से मन का अध्ययन ही मनोविज्ञान है। Meansात् जिन तरीकों से, जिन...

मनोविज्ञान के अध्ययन की विधियाँ 0

मनोविज्ञान के अध्ययन की विधियाँ

अन्तर्निरीक्षण विधि-  अन्तर्निरीक्षण विधि को व्यक्ति के मनोविज्ञान के अध्ययन की First विधि के Reseller में जाना जाता है। इस विधि के प्रतिपादक विलियम वुण्ट And उनके शिष्ट र्इ.बी. टिचनर कहे जाते हैं। विलियम...

शारीरिक विकास : शैशवावस्था, बाल्यावस्था तथा किशोरावस्था 0

शारीरिक विकास : शैशवावस्था, बाल्यावस्था तथा किशोरावस्था

Human जीवन के विकास का अध्ययन विकाSeven्मक मनोविज्ञान के अन्तर्गत Reseller जाता है। विकाSeven्मक मनोविज्ञान Human के पूरे जीवन भर होने वाले वर्धन, विकास And बदलावों का अध्ययन करता है। इसमें शैशवावस्था से लेकर...

बाल्यावस्था में मानसिक विकास 0

बाल्यावस्था में मानसिक विकास

शैशवावस्था And बचपन में मानसिक  विकास मानसिक विकास को संज्ञानात्मक विकास के अध्ययन द्वारा भली प्रकार समझा जा सकता है। तकनीकी Reseller में संज्ञानात्मक विकास ही मानसिक विकास है। संप्रत्यय निर्माण, सोचना, तर्क करना,...

किशोरावस्था में मानसिक विकास 0

किशोरावस्था में मानसिक विकास

किशोरावस्था बचपन And वयस्कावस्था के बीच की अतिमहत्वपूर्ण अवस्था होती है, And प्रत्येक व्यक्ति को इस अवस्था से गुजरना पड़ता है। संज्ञानात्मक विकास के पियाजे द्वारा प्रतिपादित सिद्धान्त की चतुर्थ अवस्था से यह ज्ञात...

रोगी व्यक्ति के लक्षण 0

रोगी व्यक्ति के लक्षण

Single रोगी व्यक्ति शारीरिक, मानसिक And आध्यात्मिक स्तर पर अपने सामान्य कार्यों को भली- भांति नही कर पाता है Meansात उस व्यक्ति के शारीरिक कार्य जैसे भोजन का पाचन, श्वसन, उत्र्सजन व रक्त परिभ्रमण...