महारानी विक्टोरिया की घोषणा तथा 1858 का अधिनियम
1 नवम्बर, 1858 र्इ0 को ब्रिटेन की रानी विक्टोरिया ने Single घोषणा की जिसे भारत के प्रत्येक शहर में पढ़कर सुनाया गयां इस घोषणा में ब्रिटिश सरकार ने उन मुख्य सिद्धान्तों का description दिया...
1 नवम्बर, 1858 र्इ0 को ब्रिटेन की रानी विक्टोरिया ने Single घोषणा की जिसे भारत के प्रत्येक शहर में पढ़कर सुनाया गयां इस घोषणा में ब्रिटिश सरकार ने उन मुख्य सिद्धान्तों का description दिया...
Indian Customer राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम के History में बंगाल विभाजन का Single विशिष्ट स्थान है। बंगाल प्रान्त के अन्तर्गत खास बंगाल, बिहार, उड़ीसा, तथा छोटा नागपुर थे।इस विशाल प्रान्त से सरकार को प्रतिवर्ष ग्यारह...
कर्जन के आंतरिक प्रशासनिक सुधार- लार्ड कर्जन ने जनवरी,1899 र्इ. में भारत के वायसराय का पद ग्रहण Reseller। लार्ड कर्जन Single योग्य King था। उसके द्वारा किये गये Indian Customer समस्याओं से संबंधित आंतरिक...
स्वदेशी आन्दोलन बंगाल – विभाजन आंदोलन अंतत: स्वदेशी आंदोलन में परिणत हो गयां बंगालियों ने महसूस Reseller कि संवैधानिक आंदोलन Meansात् जनसभाओं में भाषण देना, प्रेस द्वारा प्रचार, निवेदन, आवेदन-पत्र And सम्मेलन आदि बेकार...
उग्रवाद के उदय के कारण 1. राजनीतिक कारण – सरकार द्वारा कांग्रेस की मांगों की उपेक्षा करना – 1892 र्इ. के Indian Customer परिषद् अधिनियम द्वारा जो भी सुधार किये गये थे, अपर्याप्त And निराशाजनक...
1913 र्इ. में मुस्लिम लीग पर राष्ट्रवादी मुसलमानो का प्रभाव अत्यन्त प्रबल हो गया। इसी वर्ष लीग ने Single प्रस्ताव पास Reseller, जिसके According लीग का उदेश्य औपनिवेशिक राज्य की प्राप्ति निश्चित हुआ। 1914...
First विश्वFight में Indian Customerों ने अंगरेजी साम्राज्य की Safty के लिए बहुत अधिक सहयागे Reseller। उन्हें यह उम्मीद थी कि Fight समाप्ति के बाद ब्रिटिश सरकार Indian Customer जनता की आकांक्षाओं को पूरा...
सन 1919 में जलियावाला बाग की दुर्घटना के विरोध में दिल्ली, लाहौर आदि स्थानों में उपद्रव हुए और पंजाब के कुछ भागों में फौजी शासन लगा दिया गया। नेताओं की गिरफ्तारी से असंतोष की...
सविनय अवज्ञा आन्दोलन की तीव्रता को देखकर ब्रिटिश सरकार ने घोषणा की कि भारत के विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों And ब्रिटिश राजनीतिज्ञों का Single गोलमेज सम्मेलन बुलाया जाएगा। इसमें साइमन कमीशन की रिपोर्ट...
अम्ल पित्त रोग से आशय – First् यह जानना आवश्यक है कि अम्ल पित्त है क्या है ? आयुर्वेद में कहा गया है- अम्लं विदग्धं च तत्पित्तं अम्लपित्तम्। जब पित्त कुपित होकर Meansात् विदग्ध...