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प्रथा का Means And परिभाषा 0

प्रथा का Means And परिभाषा

समाज से मान्यता प्राप्त, पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तान्तरित होने वाली सुव्यवस्थित, दृढ़ जनरीतियां ही ‘प्रथाएं’ कहलाती हैं। प्रथा वास्तव में सामाजिक क्रिया करने की, स्थापित व मान्य विधि है; और लोग इसे इसलिए मानते हैं कि...

परंपरा का Means और परिभाषा 0

परंपरा का Means और परिभाषा

कुछ विद्वान ‘सामाजिक विरासत’ को ही परम्परा कहते हैं। परन्तु वास्तव में परम्परा के काम करने का ढंग जैविक वंशानुक्रमण या प्राणिशास्त्रीय विरासत के तरीके से मिलता-जुलता है, और वह भी जैविक वंशानुसंक्रमण की...

धर्म की अवधारणा, विशेषताएं And धर्म की उत्पत्ति के सिद्धान्त 0

धर्म की अवधारणा, विशेषताएं And धर्म की उत्पत्ति के सिद्धान्त

धृति क्षमा दमोsस्तेयं शौचमिन्द्रियनिग्रह। धी विद्या सत्यमक्रोधो दशकम् धर्म लक्षणम्। धर्म के दस लक्षण धृति, क्षमा, दम, स्तेय, शुचिता, इन्द्रिय निग्रह, धीर, विज्ञा (ज्ञान), सत्य, अक्रोध (भावनात्मक असंतुलन) है। अंग्रेजी में ‘रिलीजन’ Word की...

साम्प्रदायिकता के लक्षण 0

साम्प्रदायिकता के लक्षण

साम्प्रदायिकता का आचरण कर्इ प्रकार से Reseller जाता है; उदाहरण के लिये, राजनीतिक साम्प्रदायिकता, धार्मिक साम्प्रदायिकता और आर्थिक साम्प्रदायिकता। राजनीतिक साम्प्रदायिकता चिरस्थायी या टिकाऊ राजनीतिक स्वार्थपरायणता की उपज है और इसको इस प्रकार विकसित...

सांप्रदायिक हिंसा के कारण And सिद्धांत 0

सांप्रदायिक हिंसा के कारण And सिद्धांत

सांप्रदायिक हिंसा के कारण साम्प्रदायिक हिंसा की समस्या को समझने के लिये दो उपागमों का उपयोग Reseller जा सकता है: (क) ढांचों की कार्यप्रणाली का निरीक्षण करना, और (ख) उसके उद्भव की प्रक्रिया के...

महिला सशक्तिकरण के उपाय 0

महिला सशक्तिकरण के उपाय

महिला सशक्तीकरण के उपाय  1. विशेष विवाह अधिनियम, 1954 विशेष विवाह अधिनियम, 1954 बिना किसी धार्मिक महत्व के विवाह के संबंध में उपबन्ध करता है। अधिनियम की धारा 4 के According किसी भी धर्म...

जाति की उत्पत्ति 0

जाति की उत्पत्ति

भारत में जाति की उत्पत्ति के विषय में अनेक सिद्धान्त प्रतिपादित किए गए हैं लेकिन कोर्इ भी सिद्धान्त सही व्याख्या नहीं करता। रिज़ले ने जाति की उत्पत्ति प्रजातीय भिन्नताओं (racial differences) के कारण बतार्इ,...

आधुनिकीकरण की अवधारणा 0

आधुनिकीकरण की अवधारणा

आधुनिकीकरण कोर्इ दर्शन या आन्दोलन नहीं है जिसमें स्पष्ट मूल्य व्यवस्था हो। यह तो परिवर्तन की Single प्रक्रिया है प्रारम्भ में आधुनिकीकरण Word का प्रयोग ‘‘Means व्यवस्था में परिवर्तन और सामाजिक मूल्यों And प्रथाओं...

संघवाद और Indian Customer संविधान 0

संघवाद और Indian Customer संविधान

शासन की शक्तियों का प्रयोग मूल Reseller से Single स्थान से Reseller जाता है या कर्इ स्थानों से। इस आधार पर शासन-प्रणालियों के दो प्रकार हैं-Singleात्मक शासन और संघात्मक शासन। जिस शासन-व्यवस्था में शासन...

न्यायिक सक्रियता 0

न्यायिक सक्रियता

न्यायिक सक्रियता की उत्पत्ति प्रजातन्त्र के तीन प्रमुख स्तम्भों न्यायपालिका, विधायिका And कार्यपालिका में से जब विधायिका तथा कार्यपालिका स्वयं को प्रदत्त कार्यों को करने में शिथिलता प्रकट करें या असमर्थ हो जाये तो...