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मानसिक तनाव – कारण, लक्षण And समाधान 0

मानसिक तनाव – कारण, लक्षण And समाधान

तनाव के Means को मनोवैज्ञानिकों ने भिन्न-भिन्न प्रकार से स्पष्ट Reseller है। वस्तुत: तनाव Single मानसिक रोग न होकर मानसिक रोगों का मूल कारण है। तनाव को यदि हम कुछ सटीक Wordों में स्पष्ट...

चिंता का Means, परिभाषा And लक्षण 0

चिंता का Means, परिभाषा And लक्षण

चिन्ता वस्तुत: Single दु:खद भावनात्मक स्थिति होती है। जिसके कारण व्यक्ति Single प्रकार के अनजाने भय से ग्रस्त रहता है, बेचैन And अप्रसन्न रहता है। चिन्ता वस्तुत: व्यक्ति को भविष्य में आने या होने...

अवसाद का Means, लक्षण, कारण And प्रकार 0

अवसाद का Means, लक्षण, कारण And प्रकार

अवसाद का Means- यह Single मनोदशा विकृति है। जब किसी व्यक्ति में बहुत लम्बे सेमय तक चिन्ता की स्थिति बनी रहती है तो वह ‘‘अवसाद’’ या विषाद का Reseller ले लती है। अवसाद की...

व्यसन का Means, प्रकार, लक्षण And कारण 0

व्यसन का Means, प्रकार, लक्षण And कारण

व्यसन का Means व्यसन Single द्रव्य सम्बन्धी विकृति है, जिसमें व्यक्ति अत्यधिक मात्रा में विभिन्न प्रकार के रसायन द्रव्यों का सेवन करता है और इन द्रव्यों पर इतनी अधिक निर्भरता बढ़ जाती है कि...

श्रीमद्भगवद्गीता का परिचय 0

श्रीमद्भगवद्गीता का परिचय

गीता संस्कृत साहित्य काल में ही नहीं अपितु सम्पूर्ण विश्व का अमूल्य ग्रन्थ है। यह भगवान श्री कृष्ण के मुखारबिन्द से निकली दिव्य वाणी है। इसमें 18 अध्याय और 700 श्लोक हैं। इसके संकलन...

श्रीमद्भगवद्गीता का महत्व 0

श्रीमद्भगवद्गीता का महत्व

गीता तात्पर्य -श्रीमदभगवदगीता विश्व के सबसे बडे महाकाव्य महाभारत के “भीश्मपर्व” का Single अंश है। भगवदगीता भगवान कृष्ण द्वारा कुरूक्षेत्र युध्द में दिया गया दिव्य उपदेश है जब अर्जुन मोहग्रस्त होकर किंकर्तव्यविमूढ़ कि स्थिति...

ऋग्वेद का परिचय 0

ऋग्वेद का परिचय

ऋग्वैद धार्मिक स्तोत्रों की Single अत्यंत विशाल राशि है, जिसमें नाना देवाताओं की भिन्न-भिन्न ऋषियों ने बड़े ही सुंदर तथा भवाभिव्यंजक Wordों में स्तुतियों And अपने अभीष्ट की सिद्धि के निर्मित पार्थनायें की है।...

यजुर्वेद की शाखाएं, And भेद 0

यजुर्वेद की शाखाएं, And भेद

यजुर्वेद की शाखाएं काण्यसंहिता-  शुक्ल यजुर्वेद की प्रधान शाखायें माध्यन्दिन तथा काण्व है। काण्व शाखा का प्रचार आज कल महाराष्ट्र प्रान् तमें ही है और माध्यन्दिन शाखा का उतर भारत में, परन्तु प्राचीन काल...

सामवेद का Means, स्वReseller, शाखाएं 0

सामवेद का Means, स्वReseller, शाखाएं

अथर्ववेद के अनेक स्थलों पर साम की विशिष्ट स्तुति ही नहीं की गर्इ है, प्रत्युत परमात्मभूत ‘उच्छिष्ट’ (परब्रह्म) तथा ‘स्कम्भ’ से इसके आविर्भाव का भी History Reseller गया मिलता है। Single ऋषि पूछ रहा...

अथर्ववेद का Means, स्वReseller, शाखाएं 0

अथर्ववेद का Means, स्वReseller, शाखाएं

वेदों को Indian Customer साहित्य का आधार माना जाता है Meansात् परवर्ती संस्कृत में विकसित प्राय: समस्त विषयों का श्रोत-वेद ही है। काव्य दर्शन, धर्मशास्त्र, व्याकरण आदि All दोनों पर वेदों की गहरी क्षाप...