सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम
निजी कम्पनियां ऐसे क्षेत्रों में उद्योग लगाने हेतु रूचि नहीं लेते थे जिसमें, भारी पूंजी निवेश हो लाभ कम हो, सगर्भता की अवधि (जेस्टेशन पीरियड) लम्बी हो जैसे-मशीन निर्माण, आधारभूत ढ़ांचा, तेल अन्वेषण आदि...
निजी कम्पनियां ऐसे क्षेत्रों में उद्योग लगाने हेतु रूचि नहीं लेते थे जिसमें, भारी पूंजी निवेश हो लाभ कम हो, सगर्भता की अवधि (जेस्टेशन पीरियड) लम्बी हो जैसे-मशीन निर्माण, आधारभूत ढ़ांचा, तेल अन्वेषण आदि...
विपणन का Means And परिभाषाएं प्रारंभिक समय में विपणन से तात्पर्य वस्तुओं के क्रय-विक्रय से था। Second Wordों में माल को उत्पादक से उपभोक्ता तक पहुंचाने वाली All क्रियाओं को विपणन में सम्मिलित Reseller...
ज्ञान का मूल वेदों में निहित है। दार्शनिक चिन्तन तथा वैदिक ज्ञान का निचोड आत्म तत्व की प्राप्ति है। आत्मतत्व की प्राप्ति का साधन योग विद्या के Reseller में इनमें (वेद) उपलब्ध है। योगसाधना...
योग Indian Customer संस्कृति का Single आधार स्तम्भ हैं । जो प्राचिन काल से आधुनिक काल तक हमारे काल से जुडा हुआ है । इस योग का महत्व प्राचिन काल से भी था तथा...
योग Word का Means संस्कृत भाषा के युज् धातु से निश्पन्न होने के साथ विभिन्न ग्रन्थों के According योग की परिभाषाओं का अध्ययन Reseller गया। योग साधना के मार्ग में साधक के लिए साधना...
गीता में योग का स्वReseller पाठको वही ज्ञान वास्तविक ज्ञान होता है जो ज्ञान मुक्ति के मार्ग की ओर अग्रसरित कराता है। अत: गीता में भी मुक्ति प्रदायक ज्ञान है। इस बात की पुष्टि...
योगवशिष्ठ में योग का स्वReseller योग वशिष्ठ योग का Single महत्त्वपूर्ण ग्रन्थ है। अन्य योग ग्रन्थों की भाँति योग वशिष्ठ में भी योग के विभिन्न स्वReseller जैसे- चित्तवृत्ति, यम-स्वReseller, नियम-स्वReseller, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, ध्यान,...
जैन दर्शन में योग का स्वReseller भारतवर्ष में जिस समय बौद्ध दर्शन का विकास हो रहा था उसी समय जैन दर्शन भी विकसित हो रहा था। दोनों दर्शन छठी शताब्दी में विकसित होने के...
जैन दर्शन में योग का स्वReseller भारतवर्ष में जिस समय बौद्ध दर्शन का विकास हो रहा था उसी समय जैन दर्शन भी विकसित हो रहा था। दोनों दर्शन छठी शताब्दी में विकसित होने के...
सांख्य दर्शन परिचय- सॉख्य दर्शन के प्रणेता कपिल है यहॉ पर सांख्य Word अथवा ज्ञान के Means में लिया गया है सांख्य दर्शन में प्रकृति पुरूष सृष्टि क्रम बन्धनों व मोक्ष कार्य कारण सिद्धान्त...