Author: admin

ठोस अवस्था क्या है ? 0

ठोस अवस्था क्या है ?

प्रदार्थ की वह भौतिक अवस्था जिसमें अवयवी कण (अणु, परमाणु आयन आदि।) परस्पर अत्यन्त प्रबल आर्कशण द्वारा जुडे होते है। 1. आकार And आयतन निश्चित रहते है 2. घनत्व, गलनांक क्वथनांक के मान उच्च...

कोलॉइड विलयन क्या है ? 0

कोलॉइड विलयन क्या है ?

आप विलयनों से परिचित हैं। इनकी हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका है। दूध, मक्खन, पनीर, क्रीम, रंगीन रत्न, बूट पॉलिश, रबर, स्याही आदि अनेक पदार्थ हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे भी...

Meansव्यवस्था की मूलभूत समस्याएं 0

Meansव्यवस्था की मूलभूत समस्याएं

Meansव्यवस्था Single Human निर्मित संगठन है जिसके माध्यम से लोग समाज की बेहतरी और विकास के लिये परस्पर सहयोग करते है। All आर्थिक गतिविधियों का लक्ष्य Humanीय Needओं की संतुश्टि से होता है। Meansव्यवस्था...

Meansव्यवस्था की मूलभूत समस्याएं 0

Meansव्यवस्था की मूलभूत समस्याएं

Meansव्यवस्था Single Human निर्मित संगठन है जिसके माध्यम से लोग समाज की बेहतरी और विकास के लिये परस्पर सहयोग करते है। All आर्थिक गतिविधियों का लक्ष्य Humanीय Needओं की संतुश्टि से होता है। Meansव्यवस्था...

व्यष्टि Meansशास्त्र क्या है ? 0

व्यष्टि Meansशास्त्र क्या है ?

Meansशास्त्र को अध्ययन के दृष्टिकोण से कर्इ भागों में विभक्त Reseller गया। आधुनिक Meansशास्त्र का अध्ययन And विशलेषण दो शाखाओं के Reseller में Reseller जाता है- First, व्यष्टि Meansशास्त्र तथा द्वितीय समष्टि Meansशास्त्र ।...

समष्टि Meansशास्त्र क्या है ? 0

समष्टि Meansशास्त्र क्या है ?

सन् 1929-30 की विश्वव्यापी आर्थिक मंदी की स्थिति और प्रतिष्ठित Meansशास्त्रियों के पूर्ण रोजगार के सिद्धान्त की असफलता के कारण प्रो जे एम. कीन्स ने ‘सामान्य सिद्धान्त’ की Creation की थी। प्रो. कीन्स के According–“राष्ट्रीय...

समष्टि Meansशास्त्र क्या है ? 0

समष्टि Meansशास्त्र क्या है ?

सन् 1929-30 की विश्वव्यापी आर्थिक मंदी की स्थिति और प्रतिष्ठित Meansशास्त्रियों के पूर्ण रोजगार के सिद्धान्त की असफलता के कारण प्रो जे एम. कीन्स ने ‘सामान्य सिद्धान्त’ की Creation की थी। प्रो. कीन्स के According–“राष्ट्रीय...

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मांग का Means And नियम

माँग का Means किसी वस्तु को प्राप्त करने से है। कितुं Meansशास्त्र में वस्तु को प्राप्त करने की इच्छा मात्र को माँग नहीं कहते बल्कि Meansशास्त्र का संबध Single निश्चित मूल्य व निश्चित समय...

ऋग्वैदिक कालीन सभ्यता और संस्कृति 0

ऋग्वैदिक कालीन सभ्यता और संस्कृति

ऋग्वैदिक काल Indian Customer संस्कृति के History में वेदों का स्थान अत्यन्त गौरवपूर्ण है । वेद भारत की संस्कृति की अमूल्य सम्पदा है । आर्यो के प्राचीनतम ग्रन्थ भी वेद ही है । Indian...

वेदों का महत्व 0

वेदों का महत्व

वैदिक लोगों के आर्थिक और सामाजिक जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन हो रहे थे । पशु-चारण व्यवस्था धीरे-धीरे कृषि Meansव्यवस्था द्वारा विस्थापित होती जा रही थी, जो नियमित खेती और शिल्प तथा व्यापार के विकास...