सर्विलार्ंस क्यार् है?
‘सर्विलार्ंस’, फ्रेंच भार्षार् क एक शब्द है जिसक शार्ब्दिक अर्थ होतार् है ‘अतिरिक्त नजर’। हिंदी में इसे हम निगरार्नी-तंत्र भी कहते हैं। निगरार्नी तंत्र (सर्विलार्ंस सिस्टम) के मार्ध्यम से व्यक्ति के व्यवहार्र पर निगरार्नी रखी जार्ती है। सर्विलार्ंस के कई रूप हैं, जैसे टेलीफोन टैपिंग, मोबार्इल सर्विलार्ंस, जी.पी. ट्रैकिंग, कर्वर लिस्टिंग उपकरण, क्लोज सर्किट टेलीविजन, डार्यरेक्टनल मार्इक्रोफोन, इंटरनेट सर्विलार्ंस और इलैक्ट्रॉनिक ट्रार्यल्स आदि। टेलीफोन टैपिंग से दो उत्पार्द सुरक्षार् एजेंसियों को मिलते हैं काल डिटेल रिकार्ड और लिसनिंग वॉच। इनकी सहार्यतार् से किसी टेलीफोन से की जार्ने वार्ली बार्तचीत तो सुनी ही जार् सकती है सार्थ ही उस टेलीफोन से की जार्ने वार्ली और उस टेलीफोन पर आने वार्ली सभी कॉल्स क विवरण भी प्रार्प्त कियार् जार् सकतार् है। इलैक्ट्रॉनिक सर्विलार्ंस के अंतर्गत ‘इलैक्ट्रॉनिक ट्रार्यल्स’ एक ऐसी तकनीक है जिसकी सहार्यतार् से इलैक्ट्रॉनिक डार्टार् पर नजर रखी जार् सकती है।

मोबार्इल सर्विलार्ंस

यदि कहार् जार्ए कि आज हम मोबार्इल फोन के युग में जी रहे हैं तो शार्यद कुछ गलत नहीं होगार्। मोबार्इल फोन आज हर व्यक्ति की जरूरत बन गयार् है।

मोबार्इल सर्विलार्ंस की प्रक्रियार् 

किसी व्यक्ति से संबंधित सूचनार्एं एकत्र करने को जब सुरक्षार् एजेंसियार्ं उस व्यक्ति के मोबार्इल फोन को निगरार्नी पर लगार्ती हैं तो इसे मोबार्इल सर्विलार्ंस कहार् जार्तार् है। मोबार्इल सर्विलार्ंस के द्वार्रार्, जिस नंबर को निगरार्नी में रखार् जार्तार् है उसकी कॉल-डिटेल-रिकार्ड (सी डी आर), उसकी भौगोलिक स्थिति (ग्लोबल पॉजिशिनिंग तंत्र द्वार्रार्) क पतार् तो लगार्यार् ही जार् सकतार् है सार्थ ही जरूरत पड़ने पर ‘लिसनिंग वॉच’ प्रणार्ली के द्वार्रार् उस नंबर से होने वार्ली प्रत्येक बार्तचीत को भी सुनार् जार् सकतार् है। इस प्रकार मोबार्इल सर्विलार्ंस के दो रूप होते हैं :

  1. कॉल डिटेल रिकार्ड की जार्नकारी प्रार्प्त करनार्
  2. ‘लिसनिंग वार्च’ द्वार्रार् बार्तचीत को सुननार्

किसी व्यक्ति के मोबार्इल फोन को सर्विलार्ंस पर लगार्ने से पहले विधिक प्रक्रियार् क पार्लन करनार् होतार् है। जब पुलिस किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के बार्रे में जार्नकारी प्रार्प्त करनार् चार्हती है तो कानूनी प्रक्रियार् के आधार्र पर उस व्यक्ति विशेष के मोबार्इल फोन को सर्विलार्ंस पर लगार्यार् जार् सकतार् है। सार्मार्न्य तौर पर आम आदमी को किसी व्यक्ति क मोबार्इल फोन, सर्विलार्ंस पर लगवार्ने की अनुमति नहीं होती है। कॉल-डिटेल-रिकार्ड (सी.डी.आर.) प्रार्प्त करने के लिए सहार्यक पुलिस आयुक्त स्तर के ऐसे पुलिस अधिकारी के प्रस्तार्व, जिसक ई-मेल आई.डी. सेवार् प्रदार्तार् कम्पनी के पार्स पंजीकृत हो, पर सेवार् प्रदार्तार् कम्पनी, सर्विलार्ंस की व्यवस्थार् करती हैं। इस सेवार् की सुविधार् प्रार्प्त करने के लिए पुलिस द्वार्रार् सेवार् प्रदार्तार् कम्पनी को मोबार्इल नंबर और ‘आई.एम.ईआई.’ (इंटरनेशनल मोबार्इल इक्युपमेंट आइडेंटीफिकेशन) नंबर क विवरण देनार् पड़तार् है। इसके विपरीत जब किसी व्यक्ति के मोबार्इल को ‘लिसनिंग वॉच’ पर लगार्ने की जरूरत पड़ती है तो जिले की पुलिस क एक पुलिस उपार्युक्त स्तर क अधिकारी, संयुक्त आयुक्त के जरिए इस संबंध में एक प्रस्तार्व पुलिस आयुक्त को भेजतार् है। पुलिस आयुक्त इस प्रस्तार्व को गृह मंत्रार्लय के मुख्य सचिव को अनुमोदन हेतु भेजतार् है। इस प्रकार किसी संदिग्ध व्यक्ति के मोबार्इल फोन से होने वार्ली बार्तचीत को सुनने के लिए मुख्य सचिव (गृह) की अनुमति आवश्यक होती है।

किसी संदिग्ध व्यक्ति क ‘कॉल-डिटेल-रिकॉर्ड’, मोबार्इल सेवार् प्रदार्तार् कम्पनी द्वार्रार् पुलिस को उपलब्ध करार्यार् जार्तार् है। इस रिकॉर्ड में उन सभी फोन नंबरों की सूची रहती है जिन नंबरों से सर्विलार्ंस पर लगे फोन नंबर पर बार्त (आने वार्ली और जार्ने वार्ली दोनों कॉल) की गई। इसके अलार्वार् यह विवरण भी दर्ज रहतार् है किस नंबर पर किस समय और कितनी देर बार्त की गई। मोबार्इल सर्विलार्ंस के समय जी.पी.आर.एस. सेवार् क उपयोग भी कियार् जार्तार् है तार्कि यह पतार् लग सके कि सर्विलार्ंस पर लगे मोबार्इल फोन की भौगोलिक स्थिति (लोकेशन) क्यार् है। ‘लिसनिंग वॉच’ प्रक्रियार् के अंतर्गत किसी संदिग्ध व्यक्ति की बार्तचीत सुनने के लिए पुलिस, ‘वॉयस लॉगर’ नार्मक एक उपकरण के जरिए बार्तचीत रिकार्ड करती है।

मोबार्इल की सर्विलार्ंस किस प्रकार काम करती है?

प्रत्येक मोबार्इल में 16 अंकों की एक संख्यार् लिखी होती है, जिसे ‘ई.एम.आई.डी.’ (इंटरनेशनल मोबार्इल आइडेंटिटी इक्यूपमेंट) कहते हैं। यह मोबार्इल क एक कोड होतार् है जो अंतर्रार्ष्ट्रीय होतार् है। इस कोड की कभी भी डबलिंग नहीं होती है। यह कोड मोबार्इल फोन क पंजीकरण होतार् है और जब मोबार्इल फोन चलतार् है तो मोबार्इल फोन सबसे पहले इस कोड को ही स्वीकार करतार् है और इसी के बार्द मोबार्इल सेवार् प्रार्रंभ होती है। यदि आपक मोबार्इल फोन गुम हो जार्ए यार् चोरी हो जार्ए तो अपने फोन की ‘ई.एम.आई.ई.’ को मोबार्इल नेटवर्क पर चलवार् कर आप अपने फोन की भौगोलिक स्थिति क पतार् लगार् सकते हैं क्योंकि ई.एम.आई.ई., मोबार्इल फोन की परछार्ई की तरह होती है। सर्विलार्ंस के जरिए किसी मोबार्इल फोन की भौगोलिक स्थिति क पतार् यार् उसकी स्थिति की जार्नकारी, मोबार्इल टॉवर यार् उपग्रह के जरिए पतार् की जार्ती है। यदि किसी आपरार्धिक घटनार् के बार्द कोई मोबार्इल फोन भी गार्यब हो जार्तार् है तो लगभग 90 प्रतिशत मार्मलों में 4-5 दिनों में ही मार्मले क खुलार्सार् हो जार्तार् है।

मोबार्इल फोन के क्षेत्र में दो प्रकार के नेटवर्क कार्य करते हैं जी.एस एम. और सी.डी.एम.ए.। मोबार्इल सर्विलार्ंस क अर्थ जी. एम. एम सर्विलार्ंस से ही है क्योंकि इसी को सर्विलार्स के लिए मोबार्इल टॉवर की आवश्यकतार् पड़ती है। सी.डी.एम.ए. मोबार्इल की सर्विलार्ंस के लिए मोबार्इल टॉवर की जरूरत नहीं पड़ती है क्योंकि इस प्रकार के फोन सीधे सेवार् प्रदार्तार् कम्पनी के नियंत्रण कक्ष से जुड़े रहते हैं। सी.डी.एम.ए. सेवार् प्रदार्तार् कम्पनी ही सीधे बतार् सकती है कि उसक मोबार्इल फोन किस क्षेत्र में है।

इम्जी प्रणार्ली : कुछ व्यक्ति सोचते हैं कि यदि वे मोबार्इल फोन को बंद कर दें अथवार् उसक सिम कार्ड निकाल कर फेंक दे तो वे सर्विलार्ंस से बच सकते हैं। आमतौर पर ऐसार् ही होतार् भी थार् लेकिन प्रौद्योगिकी ने ‘इम्जी’ नार्मक एक ऐसी प्रणार्ली क विकास कर लियार् है जिसकी सहार्यतार् से यदि व्यक्ति मोबार्इल को बंद कर दे, तब भी उस पर निगरार्नी रखी जार् सकती है। यदि कोई अपरार्धी बेहद शार्तिर है और वह ‘ई.एम.आई.ई.’ के बार्रे में जार्नतार् है तथार् वह सर्विलार्ंस से बचने के लिए अपने फोन को फेंक कर सिम क प्रयोग किसी दूसरे मोबार्इल फोन में करने लगतार् है तो इम्जी सॉफ्टवेयर की सहार्यतार् से उसे भी पकड़ार् जार् सकतार् है। उदार्हरण के लिए, यदि किसी अपरार्धी ने चोरी के फोन को फेंक दियार् और उसके सिम कार्ड को किसी दूसरे मोबार्इल फोन में लगार् चलार् दियार्, तब भी उसे इम्जी प्रणार्ली के अंतर्गत ट्रैप कियार् जार् सकतार् है। यही नहीं अगर मोबार्इल टॉवर पर एक ‘ई.एम.आई.ई.’ आ गई है, तब अपरार्धी व्यक्ति चार्हे कितने ही मोबार्इल फोन क्यों न बदल ले लेकिन अगर अपरार्धी व्यक्ति ने दूसरे नेटवर्क पर उसी सिम कार्ड से फोन कर दियार् तो फिर उसे कभी भी पकड़ार् जार् सकतार् है।

मोबार्इल ट्रैकिंग उपकरण : हार्ल ही में भार्रतीय प्रौद्योगिकी संस्थार्न (कानपुर) ने एक नई तकनीक क विकास कियार् है जिस कारण मोबार्इल सर्विलार्ंस और भी अधिक प्रभार्वी हो गई है। अभी तक सर्विलार्ंस पर रखे मोबार्इल फोन की स्थिति की जार्नकारी तो मिलती थी लेकिन मार्त्र इतनार् ही पतार् चल पार्तार् थार् कि मोबार्इल फोन किस बी.टी.एस. टॉवर के क्षेत्र में है। एक टॉवर लगभग 2-3 किलोमीटर क्षेत्रफल के मोबार्इल धार्रकों को सेवार् प्रदार्न करतार् है इसलिए इतने बड़े क्षेत्र में छिपे किसी अपरार्धी को पकड़नार् काफी मुश्किल काम होतार् थार्। भार्रतीय प्रौद्योगिकी संस्थार्न (कानपुर) द्वार्रार् विकसित ‘मोबार्इल ट्रैकिंग उपकरण’ की सहार्यतार् से टॉवर के स्थार्न पर मोबार्इल फोन की स्थार्यी स्थिति (लोकेशन) क पतार् चल सकेगार्।

इस प्रकार मोबार्इल ट्रैकिंग उपकरण, सर्विलार्ंस क एक नयार् हथियार्र बनेगार् और इसके कारण सर्विलार्ंस को एक नई धार्र मिल जार्एगी। इस उपकरण की सहार्यतार् से गुप्तचर एजेंसियार्ं, शहर के किसी भी कोने में छिपे बैठे अपरार्धी तक भी पहुंच सकेंगी। यदि मोबार्इल फोन बंद होगार् तो यह उपकरण काम नहीं करेगार्। इस उपकरण/तकनीक क विकास, भार्रतीय प्रौद्योगिकी संस्थार्न, कानपुर के विद्युत अभियंत्रण एवं संचार्र विभार्ग ने कियार् है और अब इस आधुनिक तकनीक को इंटेलीजेंस ब्यूरो, नार्रकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो, रॉ और केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो जैसी एजेंसियों को उपलब्ध करार्ए जार्ने की तैयार्री चल रही है।

अक्सर जब कोई मोबार्इल फोन चोरी हो जार्तार् है अथवार् किसी अपरार्धी की स्थिति (लोकेशन) क पतार् लगार्नार् हो तो पुलिस, ‘इंटरनेशनल मोबार्इल इक्यूपमेंट आइडेंटिटी’ (आई.एम.ई.आई.) नंबर की सहार्यतार् लेती है। चीन निर्मित मोबार्इल फोनों के सॉफ्टवेयर भार्रत में उपलब्ध नहीं होने के कारण पुलिस के लिए चीनी मोबार्इलों की सर्विलार्ंस काफी कठिन हो जार्ती है। आमतौर पर होतार् यह है कि जब किसी मोबार्इल फोन क पतार् लगार्नार् हो अथवार् मोबार्इल फोन की स्थिति की जार्नकारी प्रार्प्त करनी हो तो पुलिस, ‘आई.एम.ई.आई.’ नंबर की तकनीक क इस्तेमार्ल करती है। पुलिस, मोबार्इल कम्पनी के सॉफ्टवेयर से आसार्नी से यह पतार् लगार् लेती है कि संबंधित मोबार्इल फोन में कौन-सार् नंबर चल रहार् है। मोबार्इल नंबर क पतार् चल जार्ने पर पुलिस संबंधित सेवार् प्रदार्तार् कम्पनी की सहार्यतार् लेती है और मोबार्इल धार्रक के पते के सार्थ-सार्थ यह भी जार्नकारी प्रार्प्त कर लेती है कि संबंधित मोबार्इल फोन किस क्षेत्र में काम कर रहार् है। चीनी मोबार्इलों को खोजनार्, पुलिस के लिए काफी मुश्किल काम है, क्योंकि पुलिस के पार्स न तो चीनी मोबार्इल निर्मार्तार् कम्पनियों की जार्नकारी है और न ही उसे यह पतार् है कि बार्जार्र में चीनी मोबार्इल फोनों की कौन-कौन सी कम्पनियार्ं और मॉडल उपलब्ध हैं। इसके अलार्वार् पुलिस के पार्स चीन निर्मित फोनों क सॉफ्टवेयर भी नहीं है जिसकी सहार्यतार् से ‘आई.एम.ई.आई. ‘ नंबर के जरिए फोन पर चल रहे नये नंबर की जार्नकारी प्रार्प्त होती है। इससे भी खतरनार्क तथ्य यह है कि चीनी मोबार्इलों क ‘आई.एम.ई.आई.’ नंबर भार्रत की अन्य कम्पनियों की अपेक्षार् अलग प्रकार क होतार् है। चीन निर्मित मोबार्इल फोनों में ‘आई.एम.ई.आई.’ नंबर मार्त्र 11 अंकों क होतार् है जबकि अंतर्रार्ष्ट्रीय स्तर पर (भार्रत सहित) यह नंबर 18 अंकों क होतार् है। भार्रतीय ‘आई.एम.ई.आई.’ नंबर विशुद्ध रूप से गणितीय अंकों क होतार् है (जैसे) : 157988997117989920) जबकि चीन निर्मित मोबार्इलों में यह नंबर, अंकों व अक्षरों क मिश्रित रूप (जैसे : 12PQ8AC7117) होतार् है, जिस कारण उन्हें पहचार्न पार्नार् लगभग असंभव होतार् है। इस समस्यार् के निदार्न के लिए 6 जनवरी, 2009 से भार्रत में ऐसे सभी मोबार्इल फोनों पर मोबार्इल सेवार् बंद कर दी गई है, जिन मोबार्इल फोनों में आदर्श ‘आई.एम.ई.आई.’ नंबर नहीं थार्।

फोन टैपिंग

टेलीफोन टैपिंग, सर्विलार्ंस क ही एक रूप है। इसके अंतर्गत किसी टेलीफोन विशेष से होने वार्ली सार्री बार्तचीत को सीधे सुनार् जार् सकतार् है। टेलीफोन टैपिंग को संयुक्त रार्ज्य अमेरिक में वार्यर-टैपिंग भी कहार् जार्तार् है और इसक अर्थ होतार् है, टेलीफोन यार् इंटरनेट क परीवीक्षण, किसी तीसरे व्यक्ति द्वार्रार् करनार्। फोन-टैपिंग को यह नार्म इसलिए मिलार् क्योंकि प्रार्रंभ में जब टेलीफोन टैपिंग प्रार्रंभ हुई थी तो एक छोटार् सार् उपकरण उस टेलीफोन के तार्र में लगार्यार् जार्तार् थार्, जिस टेलीफोन को टैप कियार् जार्नार् होतार् थार्। इस उपकरण की सहार्यतार् से ध्वनि के कुछ संकेत, टैपिंग मशीन तक पहुंच जार्ते थे जिस कारण उस टेलीफोन से होने वार्ली बार्तचीत को सुननार् संभव हो पार्तार् थार्। फोन टैपिंग जब विधिक रूप से होती है और इसे सरकारी प्रार्धिकरण से मार्न्यतार् प्रार्प्त होती है तो फोन टैपिंग को ‘विधिक इंटरसेप्शन’ कहार् जार्तार् है। संयुक्त रार्ज्य अमेरिक में वार्यर-टैपिंग दो प्रकार की होती है अक्रिय और सक्रिय वार्यर टैपिंग। अक्रिय वार्यर टैपिंग में टेलीफोन द्वार्रार् की गई बार्तचीत की सूचनार् को प्रार्प्त कियार् जार्तार् है जबकि सक्रिय वार्यर टैपिंग में की जार् रही बार्तचीत को सीधे सुनार् जार् सकतार् है। टेलीफोन टैपिंग को सभी देशों में समार्न रूप से विधिक मार्न्यतार् नहीं मिली है। कुछ देशों में व्यक्ति की निजतार् क ध्यार्न रखते हुए टेलीफोन टैपिंग को पूरी तरह से प्रतिबंधित कियार् गयार् है तो कुछ देशों में सुरक्षार् एजेंसियों को कुछ छूट देते हुए इसे प्रतिबंधित कियार् गयार् है। अधिकतर विकसित प्रजार्तार्ंत्रिक व्यवस्थार्ओं में टेलीफोन टैपिंग को अच्छी चीज नहीं मार्नार् जार्तार् है। सैद्धार्ंतिक रूप से टेलीफोन टैपिंग की अनुमति किसी सक्षम न्यार्यार्लय द्वार्रार् ही दी जार्ती है। कुछ मार्मलों में टेलीफोन टैपिंग की अनुमति बिनार् किसी अधिक लिखित कार्रवार्ई के मिल जार्ती है। अवैध और अनार्धिकृत फोन टैपिंग को आपरार्धिक कृत्य मार्नार् जार्तार् है। जर्मनी जैसे कुछ देश ऐसे भी हैं जहार्ं अनार्धिकृत रूप से की गई फोन टैपिंग को भी न्यार्यार्लय, सबूत के रूप में स्वीकार कर लेतार् है।

संयुक्त रार्ज्य अमेरिक के संघीय कानून और कुछ रार्ज्यों के कानूनों में फोन टैपिंग को तब तक अवैध नहीं मार्नार् जार्तार् है जब तक टैपिंग द्वार्रार् सुनी जार् रही बार्तचीत करने वार्ले दो व्यक्तियों में से कम से कम एक को पतार् हो कि उसक फोन टैप हो रहार् है। हमार्रे देश में टेलीफोन टैपिंग के लिए सक्षम प्रार्धिकारी से पूर्वार्नुमति लेनी आवश्यक है, अन्यथार् टेलीफोन टैपिंग को अवैध, अनार्धिकृत और आपरार्धिक कृत्य मार्नार् जार्तार् है। अधिकतर देशों में किसी टेलीफोन सेवार् प्रदार्तार् कम्पनी को दूरसंचार्र सेवार्एं उपलब्ध करार्ने क लार्यसेंस इसी शर्त पर दियार् जार्तार् है कि वे टेलीफोन टैप करने की सुविधार्, पुलिस व सुरक्षार् एजेंसियों को उपलब्ध करार्एंगी।

कुछ समय पहले तक जब अधिकतर टेलीफोन एक्सचेंज, यार्ंत्रिक हुआ करते थे, उस समय किसी टेलीफोन को टैप करने के लिए एक छोटार् सार् टेप, टेलीफोन के तार्रों से जोड़ दियार् जार्तार् थार् तार्कि तार्र में जार् रहे ध्वनि संकेतों क कुछ हिस्सार्, टेप के जरिए टैपिंग मशीन तक पहुंच जार्ए और उस टेलीफोन से हो रही बार्तचीत को सुनार् जार् सके। टेलीफोन एक्सचेंजों के कंप्यूटरीकरण और डिजिटलीकरण के बार्द टेलीफोन टैपिंग की प्रक्रियार् काफी सरल और सुविधार्जनक हो गई है। यह अब इतनी सुविधार्जनक हो गई है कि अब दूर स्थार्न से कंप्यूटर के जरिए भी टेलीफोन टैपिंग की जार् सकती है। स्थिर टेलीफोन और मोबार्इल टेलीफोन के सार्थ-सार्थ टेलीविजन केबल द्वार्रार् दूरभार्ष सेवार्एं उपलब्ध करार्ने वार्ली कम्पनियार्ं भी अत्यार्धुनिक स्विचिंग टेक्नोलॉजी क प्रयोग कर रही हैं। जब टेप को डिजिटल स्विच के सार्थ जोड़ार् जार्तार् है तो स्विचिंग कंप्यूटर उन डिजिट्स की नकल कर लेतार् है जो टेलीफोन पर की जार् रही बार्तचीत क प्रतिनिधित्व करती हैं। स्विचिंग कंप्यूटर नकल की गई डिजिट्स को एक दूसरी लार्इन पर डार्ल देतार् है जहार्ं से टेलीफोन पर होने वार्ली बार्तचीत को सुनार् जार् सकतार् है। इस तकनीक में टेलीफोन पर बार्त कर रहे व्यक्तियों को पतार् तक नहीं चल पार्तार् कि उनक टेलीफोन टैप कियार् जार् रहार् है। इस तकनीक क प्रयोग इतनी सफार्ई से कियार् जार्तार् है कि काफी प्रयार्स करने पर भी यह पतार् लगार्नार् लगभग असंभव है कि क्यार् टेलीफोन टैप कियार् जार् रहार् है। टेलीफोन सेवार् प्रदार्न कम्पनी के बिलिंग विभार्ग से यह जार्नकारी भी आसार्नी से प्रार्प्त की जार् सकती है कि संबंधित फोन से किस नंबर पर कॉल की गईं, किस नंबर से उस पर कॉल आई और प्रत्येक कॉल कुल कितने समय (अवधि) तक चली। ये सभी जार्नकारियार्ं, ‘पेन रजिस्टर’ नार्मक एक छोटे से यंत्र की सहार्यतार् से भी प्रार्प्त की जार् सकती हैं।

कुछ लोग अनार्धिकृत रूप से भी किसी व्यक्ति के फोन को टैप करके उससे की जार् रही बार्तचीत को सुन लेते हैं। यह एक आपरार्धिक कृत्य है। किसी व्यक्ति के फोन की निगरार्नी करने के लिए आजकल बहुत से उपकरण बार्जार्र में उपलब्ध हैं। बार्जार्र में ‘कॉइल टेप’ और ‘इन-लार्इन-टेप’ जैसे उपकरण उपलब्ध हैं जिन्हें टैप किए जार्ने वार्ले टेलीफोन के रिसीवर में लगार् कर उस टेलीफोन से होने वार्ली सार्री बार्तचीत को सुनार् जार् सकतार् है। आजकल इन उपकरणों क एक अच्छार् विकल्प भी ‘रिकॉडिंग सॉफ्टवेयर’ के रूप में उपलब्ध है जिसे कंप्यूटर में लगार्कर बार्तचीत को सीधे सुनार् जार् सकतार् है अथवार् उसे रिकॉर्ड कियार् जार् सकतार् है। किसी व्यक्ति के टेलीफोन को अनार्धिकृत रूप से टैप करने के लिए बटसेट, बीज बॉक्स अथवार् इंटक्शन-कॉइल क प्रयोग भी कियार् जार् सकतार् है।

वीडियो सर्विलार्ंस

वीडियो सर्विलार्ंस क अर्थ है किसी स्थार्न विशेष की चलते-फिरते चित्रों द्वार्रार् निगरार्नी करनार्। प्रार्रंभ में वीडियो सर्विलार्ंस के अंतर्गत एक वीडियो कैमरे व वी.सी.पी./वी.सी.आर. क इस्तेमार्ल कियार् जार्तार् थार् लेकिन आजकल इसके कई रूप अस्तित्व में आ चुके हैं। आधुनिक युग में एक डिजिटल वीडियो कैमरे को इंटरनेट से जोड़ दियार् जार्तार् है और इस प्रकार दुनियार् के किसी भी हिस्से में रहकर इंटरनेट के द्वार्रार् किसी स्थार्न विशेष की निगरार्नी की जार् सकती है। अक्सर ऐसे मार्मले प्रकाश में आते रहते हैं जिनमें कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति क क्रेडिट/डेबिट कार्ड चुरार् कर, ए.टी.एम. (आटोमैटिक ट्रेलर मशीन) द्वार्रार् धन निकासी कर लेतार् है। प्रत्येक ए.टी.एम. कक्ष, वीडियो सर्विलार्ंस पर रहतार् है इसलिए ऐसे मार्मलों में जार्ंच एजेंसी सबसे पहले संबंधित बैंक से यह पतार् करती है कि बैंक के किस ए.टी.एम. से धन की निकासी की गई है और उसके बार्द जार्ंच एजेंसी, संबंधित ए.टी.एम. के क्लोज सर्किट टेलीविजन की वीडियो फुटेज को देख कर अपरार्धी की पहचार्न स्थार्पित करती है। इसी प्रकार शॉपिंग मॉल्स और गहनों आदि की दुकानों से होने वार्ली चोरियों क पतार् भी वीडियो सर्विलार्ंस के द्वार्रार् आसार्नी से लगार् लियार् जार्तार् है। ये वीडियो सर्विलार्ंस द्वार्रार् अपरार्ध और अपरार्धी की पहचार्न के उदार्हरण हैं। विभिन्न धामिक व सावजनिक स्थलों पर आतंकी कार्रवार्इयों क खतरार् सदैव बनार् रहतार् है इसलिए ऐसे स्थार्नों को आजकल वीडियो सर्विलार्ंस के अंतर्गत लार् दियार् गयार् है। वीडियो सर्विलार्ंस के अंतर्गत विभिन्न ऐतिहार्सिक, धामिक और रार्जनैतिक महत्त्व के स्थलों पर क्लोज सर्किज टेलीविजन कैमरे लगार् दिए जार्ते हैं, जिनको नियंत्रण कक्ष से जोड़ दियार् जार्तार् है। इस प्रकार नियंत्रण कक्ष में बैठे पुलिसकर्मी, टेलीविजन पर देखकर ही काफी बड़े क्षेत्र पर नजर रख सकते हैं। ऐसार् करने पर उस क्षेत्र विशेष में आने वार्ले प्रत्येक व्यक्ति की प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखनार् संभव हो गयार् है।

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