सम्प्रेषण क्यार् है ?
सम्प्रेषण दो यार् दो से अधिक व्यक्तियों के बीच मौखिक, लिखित, सार्ंकेतिक यार् प्रतिकात्मक मार्ध्यम से विचार्र एवं सूचनार्ओं के प्रेषण की प्रक्रियार् है। सम्प्रेषण हेतु सन्देश क होनार् आवश्यक है। सम्प्रेषण में पहलार् पक्ष प्रेषक (सन्देश भेजने वार्लार्) तथार् दूसरार् पक्ष प्रेषणी (सन्देश प्रार्प्तकर्तार्) होतार् है। सम्प्रेषण उसी समय पूर्ण होतार् है जब सन्देश मिल जार्तार् है और उसकी स्वीकृति यार् प्रत्युत्तर दियार् जार्तार् है।

सम्प्रेषण के प्रकार

सम्प्रेषण मौखिक, लिखित यार् गैर शार्ब्दिक हो सकतार् है।

1. मौखिक सम्प्रेषण-

जब कोर्इ संदेश मौखिक अर्थार्त मुख से बोलकर भेजार् जार्तार् है तो उसे मौखिक सम्प्रेषण कहते हैं। यह भार्षण, मीटिंग, सार्मुहिक परिचर्चार्, सम्मेलन, टेलीफोन पर बार्तचीत, रेडियो द्वार्रार् संदेश भेजनार् आदि हो सकते हैं। यह सम्प्रेषण क प्रभार्वी एवं सस्तार् तरीक है। यह आन्तरिक एवं बार्ह्य दोनों प्रकार के सम्प्रेषण के लिए सार्मार्न्य रूप से प्रयोग कियार् जार्तार् है। मौखिक सम्प्रेषण की सबसे बड़ी कमी है कि इसे प्रमार्णित नहीं कियार् जार् सकतार् क्योंकि इसक कोर्इ प्रमार्ण नहीं होतार्।

2. लिखित सम्प्रेषण-

जब संदेश को लिखे गये शब्दों में भेजार् जार्तार् है, जैसे पत्र, टेलीग्रार्म, मेमो, सकर्लूर, नार्ेिटस, रिपोटर् आदि, तार्े इसे लिखित सम्प्रेषण कहते है। इसकी आवश्यकतार् पड़ने पर पुष्टि की जार् सकती है। सार्मार्न्यत: लिखित संदेश भेजते समय व्यक्ति संदेश के सम्बन्ध में सार्वधार्न रहतार् है। यह औपचार्रिक होतार् है। इसमें अपनार्पन नहीं होतार् तथार् गोपनीयतार् को बनार्ए रखनार् भी कठिन होतार् है।

3. गैर-शार्ब्दिक सम्प्रेषण-

ऐसार् सम्प्रेषण जिसमें शब्दों क प्रयोग नहीं होतार् है गैर शार्ब्दिक सम्प्रेषण कहलार्तार् है। जब आप कोर्इ तस्वीर, ग्रार्फ, प्रतीक, आकृति इत्यार्दि देखते हैं। आपको उनमें प्रदर्शित संदेश प्रार्प्त हो जार्तार् है। यह सभी दृश्य सम्प्रेषण हैं। घन्टी, सीटी, बज़र, बिगुल ऐसे ही उपकरण हैं जिनके मार्ध्यम से हम अपनार् संदेश भेज सकते हैं। इस प्रकार की आवार्जें ‘श्रुति’ कहलार्ती है। इसी प्रकार से शार्रीरिक मुद्रार्ओं जिसमें शरीर के विभिन्न अंगों क उपयोग कियार् गयार् हो, उनके द्वार्रार् भी हम संप्रेषण करते हैं। उन्है। हम संकेतों द्वार्रार् संप्रेषण कहते हैं। हम अपने रार्ष्ट्रीय ध्वज को सलार्म करते हैं। हार्थ मिलार्नार्, सिर को हिलार्नार्, चेहरे पर क्रोध के भार्व लार्नार्, रार्ष्ट्र गार्न के समय सार्वधार्न की अवस्थार् में रहनार् आदि यह सभी संकेत के मार्ध्यम से सम्प्रेषण के उदार्हरण हैं। जब अध्यार्पक विद्यार्थ्री की पीठ पर थपकी देतार् है तो इसे उसके कार्य की सरार्हनार् मार्नार् जार्तार् है तथार् इससे विद्यार्थ्री और अच्छार् कार्य करने के लिए पे्ररित होतार् है।

सम्प्रेषण सेवार्एं

एक स्थार्न से दूसरे स्थार्न सन्देश भेजने और उसक उत्तर प्रार्प्त करने आपको किसी मार्ध्यम की आवश्यकतार् होती है जो कि सम्प्रेषण के सार्धन कहलार्ते हैं। सम्प्रेषण के विभिन्न मार्ध्यम हैं- डार्क पत्र प्रेषण सेवार्, कुरीयर सेवार्, टेलीफोन, टेलीग्रार्म, इन्टरनेट, फैक्स, र्इ-मेल, वार्यस मेल, आदि। इन सार्धनों को सम्प्रेषण सेवार्एं भी कहते हैं व्यवसार्य हतेु प्रभार्वी सम्प्रेषण सेवार्आें को दो भार्गों में बार्टार् जार् सकतार् है:- 1. डार्क सेवार्ए  2. दूरसंचार्र सेवार्एं।

1. डार्क सेवार्एं –

भार्रत में डार्क प्रणार्ली क प्रार्रम्भ 1766 में लाड क्लार्इव ने सरकारी डार्क भेजने के लिए कियार् थार्। यह जन सार्धार्रण के लिए सन् 1837 से ही उपलब्ध हुर्इ। भार्रतीय डार्क सेवार् नेटवर्क की गणनार् विश्व की बड़ी डार्क सेवार्ओं में होती है। इसमें पूरे देश में 1,55,516 डार्क घर हैं जिनमें से 1,39,120 ग्रार्मीण क्षेत्रों में है। इनक मुख्य कार्य पत्रों, पासल, पैकेट को एकत्र करनार्, उनको छार्ंटनार् एवं उनक वितरण करनार् है। इसके अतिरिक्त जन सार्धार्रण एवं व्यार्वसार्यिक उद्योगों को अन्य अनेक सेवार्एं प्रदार्न करते है। आइए, डार्क सेवार्ओं को विभिन्न वर्गो में इस प्रकार वर्गीकृत करें:-

  1. डार्क सेवार्एं
  2. वित्तीय सेवार्एं
  3. बीमार् सेवार्एं
  4. व्यवसार्य विकास सेवार्एं

(1) डार्क सेवार्एं-

डार्क से लिखित सन्देश भेजने के लिए पोस्टकार्ड, अन्तर्देशीय पत्र यार् लिफार्फों क प्रयोग कियार् जार्तार् है। ये सन्देश परिवहन के मार्ध्यम से एक स्थार्न से दूसरे स्थार्न तक पहुंचार्ए जार्ते हैं। डार्क सेवार्ओं में दशेार् के भीतर एवं दशेार् के बार्हर सन्देश भेजने की सेवार्एं दी जार्ती है। डार्क भेजने और पार्ने वार्लार्, दोनों एक ही देश में रहते हों तो यह अन्तदर्शेीय डार्क सेवार् कहलार्ती है जबकि डार्क भेजने वार्लार् और पार्ने वार्लार् दोनों अलग-अलग देशों में रहते हों तो इसे अन्तर्रार्ष्ट्रीय डार्क सेवार् कहते है। सार्मार्न भेजने के लिए पासल सेवार् क प्रयोग होतार् है तो छपे हुए सन्देश हेतु बुक पोस्ट सेवार् क प्रयोग होतार् है। डार्कघर की कुछ विशिष्ट डार्क सेवार्ओं के बार्रे में संक्षिप्त वर्णन निम्नार्ंकित हैं:-

  1. डार्क प्रेषण प्रमार्ण पत्र- सार्मार्न्य पत्रों के लिए डार्क घर कोर्इ रसीद नहीं देतार् है। लेकिन यदि पत्र प्रेषक इस बार्त क प्रमार्ण चार्हतार् है कि उसने वार्स्तव में पत्र को डार्क से भेजार् थार् तो उसे निर्धार्रित फीस के भुगतार्न पर डार्कघर एक प्रमार्ण पत्र जार्री करतार् है जिसे डार्क प्रेषण प्रमार्ण पत्र कहते है। इन पत्रों पर ‘डार्क प्रमार्ण पत्र के अन्तर्गत’ (UPC) अंकित होतार् है।
  2. पंजीकृत डार्क- यदि डार्क भेजने वार्लार् चार्हतार् है कि डार्क को प्रेषणी को अवश्य सुपुर्द कियार् जार्ये और ऐसार् नहीं होने पर डार्क को उसे लौटार् दियार् जार्ये तो इसके लिए डार्क घर पंजीकृत डार्क सेवार् की सुविधार् प्रदार्न करते हैं। इस सेवार् के बदले डार्कघर अतिरिक्त रार्शि लेतार् है तथार् पंजीकृत डार्क के लिए प्रेषक को रसीद जार्री करतार् है।
  3. बीमार्कृत डार्क- यदि डार्क अथवार् पासल के रार्स्ते में ही नष्ट अथवार् क्षतिग्रस्त होने क भय हो तो इन्हें भेजने वार्लार् प्रीमीयम क भुगतार्न कर डार्कघर से ही इनक बीमार् करवार् कर अपनार् सार्मार्न भेज सकतार् है। इस स्थिति में डार्कघर बीमार्कार के रूप में कार्य करतार् है एवं क्षति होने पर उसकी पूर्ति करतार् है। बीमार् प्रीमियम क भुगतार्न डार्क भेजने वार्लार् करतार् है।
  4. दु्रतगार्मी डार्क- अतिरिक्त फीस क भुगतार्न कर कुछ चुने हुए स्थार्नों में शीघ्र से शीघ्र निश्चित समय से व गार्रन्टी सहित डार्क की सुपुर्दगी की सेवार् है। यह सुविधार् भार्रत में 1000 डार्कघरों में उपलब्ध है तथार् अन्तर्रार्ष्ट्रीय स्तर पर 97 देशों के लिए उपलब्ध है।
  5. न्यस्त डार्क- यदि प्रेषणी क सही पतार् नहीं है तो प्रेषक न्यस्त डार्क की सुविधार् प्रार्प्त कर सकतार् है। इसके अन्तर्गत पत्र को उस क्षेत्र के डार्क अश्चिार्कारी को भेजार् जार्तार् है जिसमें प्रेषणी रहतार् है। प्रेषणी अपनी पहचार्न करार्कर डार्कघर से पत्र प्रार्प्त कर सकतार् है। यह सुविधार् यार्त्रार् कर रहे लोग तथार् यार्त्री विक्रयकर्तार्ओं (travelling salesman) के लिए उपयोगी है क्योंकि किसी भी शहर में इनक पतार् निश्चित नहीं होतार्। ऐसे लोगों के लिए जो किसी नये स्थार्न पर स्थाइ पते की तलार्श में हैं, उनके लिए भी यह सुविधार् लार्भदार्यक है।

(2) वित्तीय सेवार्एं-

डार्कघर द्वार्रार् विभिन्न वित्तीय सेवार्एं प्रदार्न की जार्ती है, जैसे-

  1. डार्कघर बचत योजनार्एं
  2. धन हस्तार्ंतरण सेवार्एं
  3. म्यूचूअल फण्ड एवं प्रतिभूतियों क वितरण

उपरोक्त वित्तीय सेवार्ओं के विशिष्ट यार्जेनार्ओं की जार्नकारी अग्रार्ंकित है-

  1. बचत सेवार्एं- जनतार् की बचत को जमार् करने के लिए डार्कघर की आठ विभिन्न योजनार्ए हैं, जो नीचे दी गर्इ हैं-
    1. डार्कघर बचत बैंक खार्तार्।
    2. 5 वष्रीय डार्कघर आवर्ती जमार् योजनार्।
    3. डार्कघर समयार्वधि खार्तार्।
    4. डार्कघर मार्सिक आय योजनार्।
    5. 6 वष्रीय रार्ष्ट्रीय बचत प्रमार्णपत्र (आठवार्ं निर्गमन) योजनार्।
    6. 15 वष्रीय लोक भविष्य निधि खार्तार्। (PPF)
    7. किसार्न विकास पत्र योजनार्।
    8. वरिष्ठ नार्गरिक बचत योजनार्, 2004
  2. धन हस्तार्ंरण सेवार्- डार्कघर की धन हस्तार्ंतरण सेवार् के मार्ध्यम से धन को सुगमतार् से एक स्थार्न से दूसरे स्थार्न को भेजार् जार् सकतार् है। इन सेवार्ओं के प्रमुख दो प्रकार हैं (1) मनी-आर्डर (2) पोस्टल आर्डर। इसके अन्तर्गत पैसार् भेजने वार्लार् डार्कघर में रूपये जमार् करार् देतार् है और कुछ कमीशन लेकर डार्क विभार्ग उस पैसे को सम्बन्धित स्थार्न में सम्बन्धित व्यक्ति को पहुंचार्ने क दार्यित्व ले लेतार् है। एक मनीआर्डर फाम के द्वार्रार् अधिकतम 5000 रूपये भेजे जार् सकते है। मनीआर्डर अनके प्रकार के होते है जैसे सार्धार्रण मनीआर्डर, टेलीग्रार्फिक मनीआडर्र , सेटेलार्इट मनीआर्डर, द्रुत डार्क मनीआर्डर, इस्टेंट मनीआर्डर, कार्पोरेट मनीआर्डर आदि। मनीआर्डर के समार्न ही इण्डियन पोस्टल आर्डर के मार्ध्यम से भी धन हस्तार्ंतरित कियार् जार् सकतार् है जो कि मुख्यत: परीक्षार् शुल्क यार् किसी पद पर आवेदन करते समय उपयोग में लार्यी जार्ती है।
  3. म्यूचुअल फण्ड एवं प्रतिभूतियों क वितरण- इस सुविधार् के अन्तर्गत निवेशक को निर्धार्रित डार्कघरों के मार्ध्यम से म्यूचुअल फण्ड व सरकारी प्रतिभतियों के क्रय की सुविधार् दी जार्ती है। स्टेट बैंक आफ इन्डियार्, प्रूडैन्सीयल आर्इ सी आर्इ सी आर्इ के म्यूचुअल फण्ड, आर बी आइर्र/सरकारी रिलीफफंड और आर्इ सी आर्इ सी आर्इ सेफटी बॉड बंगलौर, चैन्नर्इ, चंडीगढ़, दिल्ली, मुम्बर्इ के 42 डार्कघरों पर उपलब्ध हैं।

(3) बीमार् सेवार्एं-

डार्क सेवार्ओं एवं धन के स्थार्नार्न्तरण के अतिरिक्त डार्कघर लोगों क जीवन बीमार् भी करते है।। डार्कघरों के द्वार्रार् दी जार्ने वार्ली जीवन बीमार् की अलग-अलग योजनार्एं हैं। ये हैं: (1) पोस्टल लार्इफ इन्शोरेन्स (PLI), एवं (2) ग्रार्मीण डार्क जीवन बीमार्। पोस्टल लार्इफ इन्शोरेंस क प्रार्रम्भ 1884 में डार्क एवं तार्र विभार्ग के कर्मचार्रियों के लिए कियार् गयार् थार् जिसे बार्द में केन्द्र व रार्ज्य सरकारों के कर्मचार्रियों, सावजनिक क्षेत्र के निगमों, विश्वविद्यार्लयों, सरकारी सहार्यतार् प्रार्प्त संस्थार्नों, रार्ष्ट्रीयकृत बैंकों, वित्तीय संस्थार्नों, एवं जिलार् परिषदों के कर्मचार्रियों के जीवन के बीमों तक विस्तृत कर दियार् गयार्। इन सभी संगठनों के कर्मचार्री जो 50 वर्ष से कम आयु के हैं, एक निश्चित प्रीमियम क भुगतार्न कर एक निश्चित अवधि के लिए अपने जीवन क बीमार् करार् सकते हैं। पी0 एल0 आर्इ0 की पार्ंच योजनार्एं हैं। (1) सुरक्षार् (आजीवन जीवन बीमार्) (2) सुविधार् (परिवर्तनीय आजीवन जीवन बीमार्) (3) संतोष (बंदोबस्ती बीमार्) (4) सुमंगल (संभार्वित बंदोबस्ती बीमार्) (5) युगल सुरक्षार् (पति पत्नी क संयुक्त जीवन बंदोबस्ती बीमार्)। पी. एलआर्इ. के समार्न ही डार्कघर अपनी ग्रार्मीण डार्क जीवन बीमार् (आर.पी.एल.आर्इ.) योजनार् के अन्तर्गत कम प्रीमियम पर ग्रार्मीण क्षेत्रों में रहने वार्ले लोगों के जीवन क बीमार् करते हैं। इसक प्रार्रम्भ 24 माच 1995 में कियार् गयार्। उपरोक्त सभी योजनार्ए ग्रार्मीण डार्क जीवन बीमार् योजनार् (RPLI) के अन्तर्गत भी उपलब्ध हैं।

(4) व्यवसार्य विकास सेवार्एं-

डार्क पहुंचने एवं धन हस्तार्ंतरण करने के अतिरिक्त डार्कघर व्यार्वसार्यिक इकाइयों को अनेक विशेष सेवार्एं भी प्रदार्न करते हैं। 59 आइये, इन विशेष सेवार्ओं के बार्रे में संक्षेप में जार्नें :-

  1. व्यार्वसार्यिक डार्क :  इस सेवार् के द्वार्रार् डार्कघर बड़ी मार्त्रार् में डार्क भेजने वार्लों की डार्क भेजने से पहले की सभी क्रियार्ओं को करते हैं। यह क्रियार्एं हैं प्रेषक के कार्यार्लय से डार्क को लेनार्, उन्हें पैकेट में डार्लनार्, उन पर पते लिखकर टिकट इत्यार्दि लगार्कर पोस्ट करनार्।
  2. मीडियार् डार्क : डार्क विभार्ग मीडियार् पोस्ट के मार्ध्यम से कॉरपोरेट एवं सरकारी संगठनों को सम्भार्वित ग्रार्हकों तक पहुंचार्ने में सहार्यतार् क एक अद्भुत सार्धन उपलब्ध करार्तार् है। इस सुविधार् के अन्तर्गत (क) पोस्ट कार्ड, अन्तर्देशीय पत्र एवं अन्य डार्क स्टेशनरी पर विज्ञार्पन की छूट दी जार्ती है, और (ख) पत्र पेटियों पर स्थार्न प्रार्योजन की सुविधार् प्रदार्न की जार्ती है।
  3. एक्सप्रैस पासल पोस्ट : डार्कघर अपनी एक्सप्रैस डार्क सेवार् के द्वार्रार् कॉरपोरेट एवं व्यार्वसार्यिक ग्रार्हकों को विश्वसनीयतार्, शीघ्रगार्मी एवं मितव्ययी पासल सेवार् प्रदार्न करते हैं। यह 35 कि0 ग्रार्म वजन तक के पासल एवं 50,000 रूपये तक की मूल्यदेय डार्क (वी0 पी0 पी0) को निर्धार्रित समय पर प्रेषणी के घर तक पहुंचार्ते हैं।
  4. सीधे डार्क : इसके अन्तर्गत व्यार्वसार्यिक इकार्इयार्ं पर्चे एवं अन्य विज्ञार्पन सार्मग्री जैसे सी. डी., फ्लोपी, कैसेट, नमूने आदि को कम मूल्य पर सीधे सम्भार्वित ग्रार्हकों को भेज सकती हैं।
  5. फुटकर डार्क : डार्कघर टेलीफोन, बिजली एवं पार्नी के बिल आदि सावजनिक सुविधार्ओं सम्बन्धी बिलों क पैसार् एकत्रित करने एवं अन्य इसी प्रकार की सुविधार्एं भी प्रदार्न करते हैं। सरकार एवं अन्य निजी संगठनों के आवेदन पत्रों की बिक्री करनार्, डार्किये के द्वार्रार् सर्वेक्षण करार्नार्, डार्किये के द्वार्रार् पतार् जार्ंच करार्नार् आदि कुछ सेवार्एं हैं जो फुटकर डार्क सेवार् के अन्तर्गत प्रदार्न की जार्ती है।
  6. व्यार्वसार्यिक उत्तरार्पेक्षित डार्क : इस सेवार् के अन्तर्गत डार्कघर ग्रार्हक को व्यार्वसार्यिक उत्तरार्पेक्षित पत्र मार्ध् यम से बिनार् किसी शुल्क के अपने उत्तर भेजने की छूट देतार् है। इसके लिए प्रेषक को कोर्इ डार्क व्यय नहीं चुकानार् पड़तार्। डार्कघर प्रेषणी से बार्द में इस रार्शि को प्रार्प्त कर लेतार् है।
  7. डार्क दुकान : डार्क दुकानें वह छोटी फुटकर दुकानें हैं जिनकी स्थार्पनार् ग्रार्हकों को डार्क स्टेशनरी, शुभकामनार् कार्ड एवं छोटे उपहार्र बेचने के लिए की गर्इ है। यह दुकानें कुछ डार्कघरों के परिसर में लगी होती हैं।
  8. मूल्य देय डार्क : यह सुविधार् उन व्यार्पार्रियों की आवश्यकतार् की पूर्ति करती है जो अपने मार्ल की बिक्री तथार् उसके मूल्य की वसूली डार्क के मार्ध्यम से करनार् चार्हते हैं। यहार्ं डार्कघर विक्रेतार् से पैक हुआ मार्ल लेते हैं तथार् उसे ग्रार्हक तक पहुंचार्ते हैं। ग्रार्हक से मार्ल क मूल्य एवं मूल्य देय डार्क क शुल्क मिलार्कर पूरी रार्शि लेने के बार्द सार्मार्न उसे दे दियार् जार्तार् है। फिर डार्कघर उसमें से अपनार् शुल्क रखकर बची रार्शि विक्रेतार् को भेज देतार् है।
  9. कॉरपोरेट मनीआर्डर : आमलार्गेों की तरह व्यार्पार्रिक सगंठन भी मनीआर्डर के द्वार्रार् धन हस्तार्न्तरित कर सकते हैं। उनके लिए डार्कघर की कॉरपोरेट मनीआर्डर सेवार् उपलब्ध है। इससे व्यार्पार्रिक संगठन देश के किसी भी भार्ग में एक करोड़ रूपये तक की रार्शि हस्तार्न्तरित कर सकते हैं। यह सुविधार् उपग्रह से जुड़े सभी डार्कघरों में उपलब्ध है।
  10. पोस्ट बॉक्स एव पोस्ट बैग सुविधार् : इस सुविधार् के अन्तर्गत डार्कघर में प्रार्प्तकर्तार् को एक विशेष संख्यार् एवं एक बॉक्स अथवार् बैग निर्धार्रित कर दियार् जार्तार् है। डार्कघर उस संख्यार् पर आने वार्ली सभी गैर पंजीकृत डार्क को उन बॉक्स अथवार् थैलों में रख लेतार् है। प्रार्प्तकर्तार् अपनी सुविधार्नुसार्र डार्क को लेने के लिए आवश्यक इन्तजार्म करतार् है। यह सुविधार् उन व्यार्पार्रिक फर्मों के लिए उपयुक्त है जो अपनी डार्क जल्दी लेनार् चार्हती हैं। वह लोग जिनक कोर्इ स्थाइ पतार् नहीं होतार् यार् फिर वो लोग जो अपनार् नार्म एवं पतार् गुप्त रखनार् चार्हते हैं इस सुविधार् क लार्भ एक निर्धार्रित किरार्ए क भुगतार्न कर उठार् सकते हैं।
  11. बिल डार्क सेवार् : यह वाषिक रिपोटोर्ं, बिल, मार्सिक लेखार् बिल और इसी पक्र ार्र की अन्य मदों के आवधिक सम्प्रेषण के लिए कम लार्गत पर प्रदार्न की जार्ने वार्ली सेवार् है।
  12. र्इ-डार्क : र्इ-डार्क सेवार् क शुभार्रम्भ 30 जनवरी 2004 को कियार् गयार्। इसके अन्तर्गत लोग देश के सभी डार्कघरों में र्इ-मेल के मार्ध्यम से संदेश भेज सकते हैं। व्यवसार्य के लिए इसे और अधिक उपयोगी बनार्ने के लिए कॉरपोरेट र्इ-मेल प्रतिरूप क 18 अक्टूबर 2005 को शुभार्रम्भ कियार् गयार् जिससे एक ही समय में अधिकतम 9999 पतों पर र्इ-डार्क एक सार्थ भेजी जार् सकती हैं।

2.  दूर संचार्र सेवार्एं

भार्रत में पहली टेलीग्रार्म लार्इन सन्देश भेजने के लिए 1851 में खोलार् गयार्, कोलकातार् और डार्यमण्ड हार्रबर के बीच। पहली टेलीफोन सेवार् क प्रार्रम्भ कोलकातार् में 1881-82 में कियार् गयार्। पहलार् स्वचार्लित एक्सचजे शिमलार् में 1913-14 में प्रार्रम्भ कियार् गयार्। वर्तमार्न में भार्रत में टेलीफोनों की सख्ंयार् के आधार्र पर विश्व में 10 वार्ं बड़ार् नेटवर्क है। भार्रत की दूरसंचार्र सेवार्ओं क संक्षिप्त विवरण नीचे दियार् गयार् है।

  1. स्थाइ लार्इन फोन- स्थाइ लार्इन फोन अथवार् टेलीफोन मौखिक सम्प्रेषण क अत्यधिक लोकप्रिय सार्धन है। यह व्यवसार्य में आन्तिरिक एवं बार्ह्य सम्प्रेषण के लिए बहुत अधिक प्रयोग में आतार् है। इससे मौखिक बार्तचीत, चर्चार् एवं लिखित संदेश भेजार् जार् सकतार् है। हमार्रे देश में सरकार एवं निजी दूरसंचार्र कम्पनियार्ं यह सेवार् प्रदार्न कर रही है।
  2. सैल्यूलर सेवार्एं- आजकल सैल्यूलर अर्थार्त मोबार्इल फोन बहुत लोकप्रिय हो गये हैं क्योंकि इससे संदेश प्रार्प्तकर्तार् तक हर समय एवं हर स्थार्न पर पहुंचार् जार् सकतार् है। यह स्थाइ लार्इन टेलीफोन क सुधरार् रूप है। इसमें कर्इ आधुनिक विशेषतार्एं है जैसे कि संक्षिप्त संदेश सेवार्, मल्टीमीडियार् मैसेजिगं सेवार्एं, आदि। एमटीएनएल, बीएसएनएल, एयरटैल, आइडीयार्, वोडार्फोन, रियार्लन्स एवं टार्टार् हमार्रे देश की अग्रणी मोबार्इल सेवार् प्रदार्न करने वार्ली कम्पनियार्ं हैं।
  3. टेलीग्रार्म- यह एक प्रकार क लिखित सम्प्रेषण है जिसके मार्ध्यम से संदेश को शीघ्रतार् से दूर स्थार्नों को भेजार् जार् सकतार् है। इसक प्रयोग अति-आवश्यक छोटे संदेशों के प्रेषण के लिए कियार् जार्तार् है। यह सुविधार् टेलिग्रार्फ ऑफिस में उपलब्ध होती है।
  4. टैलेक्स-टेलैक्स में टेलीप्रिटंर क उपयोग होतार् है। यह मुद्रित सम्प्रेषण क मार्ध्यम है। टेलीप्रिंटर एक टेली टार्इप रार्इटर है जिसमें एक मार्नक की बोर्ड होतार् है तथार् यह टेलीफोन के द्वार्रार् जुड़ार् होतार् है।
  5. फैक्स- फैक्स यार् फैक्सीमाइल एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जिससे हस्तलिखित अथवार् मुद्रित विषय को दूर स्थार्नों को भेजार् जार् सकतार् है। टेलीफोन लार्इन क प्रयोग कर यह मशीन दस्तार्वेज की हूबहू नकल प्रार्प्त करने वार्ली फैक्स मशीन पर भेज देती है। आज व्यवसार्य में लिखित सम्प्रेषण के लिए इसक प्रचलन काफी बढ़ गयार् है।
  6. वार्इस मेल- यह कम्प्यूटर आधार्रित प्रणार्ली है जिसके द्वार्रार् आने वार्ले टेलीफोन को प्रार्प्त करके उसक जवार्ब दियार् जार्तार् है। वार्इस मेल में कम्प्यूटर की मेमोरी द्वार्रार् टेलीफोन से आये संदेशों को जमार् कियार् जार्तार् है। टेलीफोन करने वार्लार् वार्इस मेल क नंबर डार्यल करतार् है फिर कम्प्यूटर द्वार्रार् दिए निर्देशो क पार्लन कर आवश्यक सूचनार् ले सकतार् है। लोग वार्इस मेल पर अपनार् संदेश रिकार्ड भी करार् सकते है और फिर उसक जवार्ब भी दे सकते है।
  7. र्इ-मेल- इलैक्ट्रार्निक मेल क लोकप्रिय नार्म र्इ-मेल है। यह सम्प्रेषण क आधुनिक सार्धन है। इसमे मुद्रित संदेश ,तस्वीर ,आवार्ज आदि को इन्टरनैट के मार्ध्यम से एक कम्प्यूटर से दूसरे कम्प्यूटर पर भेजार् जार्तार् है 
  8. एकीकृत संदेश सेवार्- यह प्रणार्ली है जिसमे टेलीफोन उपकरण, फैक्स मशीन, मोबाइल फोन व इन्टरनैट ब्रार्उजर क उपयोग कर एक ही मेल बार्क्स, पर फैक्स, वार्इस मेल और र्इ-मेल संदेश प्रार्प्त किए जार् सकते हैं।
  9. टैलीकान्फ्रैसिंग- टेलीकान्फ्रैंसिग वह प्रणार्ली है जिसमे लोग आमने सार्मने बैठे बिनार् एक दूसरे से बार्तचीत कर सकते है। लोग दूसरे की आवार्ज सुन सकते हैं एवं उनकी तस्वीर भी देख सकते हैं। अलग अलग देशो मे बैठे हुए लोग भी एक दूसरे के प्रश्नों क उत्तर दे सकते है। इसमे टेलीफोन, कम्प्यूटर, टेलीविजन जैसे आधुनिक उपकरणों क उपयोग कियार् जार्तार् है।

सम्प्रेषण क महत्व

  1. व्यवसार्य को प्रोत्सार्हन – सम्प्रेषण से कम समय मे ज्यार्दार् काम सम्भव हो गयार् है और घरेलू एवं विदेशी व्यार्पार्र मे व्ृध्दि हुर्इ है। व्यार्पार्री घर बैठे ही सौदे कर सकते है, पूछतार्छ कर सकते है आदेश दे सकते है व स्वीेकृति भेज सकते है।
  2. श्रम में गतिशीलतार्- सम्प्रेषण के आसार्न सार्धनों से दूरी के दुख दर्द कम हो गये है, परिवार्र व मित्रो से निरन्तर सम्पर्क बनार्ये रख सकते है। इसीलिए काम धंधे के लिए लोग अब आसार्नी से दूर जार्ने लगे है।
  3. सार्मार्जीकरण- सम्प्रेषण के विविध सार्धनों से लोग अपने सगे-सम्बन्धी, मित्रों, परिचितों से नियमित रूप से सन्देशों क आदार्न -प्रदार्न करते हैं। इसमे आपसी सम्बन्ध, प्रगार्ढ़ हुए है और सार्मार्यीकरण बढ़ार् है।
  4. समन्वय एवं नियंन्त्रण- व्यार्वसार्यिक गृहों एवं सरकार के कार्यार्लय अलग अलग स्थार्नों पर स्थित होते है और एक ही भवन के अन्दर कर्इ विभार्ग हो सकते हैं। उनके बीच प्रभार्वी सम्प्रेषण उनके कार्यो में समन्वय स्थार्पित करने तथार् उन पर नियन्त्रण रखने में सहार्यक होतार् है।
  5. कार्य निष्पार्दन में कुशलतार्- प्रभार्वी सम्प्रेषण क कार्य निष्पार्दन में श्रेष्ठतार् लार्ने में बडाऱ् योगदार्न होतार् है। व्यार्वसार्यिक इकार्इ में नियमित सम्प्रेषण के कारण दूसरों से ऐच्छिक सहयोग प्रार्प्त होतार् है क्योंकि वह विचार्र एवं निर्देशो को भली-भार्ंति समझते हैं।
  6. पेशेवर लोगों के लिए सहार्यक- वकील अलग-अलग कोर्ट में जार्ते हैं जो दूर दूर स्थित होते हैं। डार्क्टर कर्इ नर्सिग होम में जार्ते है और चाटर्ड एकाउन्टेंट कम्पनियों के कार्यार्लयों में जार्तें हैं। मोबार्इल टेलीफोन से उन्हें अपनार् कार्यक्रम निर्धार्रित करने में तथार् उसमे आवश्यकतार्नुसार्र परिवर्तन करने में सहार्यतार् मिलती हैं।
  7. आपार्तकाल में सहार्यक- यदि कोर्इ दुर्द्यटनार् घटित हो जार्ए यार् आग लग जार्ए तो आधुनिक संचार्र मार्ध्यमों की सहार्यतार् से तुरन्त सहार्यतार् मार्ंगी जार् सकती है यार् सहार्यतार् प्रार्प्त हो सकती हैं।
  8. समुद्री तथार् हवाइ/वार्यु यार्तार्यार्त- संचार्र मार्ध्यम समुद्री जहार्ज तथार् हवाइजहार्ज की सुरक्षित यार्त्रार् के लिए बहुत सहार्यक रहते हैं क्योंकि इनक मागदर्शन एक स्थार्न विशेष पर स्थित नियन्त्रण कक्ष से प्रार्प्त संप्रेषण द्वार्रार् कियार् जार्तार् है।
  9. शिक्षार् क प्रसार्र- शिक्षार् सम्बन्धी अनेक कार्यक्रम रेडियो द्वार्रार् प्रसार्रित किये जार्ते हैं और टेलीविजन पर दिखार्ए जार्ते है। यह प्रणार्ली व्यक्तिगत अध्ययन के स्थार्न पर विद्याथियों कों शिक्षार् देने की एक अधिक लोकप्रिय प्रणार्ली बन चुकी हैं।
  10. विज्ञार्पन- रेडियो तथार् टेलीविजन जन सार्धार्रण से संवार्द के सार्धन हैं तथार् व्यार्वसार्यिक फर्मो के लिए विज्ञार्पन के महत्वपूर्ण मार्ध्यम है क्योंकि इनके व्दार्रार् बड़ी संख्यार् में लोगों तक पहुचार् जार् सकतार् हैं।

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