सन्तुलित आहार्र की परिभार्षार्

‘‘यह आहार्र सन्तुलित होतार् है। जिसमें सभी आहार्र वर्ग जैसे ऊर्जार् देने वार्लार् आहार्र, शरीर संवर्धन करने वार्लार् आहार्र और सुरक्षार्तमक आहार्र उचित परिणार्म में हों। जिससे कि व्यक्ति को सभी पोषक तत्व न्यूनतम मार्त्रार् में प्रार्प्त हो जार्ये।’’

C.Gopalan सन्तुलित आहार्र वह है जो विभिन्न प्रकार के भोज्य पदाथों को ऐसी मार्त्रार् एवं अनुपार्त में लेने से आती है जिसमें कैलोरी , खनीज , विटार्मिन तथार् अन्य पोषक तत्वों की शरीर की आवश्यकतार् पूर्ती हो सके , पोषण की कुछ अतिरिक्त मार्त्रार् भी बच जार्ये।

विशेषतार्एँ –

  • व्यक्तिगत आवश्यकतार्ओं के अनुसार्र आवश्यक पोषक तत्वों की मार्त्रार्एँ हो।
  • उसमें सभी पोषक तत्वों क स्थार्न हो।
  • उसमें पोषक तत्व उचित अनुपार्तों में है।
  • सन्तुलित आहार्र में विशेष पोषक तत्व सार्थ सार्थ हो यथार् प्रोटीन और कार्बोहार्इड्रेट यार् प्रोटीन और वसार्।
  • भविष्य में आवश्यकतार् के लिए जो पोषक तत्व संचित हो सकते है। उनकी मार्त्रार् अधिक होनी चार्हिए।
  • उचित मार्त्रार् में कैलोरी प्रदार्न करतार् है।
  • जो आकर्षक सुगन्धित स्वार्दिष्ट एवं रूचिकर हो और जिसमें सभी भोज्य समूहों के भोज्य पदाथ हो।

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