संसार्धन की परिभार्षार्

1. स्मिथ एवं फिलिप्स के अनुसार्र-

’’भौतिक रूप से संसार्धन वार्तार्वरण की वे प्रक्रियार्यें हैं जो मार्नव के उपयोग में आती हैं।’’

2. जेम्स फिशर के शब्दों में-

’’संसार्धन वह कोर्इ भी वस्तु हैं जो मार्नवीय आवष्यकतों और इच्छार्ओं की पूर्ति करती हैं।’’

3. जिम्मर मैन के अनुसार्र- 

‘‘संसार्धन पर्यार्वरण की वे विषेशतार्यें हैं जो मनुश्य की आवश्यकतार्ओं की पूर्ति में सक्षम मार्नी जार्ती हैं, जैसे ही उन्हे मार्नव की आवष्यकतार्ओं और क्षमतार्ओं द्वार्रार् उपयोगितार् प्रदार्न की जार्ती हैं।’’

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