जोखिम एवं आय विश्लेषण

जोखिम एवं आय की प्रार्रम्भिक विचार्रधार्रार् यह है कि आधुनिक व्यवसार्य में आय क सम्बन्ध जोखिम से सम्बन्धित है। वर्तमार्न समय में व्यवसार्य में लार्भ कमार्नार् जोखिम के ऊपर निर्भर करतार् है। जिस व्यवसार्य यार् पेशें में जितनार् अधिक जोखिम होतार् है, उस व्यवसार्य एवं पेशार् में उतनार् अन्धिार्क लार्भ की सम्भार्वनार् अधिक होती है। किसी भी संगठन में जोखिम एवं आय क सम्बन्ध है जिसे अलग नहीं कियार् जार् सकतार् प्रस्तुत इकार्इ में जोखिम एवं आय क अर्थ इन विश्लेषण को दर्शार्तार् है। जिसकी व्यार्ख्यार् क्रमार्नुसार्र की 6 गर्इ है और आय एवं जोखिम को विनियोग निर्णयन की प्रथम इकार्इ के रूप में प्रस्तुत कियार् गयार् है।

जोखिम एवं आय 

नकद पूँजी बहार्व एवं जोखिम के आधार्र पर परियोजनार् स्वीकृत की जार्ती है। चार्लू नकद प्रार्प्तियों में से चार्लू नकद व्यय एवं विनियोग भुगतार्न घटार्ने से नकद पूंजी क सार्मार्न्य आकलन कियार् जार्तार् है। समझने के लिए जोखिम एक बहुत ही कठिन सार्मार्न्य चार्लू अवधार्रणार् है। एक परियोजनार् पर आवश्यक आय की दर क जब अनुमार्न लगार्ते हैं तो जोखिम क जरूर ध्यार्न दियार् जार्नार् चार्हिए। अनुमार्नित परिणार्म की अस्थिरतार् को अनुमार्नित आय से सम्भार्वित आय के अन्तर को जोखिम जोड़ती है। विनियोगकर्तार् जोखिम पसंद नहीं करते और वे जितनी अधिक आय चार्हेंगे, उतनी अधिक एक परियोजनार् पर आय की जोखिमतार् अधिक होगी। विनियोग अवसरों के लिये आय एवं जोखिम के बीच में जो लेन-देन बंद है वह विनियोग अवसरों के लिए प्रयोग की गयी कटौती दरों में परिलक्षित होनार् चार्हिए।

जोखिम एवं आय क विश्लेषण 

आय जोखिम वैकल्पिक परियोजनार्ओं के लिए आअ और जोखिम में संबंध 1. सार्त परियोजनार् के संबंध में आय-जोखिम को दर्शार्यार् गयार् है। सबसे अच्छी उपलब्ध परियोजनार् में 2 है यह अधिक आय एवं कम जोखिम वार्ली परियोजनार् है, और यह परियोजनार् आप जोखिम के सबसे अच्छे सम्बन्ध को दर्शार्ती है। न.1 परियोजनार् सबसे कम स्वीकार करने योग्य है क्योंकि यह अधिक जोखिम एवं कम आय वार्ली परियोजनार् है। विनियोग परियोजनार् नं. 3 हमेशार् पसंद की जार्येगी, विनियोग न. 4 परियोजनार् जोखिम के उसी स्तर पर अच्छी आय प्रार्प्त करती है। परियोजनार् नं. 7 सबसे अधिक जोखिम वार्ली हे। लेकिन यह अधिक आय की अपेक्षार् रखती है परियोजनार् नं. 6 जोखिम रहित है जो निश्चित प्रतिफल के सार्थ विनियोग करती है ऐसे विनियोग कम समय एवं सरकारी प्रतिभूतियों में होते हैं। जहॉं सही ब्यार्ज दर की जार्नकारी पहले ही होती है।

यदि यह पार्यार् जार्य कि परियोजनार् नं. 6, 3, एवं 7 जो रेखार् को छूती चली है वार्स्तविक दुनियार् में जोखिम एवं आय के बीच कम लेन-देन को प्रदर्शित करती है और इन तीन परियोजनार्ओं को आगे भी मूल्यार्ंकित कियार् जार् सकतार् है। चूँकि तीन परियोजनार्एं जोखिम आय रेखार् पर हैं और उनक शुद्ध वर्तमार्न मूल्य शून्य है। विनियोगकर्तार् यदि चयन कर सके तो अन्य जोखिम की रेखार् के सार्थ 6 यार् 3 यार् 7 परियोजनार् पर अपने कुल विनियोग के परिवर्तित अनुपार्त में विनियोग कर सकते हैं। आधुनिक पूंजी बार्जार्र अर्तिार्क प्रतियोगी हैं और प्रतिभूतियों के मूल्य जो कि इस अर्थ में प्रभार्वी रूप से विचार्र योग्य है उन प्रतिभूतियों से भार्वी नकद से संबंधित उपलब्ध सभी जार्नकारी उपलब्ध करार्ती है।

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