उत्तर प्रदेश क इतिहार्स

पुरार्तन काल में उत्तर प्रदेश मध्य देश के नार्म से प्रसिद्ध थार्। उत्तर पश्चिम से आने वार्ले आक्रार्मकों के रार्स्ते में पड़ने के कारण तथार् दिल्ली और पटनार् के बीच उपजार्ऊ मैदार्न क हिस्सार् होने के कारण इसके इतिहार्स क उत्तर भार्रत के इतिहार्स से निकटतम सम्बन्ध है। यद्यपि इसके प्रार्गैतिहार्सिक अथवार् आदिऐतिहार्सिक काल के सम्बन्ध में बहुत कम जार्नकारी है पर मिर्जार्पुर और बुन्देलखण्ड क्षेत्र में खुदार्ई  के फलस्वरूप प्रार्चीन एवं नवीन पार्षार्ण काल के जो औजार्र हथियार्र मिले हैं और मेरठ जिलार् अन्तर्गत आलमगीर में हड़प्पार्कालीन जो वस्तुएं मिली हैं वे हमें सुदूर भूतकाल क स्मरण करार्ती हैं।

उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश क नक्शार्

ऋग्वेद के समय कुछ संश्लिष्ट ऐतिहार्सिक वृत्तार्न्त मिलते हैं। आर्यों ने सबसे पहले भार्रत में ‘‘सप्तसिन्धु’’ यार् सार्त नदियों द्वार्रार् सिंचित प्रदेश (आधुनिक पंजार्ब) में बस्तियार्ं बनार्यी। धीरे-धीरे आर्यों ने अपने क्षेत्र क पूरब में विस्तार्र कियार्। ‘शतपथ ब्रार्ह्मण’ में कोशल (अवध) और विदेह (उत्तरी बिहार्र) को ब्रार्ह्मणों एवं क्षत्रियों ने जिस प्रकार जीतार् उसक रोचक वर्णन है। सीमार्ओं के विस्तार्र क परिणार्म यह हुआ कि नये रार्ज्य बनें, नये लोग सार्मने आये और नये केन्द्रों क प्रार्दुर्भार्व हुआ। धीरे-धीरे ‘सप्तसिन्धु’ क महत्व कम होतार् गयार् और संस्कृति क केन्द्र बनार् सरस्वती तथार् गंगार् के बीच क मैदार्न, जहार्ँ कुरू, पार्ंचार्ल, काशी एवं कोशल (अवध) रार्ज्य थे। यह पुरार् क्षेत्र जो पहले प्रयार्ग तक फैलार् हुआ थार्, मध्य देश के नार्म से अभिहित हुआ। वर्तमार्न उत्तर प्रदेश की सीमार्एं भी लगभग वही हैं।

उत्तर प्रदेश संस्कृतियों क संगम है और गंगार्-जमुनार् संस्कृति क एक अनूठार् प्रतीक है। इसलिए यह एक विशिष्ट जीवन शैली, व्यवहार्र, चिंतन, परम्परार्, ऐतिहार्सिकतार्, सहिष्णुतार्, साथक सकारार्त्मक प्रतिद्वन्दितार्, विचार्र-विनिमय व मनुष्य के हक की लड़ार्ई  क केन्द्र भी है। विविधतार् में एकतार् तथार् ‘जियो और जीने दो’ क व्यार्वहार्रिक स्वरूप यहार्ँ की पहचार्न रही है।

प्रदेश क इतिहार्स वार्स्तव में रार्ष्ट्रीय एकीकरण एवं शार्ंतिपूर्ण सह-अस्तित्व क इतिहार्स है। यहार्ँ बौद्ध, जैन, सिख, इस्लार्म एवं सनार्तन सभी धर्मों के अनुयार्यी एक सार्थ रहे, और एक-दूसरे के सार्मार्जिक, सार्ंस्कृतिक, आर्थिक व धामिक जीवन को प्रभार्वित समृद्ध करते रहे। उत्तर प्रदेश भार्रत क महत्वपूर्ण रार्ज्य है। रार्ष्ट्रीय योगदार्न के विभिन्न क्षेत्रों में इसकी भूमिक उल्लेखनीय रही है। भौगोलिक परिचय :-

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