हिंदी की संवैधार्निक स्थिति

अनुच्छेद 343 : संविधार्न के अनुसार्र हिंदी रार्जभार्षार् और लिपि देवनार्गरी होगी। यहार्ँ यह भी स्पष्ट कियार् गयार् है कि रार्जकीय कार्यों में नार्गरी क…

हिंदी की उपभार्षार्एँ

भार्रत क उत्तर और मध्य देश बहुत समय पहले से हिंदी-क्षेत्र नार्म से जार्नार् जार्तार् है। हिंदी-प्रयोग-क्षेत्र के विस्तृत होने के कारण अध्ययन सुविधार् के…