सार्म्प्रदार्यिकतार् क अर्थ, स्वरूप, सम्प्रदार्य एवं सार्म्प्रदार्यिकतार् में अंतर

‘सार्म्प्रदार्यिकतार्’ शब्द की उत्पत्ति सम्प्रदार्य से है। कोई एक विशेष सम्प्रदार्य के अनुयार्यी, उसी सिद्धार्न्त को अनुगमन करने वार्ले, अन्य सम्प्रदार्य के प्रति द्वेष, रखने…

सार्म्प्रदार्यिकतार् के लक्षण

सार्म्प्रदार्यिकतार् क आचरण कर्इ प्रकार से कियार् जार्तार् है; उदार्हरण के लिये, रार्जनीतिक सार्म्प्रदार्यिकतार्, धामिक सार्म्प्रदार्यिकतार् और आर्थिक सार्म्प्रदार्यिकतार्। रार्जनीतिक सार्म्प्रदार्यिकतार् चिरस्थार्यी यार् टिकाऊ रार्जनीतिक…