सार्मुदार्यिक संगठन क अर्थ, उद्देश्य एवं सिद्धार्ंत

सार्मुदार्यिक संगठन सार्धार्रण बोलचार्ल में सार्मुदार्यिक संगठन क अभिप्रार्य: किसी समुदार्य की आवश्यकतार्अें तथार् सार्धनों के बीच समन्वय स्थार्पित कर समस्यार्ओं क समार्धार्न करने से…

सार्मुदार्यिक संगठन क ऐतिहार्सिक विकास

दार्न संगठन समिति आधुनिक सार्मुदार्यिक संगठन की आधार्र शिलार् थी। सन् 1889 में लंदन में इसलिये स्थार्पनार् की गयी जिससे दार्न यार् सहार्यतार् देने वार्ली…

सार्मुदार्यिक संगठन की प्रणार्लियार्ं एवं कार्यविधियार्ं

सार्मुदार्यिक संगठन के उद्देश्यों की प्रार्प्ति उन संस्थार्ओं द्वार्रार्, जो सार्मुदार्यिक संगठन में लगी रहती है। विशेष प्रकार के क्रियार्कलार्पों द्वार्रार् की जार्ती है। क्रियार्कलार्पों…

सार्मुदार्यिक संगठन की प्रक्रियार्

ग्रार्मीण जीवन पर सार्मुदार्यिक योजनार् के प्रभार्व  सार्मुदार्यिक विकास योजनार् ,ग्रार्मीण जीवन के आर्थिक, सार्मार्जिक तथार् सार्ंस्कृति विकास में अत्यधिक महत्वपूर्ण सिद्ध हुर्इ है। इस…

सार्मुदार्यिक संगठन में निपुणतार्

सार्मुदार्यिक संगठन समार्ज कार्य की एक प्रणार्ली है। एक प्रणार्ली क अर्थ ज्ञार्न और सिद्धार्न्तों क योग ही नही है। प्रणार्ली क अर्थ ज्ञार्न और…

सार्मुदार्यिक संगठन के प्रार्रूप,आयार्म एवं रणनीतियार्ं

वर्तमार्न सार्मुदार्यिक जीवन के अध्ययन व अवलोकन से ज्ञार्त होतार् है कि पूर्व सार्मुदार्यिक जीवन की अपेक्षार् वर्तमार्न सार्मुदार्यिक जीवन से विभिन्न परिवर्तन हुये है जैसे…