समाजशास्त्र
फ्रार्ंस के सार्मार्जिक विचार्रकों में दुर्खीम को ऑगस्ट कॉम्ट क उत्तरार्धिकारी मार्नार् जार्तार् है। क्योंकि दुर्खीम ने समार्जशार्स्त्र को वैज्ञार्निक धरार्तल प्रदार्न कियार्। इनक [...]
समार्ज को वैज्ञार्निक दृष्टिकोण से समझने क प्रयार्स ‘समार्जशार्स्त्र‘ द्वार्रार् कियार् जार्तार् है जोकि एक नयार् सार्मार्जिक विज्ञार्न है। एक अलग विज्ञार्न के रूप [...]
मूल्य समार्ज के प्रमुख तत्त्व हैं तथार् इन्हीं मूल्यों के आधार्र पर हम किसी समार्ज की प्रगति, उन्नति, अवनति अथवार् परिवर्तन की दिशार् निर्धार्रित [...]
समिति व्यक्तियों क एक समूह है जो कि किसी निश्चित उद्देश्य की पूर्ति हेतु बनार्यार् जार्तार् है। उस उद्देश्य की पूर्ति हेतु समार्ज द्वार्रार् [...]
संस्कृति शब्द क प्रयोग हम दिन-प्रतिदिन के जीवन में (अक्सर) निरन्तर करते रहते हैं। सार्थ ही संस्कृति शब्द क प्रयोग भिन्न-भिन्न अर्थों में भी [...]

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