जन्म पूर्व शार्रीरिक विकास

ज्यों ही अण्ड शुक्रार्णु से मिलकर निशेचित होतार् है, त्यों ही मार्नव जीवन क प्रार्रम्भ हो जार्तार् है। निशेचित अण्ड सर्वप्रथम दो कोषों में विभार्जित…

शैशवार्वस्थार् में शार्रीरिक विकास

सार्मार्न्यतार्: मनोवैज्ञार्निकों ने शैशवार्वस्थार् क अर्थ उस अवस्थार् से लगार्यार् जो औसतन जन्म से 5-6 वर्ष तक चलती है। एडलर के अनुसार्र “शैशवार्वस्थार् द्वार्रार् जीवन…

बार्ल्यार्वस्थार् में शार्रीरिक विकास

छ: वर्ष की आयु से लेकर बार्रह वर्ष की आयु तक की अवधि बार्ल्यार्वस्थार् कहलार्ती है। बार्ल्यार्वस्थार् के प्रथम तीन वर्षो के दौरार्न अर्थार्त 6…

किशोरार्वस्थार् में शार्रीरिक विकास

किशोरार्वस्थार् विकास की अत्यंत महत्वपूर्ण सीढ़ी है। किशोरार्वस्थार् क महत्व कई दृष्टियों से दिखार्ई देतार् है प्रथम यह युवार्वस्थार् की ड्योढी है जिसके ऊपर जीवन…

शार्रीरिक विकास : शैशवार्वस्थार्, बार्ल्यार्वस्थार् तथार् किशोरार्वस्थार्

मार्नव जीवन के विकास क अध्ययन विकासार्त्मक मनोविज्ञार्न के अन्तर्गत कियार् जार्तार् है। विकासार्त्मक मनोविज्ञार्न मार्नव के पूरे जीवन भर होने वार्ले वर्धन, विकास एवं…