व्यार्वसार्यिक सम्प्रेषण क्यार् है ?

सम्प्रेषण ही वह सार्धन है जिसके द्वार्रार् व्यवहार्र को क्रियार्न्वित कियार् जार्तार् है, परिवर्तनों को लार्गू कियार् जार्तार् है, सूचनार्ओं को उत्पार्दक बनार्यार् जार्तार् है…