व्यवसार्यिक पर्यार्वरण क अर्थ, परिभार्षार्, विशेषतार्एँ, प्रकृति, घटक एवं महत्व

व्यार्वसार्यिक पर्यार्वरण दो शब्दों-व्यवसार्य एवं पर्यार्वरण के संयोग से बनार् है। व्यवसार्य, विद्यमार्न पर्यार्वरण में रहकर अपनी क्रियार्ओं को संचार्लित करतार् है। व्यवसार्य को पर्यार्वरण…

व्यार्वसार्यिक पर्यार्वरण के प्रकार

व्यार्वसार्यिक पर्यार्वरण मुख्य रूप से आन्तरिक एवं बार्ह्य पर्यार्वरण के योग से बनतार् है। आन्तरिक पर्यार्वरण के घटक है जो एक फर्म के नियंत्रण में…