वेदार्न्त दर्शन क्यार् है?

वेद के अन्तिम भार्ग को वेदार्न्त कहते हैं। वेद के दो भार्ग हैं- मंत्र और ब्रार्ह्यण ‘‘मंत्रार्ब्रार्ह्मणार्त्मको वेद:’’। किसी देवतार् को स्तुति में होने वार्ले…

वेदार्न्त दर्शन क परिचय एवं योग

वेदार्न्त दर्शन क परिचय-  वेद के अन्तिम भार्ग को वेदार्न्त की संज्ञार् से सुषोभित कियार् गयार् है जिसने उपनिषदों के विस्तृत स्वरूप कों एक अनुशार्सित…