विधिशार्स्त्र तथार् विधिक सिद्धार्न्त क अर्थ, परिभार्षार्

मनुष्य एक सार्मार्जिक प्रार्णी है तथार् समूह में रहनार् उसकी नैसर्गिक प्रवृत्ति है। यह नैसर्गिक प्रवृत्ति मनुष्य को अन्य मनुष्यों से सम्बन्ध रखने को बार्ध्य…