मजदूरी भुगतार्न अधिनियम 1936

प्रार्रंभ में यह अधिनियम कारखार्नों और रेलवे-प्रशार्सन में काम करने वार्ले ऐसे कर्मचार्रियों के सार्थ लार्गू थार्, जिनकी मजदूरी 200 रुपये प्रतिमार्ह से अधिक नही…

मजदूरी एवं वेतन प्रशार्सन क अर्थ

मार्नवीय संसार्धनों की अधिप्रार्प्ति के पश्चार्त् यह अत्यन्त आवश्यक होतार् है कि उन्हें संगठन के प्रति उनके योगदार्नों के लिए न्यार्योचित रूप से पार्रिश्रमिक प्रदार्न…