प्रार्थना
प्राथनार् क अर्थ – प्राथनार् मनुष्य की जन्मजार्त सहज प्रवृत्ति है। संस्कृत शब्द प्राथनार् तथार् आंग्ल (इंग्लिश) भार्शार् के Prayer शब्द, इन दोनों में [...]
वैज्ञार्निकों क सिद्धार्न्त है कि प्रत्येक चुम्बक के दो ध्रुव होते हैं- नेगेटिव तथार् पॉजिटिव। धन धु्र एवं ऋण ध्रुव की भार्ंति प्राथनार् को [...]

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