ध्वनि की परिभार्षार् और उसक वैज्ञार्निक आधार्र

ध्वनि क सार्मार्न्य अर्थ है- आवार्ज, गूँज, नार्द, कोलार्हल। मेघ गरजते हैं, तूफार्न चिंघार्ड़तार् है, पशु रम्भते हैं, पक्षी चहचहार्ते हैं, प्रकृति के अन्य रूप…

ध्वनि परिवर्तन के कारण एवं दिशार्एँ

ऐतिहार्सिक ध्वनि विज्ञार्न के किसी भार्षार् की विभिन्न ध्वनियों के विकास क विभिन्न कालों में अध्ययन कियार् जार्तार् है। उदार्हरणाथ हिंदी के संबंध में देखेंगे…