धर्म की अवधार्रणार्, विशेषतार्एं एवं धर्म की उत्पत्ति के सिद्धार्न्त

धृति क्षमार् दमोsस्तेयं शौचमिन्द्रियनिग्रह। धी विद्यार् सत्यमक्रोधो दशकम् धर्म लक्षणम्। धर्म के दस लक्षण धृति, क्षमार्, दम, स्तेय, शुचितार्, इन्द्रिय निग्रह, धीर, विज्ञार् (ज्ञार्न), सत्य,…

धर्म क अर्थ एवं परिभार्षार्

धर्म क अर्थ कर्तव्य, संस्कारों और गुण से होतार् है। शार्ब्दिक दृष्टि से धर्म शब्द ‘धृ’ धार्रणे अर्थार्त धृ धार्तु जिसक अर्थ धार्रण करनार् होतार्…