जैन धर्म की उत्पत्ति एवं सिद्धार्न्त

वैदिक काल के अन्तिम चरण में हमें जटिल और महंगे कर्मकाण्ड, पशु-बलि, ब्रार्म्हणों की सर्वोच्चतार् और वर्ण व्यवस्थार् द्वार्रार् समार्ज में, पैदार् किये गये भेद-भार्व…