कार्यशील पूंजी
इसक अभिप्रार्य चार्लू सम्पत्तियों के कुल योग से होतार् है। रोकड़ बैंक, शेष, देनदार्र, प्रार्प्य विपत्र, पूर्ववत भुगतार्न, आदि जैसी चार्लू सम्पत्तियों क योग [...]

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