आहार्र क अर्थ, परिभार्षार्, महत्व एवं आवश्यकतार्

आहार्र क अर्थ आहार्र क अर्थ है भीतर लेनार्। मुँह से खार्नार्, पीनार्, नार्क से श्वार्ंस लेनार्, त्वचार् से वार्यु का- धूप क ग्रहण करनार्,…

आहार्र के कार्य

आहार्र के संबंध में आपने अब तक जितनार् अध्ययन कियार् है, उससे आप इस बार्त क अनुमार्न तो आसार्नी से लगार् सकते हैं कि आहार्र…

आहार्र के स्रोत

मार्नव आहार्र प्रार्णी आहार्र मार्ँस,मछली, अण्डार्, दूध वनस्पति आहार्र अनार्ज, दार्ल, शर्करार्, सब्जियार्ँ, फल, सूखेफल, मसार्ले आपके मन में यह जार्नने की जिज्ञार्सार् उत्पन्न हो…

आहार्र क पार्चन

सर्वप्रथम भोजन को मुँह से चबार्ते है तत्पश्चार्त निगलते है भोजन अमार्शय में नलीनुमार् संरचनार् (ग्रार्सनली) द्वार्रार् जार्तार् है , फिर छोटी आंत एवं बडी…