Biograpical Index: A Cumulative index to biigraphical Material in books and magazines, new york, wilson,1947,

अतः इनके आधार्र पर ही चयन कियार् जार्तार् है और
तदनुसार्र सूचनार् की मार्त्रार् भी प्रस्तुत की जार्ती है । जीवनी स्रोतों में से सूचनार् की खोज नीति (Biograpical Reference Process) जीवनी स्रोत में से प्रश्नों क उत्तर खोजने के लिये निम्नार्ंकित विधियों क अनुसरण करनार् चार्हिए: – 1. सम्बन्धित व्यक्ति किस देश क निवार्सी है और किस विषय क्षेत्र से सम्बन्धित है । जीवित
है यार् नहीं । 2. क्यार् सम्बन्धित व्यक्ति अन्तर्रार्ष्ट्रीय अथवार् स्थार्नीय स्तर क है ।।
3. कितनी मार्त्रार् में सूचनार् की आवश्यकतार् है -मार्त्रे तथ्य, विस्तृत अथवार् समीक्षार्त्मक सूचनार् की
आवश्यकतार् है । इन दृष्टिकोणों एवं तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए सूचनार् की खोज की जार्नी चार्हिए | जीवनी स्रोतों क उपयोग करने से पहले जीवनी स्रोतों की अनुक्रमणिकाएं एवं गार्इड अवलोकन करनार् चार्हिए | इनकी सहार्यतार् से जीवनी स्रोतों में से के कारण, इन पर जार्नकारी हेतु नियन्त्रण रखने के लिय अनुक्रमणिकाओं क प्रकाशन आरम्भ हुआ । इनक मुख्य लक्ष्य अनेक कृतियों एवं सार्मयिक पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित जीवनियों की अनुक्रमणिक तैयार्र करनार् रहार् है जिससे सूचनार् स्रोतों क ज्ञार्न प्रार्प्त कियार् जार् सके । कुछ प्रमुख जीवनी स्रोतों की अनुक्रमणिकाओं के दृष्टार्न्त नीचे दिये जार् रहे है1.

Biograpical Index: A Cumulative index to biigraphical Material in books and magazines, new york, wilson,1947,

quarterly.(Annual and three years cumulations)
इस कृति में 2400 पत्रिकाओं एवं 1000 पुस्तकों में प्रकाशित जीवनियों की सूचनार् क उल्लेख मिलतार् है । यद्यपि प्रकाशक के मुतार्बिक यह अन्तर्रार्ष्ट्रीय श्रेणी में रखी जार्ती है, परन्तु इसमें अमेरिक के व्यक्तियों की जीवनियार्ँ अधिक सम्मिलित की जार्ती हैं । एक व्यक्ति की एक प्रविष्टि दी गई है जिसमें सूचनार् संक्षिप्त है । इसमें वार्ङ्गमय सूचियों, चित्रों चित्रलेखों क उल्लेख कियार् जार्तार् है । जब वे अनुक्रमणीकृत सार्मग्रियों के परिप्रेक्ष्य में प्रकाशित की जार्ती
2. Biographical Dictonaries Master Index, Detroit Gale, 1975
| यह सन्दर्भ स्रोत 1975 में तीन खण्डों में प्रकाशित कियार् गयार् जिसमें अनुमार्नतः 8, 00,000 प्रविष्टियार्ँ उपलब्ध है । यह एक प्रकार से 50 सार्मयिक जीवनी स्रोतों की कुंजी है ।। इसक संशोधिक संस्करण 1980, 1987 में प्रकाशित हुआ । यद्यपि इस अनुक्रमणिक में विश्व के सभी देशों के व्यक्तियों को तार्लिक बद्ध शब्दार्वली जार्तार् है परन्तु इसमें अंग्रेजी भार्षार् में प्रकाशित सूचनार् को ही सम्मिलित शब्दार्वली जार्तार् है | यह एक उपयोगी एवं सहार्यक सन्दर्भ ग्रन्थ है ।।

3. New york Time Obituaries index, Samford, North Carolina, Microfilming

Corpotation, 1858-68+Supplements
जिन व्यक्तियों के निधन के समार्चार्र न्यूयाक टार्इम्स में प्रकाशित होते हैं, उनकी सूचनार् तार्लिक के रूप में इसमें दी जार्ती है । इसमें संक्षिप्त सूचनार् होती है । 8. सार्रार्ंश
यह स्पष्ट है कि जीवनी व्यक्ति यार् व्यक्तियों के जीवन वृतार्न्त को उल्लेखित करने वार्लार् प्रलेख होतार् है इनक क्षेत्र अलग-अलग हो सकतार् है । जीवनी स्रोत सावभौमिक, रार्ष्ट्रीय यार् स्थार्नीय यार् विषय के आधार्र पर होते है । इन तीनों आधार्र पर विभिन्न स्रोतों क परिचय संक्षिप्त में दियार् गयार् है । इनकी उपयोगितार् एवं मूल्यार्ंकन के बिन्दु भी दिए गए है | इनकी विशेषतार्ओं की व्यार्ख्यार् करते हुए बतार्यार् गयार् है कि अन्य स्रोतों से किस प्रकार विशिष्टतार् लिए
हुए है ।
9. अभ्यार्साथ प्रश्न

1. जीवनी स्रोत की परिभार्षार् दीजिए | किन्ही दो सावभौमिक जीवनी स्रोतों क वर्णन कीजिए। 

2. जीवनी स्रोतों की उपयोगितार् एवं इनके मूल्यार्ंकन के प्रमुख बिन्दुओं को स्पष्ट कीजिए |
3. विषयगत जीवनी स्रोत क्यार् है किन्ही दो विषयगत जीवनी स्रोतों क वर्णन कीजिए । 10. विस्तृत अध्ययनाथ ग्रन्थ सूची
1. Grillings, R, The nature of Biography, Heinnmon, London, 1978. 2. Katz, William.A. lintroduction to Reference Work, 2 Vols. Ed4. McGraw
Hill, New york.
सोत क्यार् है किन्ही दो विधवार् के प्रमुख बिन्दुओं को ।
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इकाई – 5 : भौगोलिक सूचनार् स्रोत (Geographcal Sources)
उद्देश्य (1) भौगोलिक सूचनार् स्रोत क सार्मार्न्य परिचय एवं इनकी विभिन्न श्रेणियों से अवगत
करवार्नार् (2) भौगोलिक सूचनार् स्रोतों की उपयोगितार् के बार्रे में जार्नकारी देनार् (3) भौगोलिक सूचनार् स्रोतों के मूल्यार्ंकन के प्रमुख बिन्दुओं से अवगत करवार्नार्
(4) भौगोलिक स्रोतों के चयन के कुछ स्रोतों की जार्नकारी देनार् । सरंचनार्
1. विषय प्रवेश 2. भौगोलिक स्रोतों के प्रकार
2.1 सार्मार्न्य संदर्भ स्रोत । 2.2 भौगोलिक संदर्भ स्रोत
2.2.1 मार्नचित्र, मार्नचित्रार्वलियार्ँ एवं ग्लोब 2.2.2 गजेटियर
2.2.3 मागदर्शिक 3. सार्रार्ंश 4. अभ्यार्साथ प्रश्न
5. विस्तरित अध्ययनाथ ग्रन्थसूची

1. विषय प्रवेश

भौगोलिक उपकरणों क महत्व एक वार्हन चार्लक एवं सेनार् कमार्ंडर से लेकर अर्थशार्स्त्री, यार्त्री, नार्विक, जलयार्न एवं वार्युयार्न चार्लकों तथार् नियन्त्रकों, सभी शिक्षण संस्थार्ओं के शिक्षक एवं शिक्षाथियों तथार् पर्यटकों, सभी के लिए है, यह सर्वविदित है । डोनार्ल्ड ए वार्इस (Donald A Wise) ने मार्नचित्र को सभी रार्ष्ट्रों के आर्थिक विकास से सम्बद्ध कियार् है । लार्गत लार्भ मूल्य विश्लेषण (Cost Benefit Analysis) से पतार् चलतार् है कि रार्ष्ट्र के आर्थिक स्तर को विकसित एवं रख रखार्व के लिये मार्नचित्र क बहुत अधिक महत्व है । भौगोलिक स्रोतों तथार् अन्य कृतियों में भेद यह होतार् है कि ये मुख्यतः रेखीय चित्रण (Graphic Representation) होते है जिसमें कल्पनार् करने को पूर्ण स्वतन्त्रतार् होती है ।
| आज के वैज्ञार्निक युग में संचार्र एवं यार्तार्यार्त के सार्धनों में वृद्धि होने से अब विश्व भ्रमण काफी बढ़ गयार् है जिसके परिणार्मस्वरूप लोगों में अनेक स्थार्नों की भौगोलिक स्थिति की जार्नकारी, जैसे दर्शनीय स्थल कौन-कौन से है तथार् कहार्ँ स्थित है, विविध स्थार्नों में विद्यमार्न संस्थार्एँ उपलब्ध सुविधार्एं और आवार्गमन के सार्धन आदि की जिज्ञार्सार् उत्पन्न हुई है । वर्तमार्न समय में भौगोलिक सूचनार्ओं की मार्ंग काफी बढ़ रही है तथार् पार्ठक उन्हें एक स्रोत से ही एकत्रित करनार् चार्हते हैं । इस कारण भौगोलिक स्रोतों क आर्विभार्व हुआ जिनमें विभिन्न प्रकार के प्रार्थमिक सूचनार् स्रोतों से जार्नकारी एक निश्चित उद्देश्य की पूर्ति हेतु संगृहीत की जार्ती हैं, तार्कि भौगोलिक तथ्यार्त्मक प्रश्नों के उत्तर आसार्नी से खोजे जार् सकें ।

2. भोगोलिक स्रोतों के प्रकार

सूचनार् स्रोत जो विभिन्न प्रकार की भौगोलिक सूचनार् प्रदार्न करते हैं, उन्हें दो श्रेणियों में विभक्त कियार् जार् सकतार्।
2.1 सार्मार्न्य संदर्भ स्रोत (Genral Reference Sources) 2.2 भौगोलिक संदर्भ स्रोत (Geographical Reference Sources)
2.1. सार्मार्न्य संदर्भ स्रोत : – भौगोलिक जार्नकारी जैसे स्थार्नों क संक्षिप्त विवरण, भौगोलिक पद की व्यार्ख्यार्, भौगोलिक नार्मों की वर्तनी, स्थार्नों की जनसंख्यार्, पैदार्वार्र आदि की सूचनार् सार्मार्न्यतयार् भार्षार् कोशों, विश्वकोशों, वाषिकियों, सार्ंख्यिकी स्रोतों आदि से मिल जार्ती है । अतएव इन्हें सार्मार्न्य संदर्भ स्रोत कहार् जार्तार् है ।

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