स्टीरियोटार्इप क अर्थ, परिभार्षार्, मनोविज्ञार्न एवं प्रकार

स्टीरियोटार्इप क अर्थ, परिभार्षार्, मनोविज्ञार्न एवं प्रकार


7 reader

अनुक्रम

स्टीरियोटार्इप शब्द क उद्भव ग्रीक भार्षार् के (Otepeotuttoc) शब्द से हुआ है। इसक सार्हित्यिक अर्थ सोलेड काइन्ड (Solidkind) है। यह शब्द फरमिन डीडोट (Firmnin Didot) जो प्रिटिग वर्ल्ड से थे उनके द्वार्रार् ईजार्द कियार् गयार् थार्। मूल रूप से यह एक मौलिक टार्इपोग्रार्फिकल एलीमैन्ट (Typographical Element) से बार्र-बार्र कुछ छार्पने की प्रक्रियार् थी। अमेरिक के पत्रकार वार्ल्टर लीपमैन (Walter Lippmann) स्टीरियार्टेार्इप को ऐसार् लक्षण बतार्ते है जिसके कारण हमार्रे जहन में कोई तस्वीर अगर बैठ जार्ती हे तो वह चार्हे सही हो यार् गलत हम उसे हिलार् नहीं सकते । फिर यही तस्वीर हमार्रे स्टीरियोटार्इप विचार्र क नेतृत्व (Lead) करती है। स्टीरियोटार्इप (Stereotype) शब्द क प्रयोग अंग्रेंजी में पहली बार्र 1850 में कियार् गयार् थार् और इसे संज्ञार् क रूप भी दियार् गयार् थार्, जिसक अर्थ एक स्थार्यी छवि से थार् जो बदल नहीं सकती।

स्टीरियोटार्इप क अर्थ

हमें अपने आस-पार्स की सूचनार्ओ को केवल ग्रहण करनार् ही नहीं अपितु उस सूचनार् को आलार्चेनार्त्मक रूप से विश्लेषण करनार् भी आवश्यक है। क्योकि सूचनार् अपने आप में कुछ ज्यार्दार् नहीं बार्ले ती बल्कि उनकी व्यार्ख्यार् ही सूचनार् को महत्वपूर्ण बनार्ती है। हम सूचनार्ओं के एक ऐसे अस्त-व्यस्त ससार्ंर में रहते है, जहार्ँ सूचनार्ओं को अर्थपूर्ण, ताकिक और शीघ्र समझने के लिए हमें उनके वर्गीकरण की जरूरत होती हे और ये वर्गीकरण आगे जार्कर स्टीरियार्टेार्इप विचार्रों क आधार्र बनतार् है।ये सूचनार्एं यार् स्टिमयुलस हमार्रे सज्ञार्ंनार्त्मक मार्नचित्र में एक खार्स सार्चें (Pattern) में अंकित होती है। जिनसेये हमार्रे आस-पार्स की वस्तुओ प्रार्णियों तथार् अन्य घटनार्ओं को समझने क एकनजरियार् उत्पन्न करती है। दूसरे शब्दों में हमें अपने सार्मार्जिक पर्यार्वरण को दखेने क दृष्टिकोण पोषण करती है जिसकी बार्द में हमार्रे अभिवृत्ति (Attitude) में ढलने की सम्भार्वनार् काफी प्रबल रहती है। हॉर्न (1974) ने स्टीरियोटार्इप को स्थिर, औपचार्रिकृत (और मार्नकीकृत और इसलिए शार्यद बेबुनियार्द), वार्क्य, विचार्रयार् विश्वार्स के रूप में परिभार्षित कियार् है। जैसार् कि हमें परिभार्षार् से पतार् लगतार् हे कि स्टीरियार्टेार्इप हमार्रे स्थिर विश्वार्सों क एक मसलार् है और विश्वार्स समार्जीकरण की प्रक्रियार् में पुष्ट होते है। इसलिए स्टीरियार्टेार्इप क जन्म समार्जीकरण की प्रक्रियार् में देखार् जार् सकतार् है। स्टीरियार्टेार्इप और समार्जीकरण दोनों प्रार्य: अचेत (Subconscious) प्रक्रियार्एं है, जिससे गुजरने वार्लों को इसक भार्न नहीं होतार्।

उपर्युक्त परिभार्षार् से एक और जरूरी बार्त उजार्गर होती है कि स्टीरियोटार्इप मूल्यों से मुक्त नहीं है और स्टीरियोटिपिकल विचार्रों की बेबुनियार्द हार्ने की सम्भार्वनार् अधिक होती है। अर्थार्त् हमार्रे स्टीरियोटिपिकल विचार्र पूर्वार्ग्रह से ग्रसित हो सकते है।

उदार्हरण के तौर पर हिन्दू समुदार्य के लोगों और मुिस्लम समुदार्य के लोगों क परस्पर व्यवहार्र सार्मार्जिक और सार्ंस्कृतिक मूल्यार्कंन तथ्यों पर आधार्रित न होकर किवदंतियो, सुनी सुनार्ई बार्तोंयार् मीडियार् चित्रण पर आधार्रित हो सकतार् है। क्योकि यह अवलार्केनयार् निष्कर्ष, किसी तथ्ययार् प्रमार्ण पर आधार्रितनहीं है। अत: इस स्टीरियोटिपिकल विचार्र की गलत हार्ने की सम्भार्वनार् बढ़ जार्ती है।

स्टीरियार्टेार्इप आम तौर पर एक बोध होतार् हे जोकि, एक समूह के लोगों द्वार्रार् दूसरे समूह के लार्गेो क मूल्यार्कंन करने में सहार्यतार् करतार् है। इस बोध के कारण एक समूह के लार्गेो क व्यवहार्र दूसरे समूह के लोगों के लिए निश्चित हो जार्तार् हैयार् फिर दूसरे शब्दों में एक समूह की दूसरे विशेष समूह के बार्रे में पक्की धार्रणार् बन जार्ती है। जिसे हम स्टीरियार्टेार्इप धार्रणार्यार् जिस समूह के लार्गेो के बार्रे में धार्रणार् बन जार्ती है उस समूह के लोगों की स्टीरियार्टेार्इप छवि कह सकते है। यह धार्रणार् किसी समूह के व्यक्ति में जब विकसितयार् घर कर लेती है तो वह दूसरे समूह के व्यक्ति क उसकी आँखों की गतिविधियार्ं यार् फिर दूसरार् जैसे उसकी वेश-भूषार् आदि बार्तों से विश्लेषण करती है, जिसक आधार्रयह स्टीरियार्टेार्इप धार्रणार्, बोध यार् उसके दिमार्ग में घर कर गई एक विशेष समूह की छवि है।

इस तरह से हम स्टीरियार्टेार्इप को एक ऐसार् पूर्वार्ग्रह कह सकते है। जो एक समूह के लोगों को दूसरे समूह के व्यक्तियों की गलत छवि बनार्ने में उकसार्तार् है। इस छवि के आधार्र नस्ल, सार्मार्जिक समूह में विविधतार्यार् उनकी धर्म, भार्षार् यार् फिर लिंग भेद कुछ भी बनते हैं जिनकी मजबूत नींव कायम करतार् है व्यक्ति के दिमार्ग में जड़ पकड़ चुक पूर्वार्ग्रह।

इस प्रकार स्टीरियोटार्इप धार्रणार् एक विचार्र यार् छवि को बनार्तार् होतार् है जो एक रूढिव़ार्दी यार् आमतौर की धार्रणार् से पैदार् हो सकते है। तथार् आम हो सकते है। स्टीरियोटार्इप कई बार्र दो चरों के बीच भ्रम यार् भ्रार्ंति क एक ऐसार् सम्बन्ध यार् परस्पर सम्बन्ध कायम करतार् है, जो नुकसार्न दये हो सकतार् है। स्टीरियार्टेार्इप एक तरह से नकारार्त्मक बोध होतार् है तथार् यह सकारार्त्मक भी हो सकतार् है परन्तु नकारार्त्मक टोन में ही होतार् है।

स्टीरियोटार्इप विचार्र बनार्ने क एक कारण होतार् है, जब कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्तियों को जो किसी दूसरे नस्ली यार् जार्तीय समूह से है, उनको ठोस रूप से नहीं जार्नतार् यार् उनसे उनकी घनिष्ठतार् नहीं होती। घनिष्ठतार् की यह कमी फिर सब व्यक्तियों में स्टीरियार्टेार्इप विचार्र के पक्क हार्ने में सार्हस देती हे अर्थार्त एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में इसक संचार्र होतार् है किसी विशेष समूह के बार्रे में धार्रणार् बनार्ने में ये सहार्यतार् करतार् है। थार्डे़ शब्दों में कहार् जार्ए तो जार्नकारी क अभार्व भी कई बार्र स्टीरियार्टेार्इप विश्वार्स को जन्म दने में मुख्य भूमिक निभार्तार् है।

विभिन्न अनुशार्सन यार् विधार् स्टीरियार्टेार्इप के विकास के बार्रे में विभिन्न स्पष्टीकरण देते है। मनोवैज्ञार्निक स्टीरियार्टेार्इप क कारण जार्नने के लिए दो समूहों के आपस में अनुभव, उनमें संचार्र के पैटर्न तथार् अन्र्त समूह प्रतिकलू तार् पर फार्के स करते है। तार्कि स्टीरियार्टेार्इप के कारण को जार्न सक।ें जब समार्जशार्स्त्री स्टीरियार्टेार्इप को जार्नने की काेि शश करते हैं तो वे दो समूहों के आपस में सम्बन्ध तथार् उन विभिन्न समूहों के सार्मार्जिक प्रार्रूप में स्थिति क अध्ययन करते है।

अत: ये एक समार्जशार्स्त्री तथार् मनोवैज्ञार्निक के विभिन्न तरीके यार् कारण है जो स्टीरियोटार्इप विचार्रधार्रार् को प्रमार्ण देते है।

सैन्डरगिलमैन (Sandergilman)ने अपनी परिभार्षार् में कहार् हे कि “प्रतिनिधित्वतार् सही नहीं हो सकती परन्तु एक से दूसरे को प्रक्षपेक है।”

स्टीरियार्टेार्इप विचार्र समूहों क सही प्रतिनिधित्व नहीं कर सकतार्, बल्कि उनकी व्यार्ख्यार् करने तथार् उनके बीच के अन्तर को स्पष्ट करने में एक अर्थ दे सकतार् है अर्थार्त सहार्यतार् कर सकतार् है। स्टीरियार्टेार्इप सार्मग्री समूह के सार्मार्जिक स्तर की स्थिति को निर्धार्रित तो कर सकती हे पर उस समूह के व्यक्तियों की व्यक्तिगत विशेषतार् नहीं बतार् सकती जो वार्स्तव में किसी व्यक्ति विशेष को होती है।

जिन समूहों के पार्स सार्मार्जिक और आर्थिक लार्भ कम यार् नार्म मार्त्र होते है, स्टीरियार्टेार्इप विचार्र उन समूहों की व्यार्ख्यार् करने में सहार्यतार् करतार् हे अर्थार्त् वह उनकी असमार्नतार् को दर्शार्तार् है। जसैे निम्न रार्जेगार्र मूल्य की बार्त कर सकते है। एक ऐसार् व्यक्ति जो निम्न वर्ग यार् जिसे सार्मार्जिक और आर्थिक लार्भ कम प्रार्प्त है और काम मिलने में उसे बेहद कठिनार्ई क सार्मनार् करनार् पडत़ार् हे उस व्यक्ति की तुलनार् में जो समार्ज में एक उच्च जार्ति क है तथार् सार्मार्जिक तार्कतों को प्रतिनिधित्व कर रहार् है। उस निम्न व्यक्ति को तो स्टीरियोटार्इप विश्वार्स की वजह सेनकारार् घोषित करके कामनहीं दियार् जार्तार्, जबकि वह दक्ष है, परन्तु उस उच्च जार्ति के व्यक्ति को काम मिल जार्तार् है जबकि शार्यद वह उस निम्न वर्ग के व्यक्ति से उस काम को करने में कम दक्ष है। इस तरह स्टीरियोटार्इप विचार्र के कारण व्यक्ति क विश्लेषण कियार् जार्तार् है तथार् वह निम्न वर्ग क व्यक्ति कार्य प्रार्प्त नहीं कर पार्तार्। स्टीरियार्टेार्इप दो समूहों के बीच के अन्तर को बढाऱ् चढाऱ् कर उस पर फार्केस करने में अहम भूमिक निभार्ते है।

स्टीरियोटार्इप क मनोविज्ञार्न

श्रेणीकरण और जुडार्व स्टीरियोटार्इप विचार्र के दो आधार्रभूत विषय है।

1. श्रेणीकरण :- हम समूह के लोगो को उनकी विशेषतार्एँ जैसे आयु, नस्ल यार् फिर उनके लिंग आदि के आधार्र पर पहचार्नते है अर्थार्त इन विशेषतार्ओं के कारण उन्हें एक श्रेणी में रख दियार् जार्तार् हे जो स्टीरियोटार्इप ने हमार्रे मस्तिष्क में यार् जहन में पैदार् की है। आरै ऐसार् इसलिए होतार् हे क्योकि हममें जार्गरूकतार् क अभार्व होतार् है।

2. जुडार्व:- जब हमार्रे दिमार्ग में स्टीरियोटार्इप विचार्र यार् विश्वार्स बैठ जार्तार् है, दसूरी भार्षार् में जब हम स्टीरियोटार्इप होते है तो जो विशेषतार्एँ किसी समहू के लार्गे ों के बार्रे में हमार्रे दिमार्ग में है उनको हम उस समहू के लोगो से जार्डेक़र हमार्रे स्टीरियोटार्इप विश्वार्स को पक्क करते है। स्टीरियोटार्इप को पक्क करने के लिए जो किसी व्यक्ति यार् समूह के व्यवहार्र की उपलब्धतार् हमार्रे दिमार्ग में होती है, हम उसे ही सही ठहरार्ने क प्रयार्स करते है इस तरह से हम कह सकते है  कि स्टीरियोटार्इप एक ऐसार् विचार्र है जो उपलब्धतार् पर निर्भर करतार् है। इस तरह हमार्रे जहन मे वही आतार् हे जो विशेषतार् उस व्यक्ति यार् समहू की हम जार्नते है इस तरह हम सम्बन्धित व्यक्ति क स्टीरियोटिकल विश्लेषण तौर पर जैसे कि केवल अफ्रीकन अमेरिकन लोगो को ही मीडियार् में अपरार्धी के रूप में दर्शार्यार् जार्तार् है, उन्हें अत्यधिक स्टीरियोटार्इप सार्चें में ढार्ल दियार् जार्तार् है। फिर हर इन्सार्न यही सोचतार् है कि हर अफ्रीकन अमेरिकन अपरार्धी है। इस तरह उनकी छवि स्टीरियोटिपिकल हो जार्ती है।

स्टीरियोटार्इप के प्रकार

विभिन्न देशो केनस्ल और एथनिक आधार्र पर स्टीरियोटार्इप के प्रकार:-

1.नेटिव अमेरिकनस स्टीरियोटार्इप स (Nativeamericansstereotypes ):- जब उपनिवेशवार्द शरुु हुआ तो समूहों के बिखरार्व से, खार्सतौर पर जोनस्लें अल्पसंख्यक थी, उन्हार्नें संयुक्त रार्ज्य को रार्ष्ट्र की शुरुआत दी। इस उपनिवेश के सार्थनेटिव अमेरिकन क जन्म हुआ। जिसने (Savage) स्टीरियोटार्इप छवि को जन्म दियार्। यह स्टीरियार्टेार्इप छवि नेिटव अमेरिकन के लिए प्रयोग में आई। इनको लोकप्रिय मीडियार् में जगंली, असभ्य, खतरनार्क और वैहशी लोगों की तरह चित्रित कियार् जार्तार् है जो व्हार्इट सैटलर, काऊब्वार्यज और स्टेजकोचस (Stagecoaches) पर निरन्तर आक्रमण करते रहते है। जो अपने मुँह पर हार्थ रखकर तरह-तरह की आवार्जें निकालते है। काटर्नू , कॉमिक और एनीमेिटड फिल्मों में इन्हें गहरे लार्ल रंग से चित्रित कियार् जार्तार् हे अर्थार्त इनकी त्वचार् को लार्लार् दिखार्यार् जार्तार् है। उदार्हरण के तौर पर फिल्म पीटर पैन (1953) में इनक स्टीरियोटिपिकल चित्रण कियार् गयार् है।

2. कनेडियन स्टीरियोटार्इप (Canadianstereotypes):- कनेडियन लोगो की ऐसी स्टीरियार्टेार्इप छवि हे कि उन्हें बीयर पीतार् हुआ, खार्स तौर के कपडे़ पहने हुए और एक अच्छे हॉकी खिलार्ड़ी के तौर पर दिखार्यार् जार्तार् है। और ये अपनार् वार्क्य हमश्ेार्ार् “Eh” के सार्थ समार्प्त करते है। यह स्टीरियार्टेार्इप छवि Bob & Dongact जो अमेरिक में 1970 में CTV पर चित्रित हुआ थार्, उस पर आधार्रित और विकसित हुई है। इस स्टीरियार्टेार्इप के आधार्र पर कनार्डाऱ् के लोगों की यह छवि है कि वे हमेशार् शार्न्त स्वभार्व के रहते है।

3. ब्लैक स्टीरियोटार्इप (Blackstereotypes):- बीसवीं शतार्ब्दी के मध्य में और इससे पहले भी ब्लैक लोगों को हमेशार् मार्नै , असभ्य, आलसी, शैतार्न, जगंली और un-Christian रूप में चित्रित कियार् गयार्।ये विचार्र जों Anglo-Saxon उपनिवेशी थे वे अपने सार्थ संयुक्त रार्ष्ट्र ले गये। सफदे उपनिवेश हमेशार् यह विश्वार्स रखते है कि काले लार्गे सफेद लोगों से हीन है।ये स्टीरियार्टेार्इप विचार्र कालों को दार्स के रूप में जार्नने में सहार्यतार् करते है तथार् इस कारण इन्हें इनकी सार्मार्जिक-आर्थिक स्थिति में निम्न रखकर देखार् जार्तार् है। इस कारण इन्हें आमतौर पर दार्स,नार्कै र, गन्नों के खेत में काम करते हुए, कपार्स के गठठ्ों को उठार्ते हुए दिखार्यार् जार्तार् है। कई बार्र इन्हें चर्च में संगीत बजार्ते हुए चित्रित कियार् जार्तार् है।

4. आधुुिनिक ब्लैकैक स्टीरियोटार्इप (Modern Blacksterotypes):- लगभग 1960 के आस-पार्स काले लोगों की छवि में कुछ बदलार्व आयार्। जोकि कुछ मार्ध्यमों (Media) में थार्। अब उनकी छवि कुछ सकरार्त्मक बनी। अब काले लोगों और अफ्रीकन अमेरिकन को अच्छे खिलार्डी़ और एक अच्छे प्रेमी के रूप में चित्रित कियार् जार्ने लगार्। 1970 के पार्स काले लोगों को अच्छार् व्यवहार्र करने वार्ले दयार्लु, ईमार्नदार्र और बुद्धिमार्न के रूप में दर्शार्यार् गयार्। कहने क तार्त्पर्य यह है कि 1970 के पश्चार्त् काले लोगों की छवि आधुनिक काले लोगों की छवि ने ग्रहण कर ली थी, जो सकारार्त्मक स्टीरियोटार्इप इमेज बन गई थी।

5. अरेबिक उत्तरी अफ्रीकन और मध्य पूर्वी स्टीरियोटेार्पस (Arabic, Northafrican and Middle Easternstereotypes):- इन्हें अक्सर कट्टर मुस्लिम और मार्रने मरने पर उतार्रू रहने वार्ले, चिल्लार्-चिल्लार् कर बार्त करने वार्ले तथार् कम बुद्धिमार्न के रूप में चित्रित कियार् जार्तार् है। इनकी बढी़ हुई मछूें, दार्ढी़ दिखार्कर एक उपहार्स चित्र के रूप में प्रस्तुत कियार् जार्तार् है। इन मुस्लिमों की जो लार्के प्रिय छवियार्ँ प्रस्तुत की जार्ती है उनमें एक चटार्ई पर उडत़े हएु , रस्सी के सहार्रे किसी पर्वत पर चढत़े हुए, ऊटँ की सवार्री करते हुए, तथार् क्रोधित रूप में तलवार्र पकडत़े हुए तथार् एक पण्डार्ल में हुक्के के द्वार्रार् धर्मूपार्न करते हुए दर्शार्यार् जार्तार् है। अरेि बक लोगों को अक्सर अमीर, शख्ेार्, चश्मार् पहने हुए और सर पर तथार् काधंो पर मफलर बार्ंधे हुए दिखार्यार् जार्तार् है। अरेबिक और तों को बुरक पहने हुए और हार्थ में फूल दार्न लिए हुए दिखार्यार् जार्तार् है। अरेबिकयुवतियों को बैली (Belly) नृतिक के रूप में दिखार्यार् जार्तार् है। लगभग 1970 से 2001 तक अरेिबक लोगों को आतकं वार्द को पूरे विश्व में फैलार्ने कीनकारार्त्मक छवि के रूप में चित्रित कियार् गयार्। कई पश्चिमी दश्ेार्ो में इन्हें अशिक्षित, अपरार्धी, अक्रार्मक और खतरनार्क लोगों की तरह दिखार्यार् जार्तार् है, जो कामनहीं करते पर सरकार की स्कीमों क फार्यदार् उठार्ते हैं तथार् कइर्- कई बच्चे पैदार् करते है। अरेिबक लोगों को दुकानदार्र और सुपर माकेट के प्रबन्धक के रूप में दर्शार्यार् जार्तार् है।

6. भार्रतीय, पार्किस्तार्नी, हिन्दु और दूसरे दक्षिण एशियन स्टीरियोटार्इप (Indian, Pakistani, Hinduand Othersouthasianstereotypes):- इन्हें अक्सर एक दकुार्नदार्र, सुपरमार्कर्टे क क्लर्क, गरुुयार् सपेरे के रूप में चित्रित कियार् जार्तार् है। ये हार्थी की सवार्री करते है। गार्य की पजूार् करते है और काफी गर्म-गर्म रार्ेि टयार्ँ और सब्जी खार्ते है। ये बॉलीवडु फिल्में दख्ेार्नार् पसन्द करते है। इनकी कुछ और लोकप्रिय छवियार्ँ, जैसे बिनार् कपड़े पहने हुए एक फकीर, सम्मोहित करने वार्ले और जार्दूगर आदि है। कुछ और छवियार्ँ भी हे जिनके द्वार्रार् इन स्टीरियोटार्इप को चित्रित कियार् जार्तार् है, जैसे जलते हुए कोयले पर चलते हुए दिखार्नार्, चार्कू द्वार्रार् करतब करनार्, मिट्टी में दब जार्नार्। अब आधुनिक दिनों में ये लार्गे इण्डियन अमेिरकन सॉफ्टवये र प्रागेार्मर के रूप में जार्ने जार्ते है। संयुक्त रार्ष्ट्र में इनकी स्टीरियोटिपिकल जो छवियार्ँ है। वोये हे कि गजुरार्ती हार्टेल चलार्ते है, पजार्ंबी टैक्सी चलार्ते है। तथार् दक्षिण भार्रतीय सूचनार् तकनीकी के क्षेत्र में कार्यरत है।

7. पूर्वी एशियन स्टीरियोटार्इप (Eastasianstereotypes):- ये पूर्वी एशियन आमतौर पर मीडियार् में बुद्धिमार्न परन्तु एक बिनार् परिधीय दृष्टि के सार्थ चित्रित किए जार्ते है। इन्हें बुरार् ड्रार्ईवरयार् फिर मैरीटल आरटीस्ट के रूप में भी प्रस्तुत कियार् जार्तार् है। पश्चिम में इन्हें हमश्ेार्ार् लॉन्डरीज (Laundries) क मार्लिक दिखार्यार् जार्तार् है। चार्ईनीज लोगों को अक्सर मीडियार् में चार्वल की बनी चीजें खार्तार् हुआ, किसी एक काम के लिए लम्बी कतार्र में खडाऱ् हुआ, किम्बल (Cymbal) जो एक तरह क संगीतयन्त्र हे हार्थ में लिए हुए, सर पर बडी़ गार्ले टोपी तथार् हार्थ में रूमार्ल बार्ंधे हुए दिखार्यार् जार्तार् है। आधुनिक मीडियार् में इनकी छवि में थार्डेाऱ् बदलार्व आयार् है और इस छविने इनक मैरीटल आर्ट में सक्षम हार्ने वार्ली छवि को पीछे धकलेार् हैयार् लुप्त कर दियार् है। जार्पार्नी लोगों को आमतौर पर अत्यधिक विनम्र और आज्ञार्कारी परन्तु एकनार् पसन्द आने वार्लार् विदेशी के रूप में दर्शार्यार् जार्तार् है। इनकी अच्छार् व्यवसार्यी हार्ने की छवि भी मीडिय़ार् में प्रस्तुत की जार्ती है। चार्इर्नार्, जार्पार्न, कोरियार् के लोगों को मछली अधिक खार्ते हुए भी चित्रित कियार् जार्तार् है।

8. व्हार्ईट स्टीरियोटार्इप (Whitestereotypes)- बदलते हुए समय में व्हार्ईट स्टीरियार्टेार्इप की सार्मार्जिक परिभार्षार् में कुछ बदलार्व आ गयार् है। अब व्हार्ईट समूह के लोगों को मीडियार् द्वार्रार् बुद्धिमार्न नहीं दिखार्यार् जार्तार्। इन एथनिक समूहों में हम ब्रिटिश, आईरिश और स्लेव को शार्मिल करते है।

9. इगंलिश स्टीरियोटार्इप (Englishstereotypes):- इन लोगों को स्टीरियार्टेार्इप कियार् जार्तार् है कि वे बहे द शार्न्त, पर हठील,े घमण्डी टार्इप के होते है। उन्हें ब्रिटने के टी.वी. कार्यक्रमों में एक अच्छे कुक के रूप में दर्शार्यार् जार्तार् है। कनार्डाऱ् में और सयं ुक्त रार्ष्ट्र में ब्रिटिशयार् इगंलिश लोगों की अक्सर बुरे दार्तार्ंें वार्लार् चित्रित कियार् जार्तार् है। पूर्वीयरूार्पे में इगं लिश लोगों की जो छवि है वो ज्यार्दार् आकर्षितन दिखने की है। एक लार्के प्रिय ब्रिटिश स्टीरियार्टेार्इप में एक उच्च श्रण्ेार्ी के व्यक्ति को अक्सर एक अच्छी वश्ेार्भष्ूार्ार् पहने हुए, सर पर गार्ले टोपी, ब्लैक सटू पहने हुए और हार्थ में छार्तार् लिए हुए चित्रित कियार् जार्तार् है। ब्रिटिश स्टीरियार्टेार्इप को अक्सर व्यवसार्यी,नैनी (Nannies), विक्रेतार्, मिल्ट्री कमार्डं र के रूप में दर्शार्यार् जार्तार् है।

10. व्हार्ईर्टट अमेरिकन स्टीरियोटार्इप (Whiteamericanstererotypes):- यरूार्पे के दश्ेार्ों में इन्हें उतार्वले स्वभार्व वार्लार्, खुद को महत्व दने वार्लार्, अबुद्धिमार्न, अनैतिक यौन सम्बन्धी मुद्दों पर लज्जार्लु प्रवृति क और मार्टेार् व स्थलू चित्रित कियार् जार्तार् है। व्हार्ईट अमेरिकन की जोये मोटे होने की छवि बनी हुई है, वह अमेरिकन खार्ने की वजह से है। जैसे (McDonald’sand Burgerking) इसके अलार्वार् कुछ और लार्के प्रिय छवियार्ं है जिससे अमेिरकन को स्टीरियार्टेार्इप कियार् जार्तार् हे जैसे काऊब्वॉय(Cowboys), अतिविश्वार्सी तथार् सिगरेट पीते हुए एक व्यवसार्यी (See For Instance, Tintin inamericawhere Bothstereotypesare Present) और अनजार्न पर्यटकों क जार्डेाऱ् जिसे वार्स्तविक संस्कृति में न रूचि हे तथार् न ही वे इसको महत्व देते है। (See For Instance, theamerican Couple depicted in the Fawlty Towers episodewaldortsalad) 1960 और 1970 के दौरार्न, वियतनार्म युद्ध के आस-पार्स अमेरिक और अमेरिकन की छवि में और अधिक बदलार्व आयार्। अब अमेरिकन की छवि पूरे विश्व में और अधिकनकारार्त्मक बन गई। जैसे अमेरिकन अहकांरी, बेरहम, सम्रार्ज्यवार्दी, पूंजीवार्दी, युद्ध करने वार्ले अन्तररार्ष्ट्रीय संस्कृति तथार् प्रार्कृतिक पर्यार्वरण को नष्ट करने वार्ले है। यह स्टीरियोटिपिकलनकारार्त्मक छवि कई वर्षों से बरकरार्र है। विदशी समार्चार्रों मे वृत्तचित्र रिपाटे में अक्सर अमेरिकन की ये छवियार् दिखार्ई जार्ती है।

11. स्कोटिश स्टीरियोटार्इप (Scotishstereotypes):- इन लोगों को अक्सर कठोर, कजंसू , चिड़िचडाऱ् और लार्ल बढी़ हुई दार्ढी़ वार्लार् दर्शार्यार् जार्तार् है। इन्हें चनु टदार्र सकर्ट पहने दिखयार् जार्तार् है। इन्हें प्रार्य: स्कॉच विस्की पीते हुए और डीप फ्रार्इड पिज्जार् खार्ते हुए स्टीरियोटार्इप कियार् जार्तार् है। इन्ह गोल्फ और हार्ईलैण्ड गेम्स (Golf or Highland Games) खेलते हुए दिखार्यार् जार्तार् है। इनकेनार्म अधिकतर “Mac” से शरुु होते है। तथार्ये अपने बार्तचीत में स्टीरियोटिपिकल शब्द जसैे Taye(बेबीनमे ), laddie(थोडाऱ् समय),wee(लडक़ार्) और “r” Letter पर अधिक जोर देते है। स्कोटिश स्टीरियोटिपिकल लोगों के उदार्हरण है।

12. वैल्श स्टीरियोटार्इप welshstereotypes:- इन लोगों को आमतौर से सुस्त लोगो (Dull People) पर गार्नार् गार्ने क एक खार्स हुनर रखने के रूप में चित्रित कियार् जार्तार् है। वैल्श लोगों की यह छवि हे कि ये नए लोगों से मिलने में परहजे करते हैं तथार्नार् ही नए विचार्रों क स्वार्गत करते ह®। वैल्श लार्गेों में इंग्लिश लोगों के प्रति हीन भार्वनार् होती हे औरये लार्गे अपनी शरार्ब तथार् ब्लडैं फडू (स्वार्स्थ्य के लिए लार्भदार्यक भोजन) के लिए भी जार्ने जार्ते है।

13. आस्टे्रलियन स्टीरियोटार्इप (Australianstereotypes):- ऐसे चरित्र को हमश्ेार्ार् Crikey (अचम्भित हार्ने की मुद्रार्), G’day (अच्छार् दिन)ए डंजम (दोस्त) आदि भार्वों क प्रयोग करते हुए दिखार्यार् जार्तार् है। ये अक्सर दुनियार्दार्री से दूर, बियर (Beer) क अत्यधिक प्रयार्गे करते हुए, लहरों पर तैरते हुए दिखार्ए जार्ते है। कगार्ंरुओं को दिखार्कर भी इनक प्रतिनिधित्व कियार् जार्तार् है। आस्ट्रेलियन पुरुषों को अक्सर एक मर्दार्नार् (Macho) एनार्रीद्वेषक, निर्दयी और महिलार्ओं को कामकू (Sexy) बुलार्कर सम्बोधित करते हुए दिखार्यार् जार्तार् है।

14. ज्यूविश स्टीरियोटार्इप (Jewishstereotypes):- इनक उदभ्ार्व उन्नीसवीं शतार्ब्दी में आधुनिकयूरोपियन के पवूार्गह जो इनके बार्रे में उनके जहन में थार् उसके कारण हुआ। आज इन्हे। यहूदी लार्गे (Semitic Peoples) केनार्म से पुकारार् जार्तार् है। जो आर्यन और इण्डोयरूार्ेि पयन से बिल्कुल अलग है। ज्यश्ूार् इन लार्गों के धर्म से अपने आपको अलगनहीं करते पर इनकीनस्ल और अन्य बार्तों से अपने आपको अलग रखते हैंयार् असहमती जतार्ते है। 1904 के आस-पार्स ज्यसू लार्गेों को “ार्ड्यन्त्रकारी व्यार्यसयी के रूप में चित्रित कियार् जार्तार् थार्। इनके पश्चार्त इन्हें फिल्मोंयार् हार्स्य कार्यक्रमों में घुघंरार्ले बार्लों और लम्बीनार्क के सार्थ दर्शार्यार् गयार्। आजकल इन्हें प्रार्कृतिक तौर पर बुद्धिमार्न की तरह स्टीरियार्टेार्इप कियार् जार्तार् हे और इन्हें पैसे कमार्ने की सार्चे रखने वार्लार् दिखार्यार् जार्तार् है।

15. फ्रैच स्टीरियोटार्इप (Frenchstereotypes):- फ्रार्ंस के लोगों को अक्सर गदार्ं, बिनार् शेव किए, घुघंरार्ली मछूों, गार्ले टोपी और धार्रीदार्र कमीज पहने हुए चित्रित कियार् जार्तार् है। इन्हें अक्सर घमण्डी, चिड़िचडाऱ् , आलसी, विदश्ेार्ी लोगों के प्रति असभ्य दर्शार्यार् जार्तार् है। इन्हें Craissants (Smallsweet Bread) क आदी दिखार्यार् जार्तार् है। इनकी जो सकारार्त्मक छवि दर्शार्यी जार्ती है वो इन की एक अच्छे बार्वर्ची हार्ने की है। इन्हें कार्टनू स में भी मजार्कियार् तौर से चित्रित कियार् जार्तार् रहार् है।

17. जर्मन स्टीरियोटार्इप (Germanstereotypes):- जर्मन स्टीरियार्टेार्इपस को हम चार्र अलग-अलग श्रेणी में रख सकते है:-

(i) ऊबमेन्श स्टीरियोटार्इप (Ubermenschstereotypes):- ये जमर्न स्टीरियार्टेार्इप की एक श्रेणी है। ऊबमेन्श लोगों को अतिसयं मी, मजार्क न करने वार्ले अति ऊर्जार् वार्ले जटिल सिद्धार्न्तों वार्ले और अच्छे मैकेिनक तथार् लम्बे कद काठी वार्ले एक खूबसरू त चहे रे के धनी के रूप में चित्रित कियार् जार्तार् है। इन्हें मिल्ट्री लीडर और व्यवसार्यी के रूप में भी स्टीरियार्टेार्इप कियार् जार्तार् है।

(ii) बवेिरयन स्टीरियोटार्इप ( Bavarianstereotypes):- इन्हें शार्न्त स्वभार्व क दर्शार्यार् जार्तार् है। पुरुषों को जर्मन की परम्परार्गत वश्ेार्भष्ूार्ार् (Leaderhosen), टार्यरोलीन हैटस (Tyrolean Hats) पहने हुए और मूंछ रखे हुए चित्रित कियार् जार्तार् है। जबकि महिलार्ओं को ड्रिडं लस (Dirndles) पहने हुए दर्शार्यार् जार्तार् है और दोनों पुरुष और महिलार्ओं को अधिकतर सफेद , हरार् और लार्ल रंग के पोषण क शौकीन दिखार्यार् जार्तार् है। इन्हें बियर (Beer) पीते हुए और (Schnitzel), (Sauerkraut) और (Sauerbraten) खार्ते हुए दिखार्यार् जार्तार् है।ये ओमपार्ह (Oompah) सगं ीत के शार्कै ीन और उस पर थिरकते दिखार्ए जार्ते है।ये स्टीरियोटिपिकल विचार्र सार्उथरन जर्मन, बवेरियन और आस्ट्रेलियन सब पर स्टीरियार्टेार्इपड किए जार्ते है। अर्थार्त सभी जर्मन इन छवियों से स्टीरियार्टेार्इपड है।

(iii) बीयर मडैने स्टीरियोटार्इप (Beer Maidenstereotype):- इन्हें बवेरियन के सब सैट (Subset) के रूप में चित्रित कियार् जार्तार् है। बीयर मैडने स महिलार्ओं को सुन्दर, आकषर्क , मजबतू व स्वस्थ महिलार्ओं के रूप में दिखार्यार् जार्तार् हे जो भरूे और हल्के पीले रगं के बार्ल रखती हे तथार् उनके सुडाऱ् ले स्तन होते है और उनकी भुजार्ऐं एक दर्जन बियर (Beer) की बोतल को एक सार्त उठार् सकती है। नार्जी और आयर्न (Aryan) के अनुसार्र ये महिलार्एँ पुरुषों की तरह लेबर  करने में सक्षम है, परन्तु इनमें एक सुन्दरनार्रीत्व भी है तथार्येनई पीढी़ को जन्म देती है।ये महिलार्एँयार्द्धैार् के रूप में चित्रित की जार्ती है।

(iv) रिसन्ेट एण्ड अदर स्टीियार्टेटेार्इपस (Recentand Otherstereotypes):- ब्रिटने में दूसरे विश्वयद्धु के बार्द जर्मननार्गरिक की एक अलग छवि बनी। इस स्टीरियार्टेार्इप लार्के प्रियतार् से जर्मन के प्रयर्टकों पर चित्रित कियार् गयार् किये प्रभार्वपूर्ण, शार्न्त, इज्जत देने व करने वार्ले है, परन्तुयुद्ध क जिक्र आते हीये बेचैन (Nervous) हो जार्ते है। इस स्टीरियोटार्इप के मार्ध्यम से जर्मनस को अपरार्ध बोध (guilt) महसूस करते दिखार्यार् गयार्। इससे अतिरिक्त जर्मनस को आम तौर पर यद्धुार्त्त्ेार्जे क के रूप मे पिकल हुब (Pickel haube) पहनने वार्ले तथार् जिद्दी वैज्ञार्निक (Madscientists) जो नए-नए प्रयोग करतार् हे के रूप में चित्रित कियार् जार्तार् है जो प्रयार्गे लार्भदार्यक की बजार्ए हार्निकारक भी हो सकते है। जर्मनस को मजबूत व स्वस्थ दिखार्यार् जार्तार् है तथार् इन्हें आपेरार् संगीतकार (Operasingers) के रार्ले में दर्शार्यार् जार्तार् है।

18. इटार्लियन स्टीरियोटार्इप (Italianstereotypes):- इन्हें अक्सर मार्फियार् के रूप म,ें पार्स्तार् और टमार्टर के व्यजंन बनार्ने वार्ले ककु के रूप में चित्रित कियार् जार्तार् है। इन्हें अपनी मार् ँ के प्रति समर्पित, चुस्त तथार् अपरार्धी के रूप में भी दर्शार्यार् जार्तार् है।ये अक्सर अपनी बार्तचीत में “a” क प्रयार्गे क्रियार् के पीछे लगार्कर करते हुए दिखार्ए जार्ते है। इटार्लियन को बहुत ज्यार्दार् आकर्षित और मर्दो की तरह दिखार्यार् जार्तार् है। आमतौर पर इटार्लियन के लिए Sexbomb को नार्म की सज्ञार्ं की तरह पय्रार्गे कियार् जार्तार् है। इटार्लियन मर्दो को फिल्मों में एक अच्छे प्रमे ी के रूप में चित्रित कियार् जार्तार् है।

19. स्वीडिश स्टीरियोटार्इप (Swedishstereotypes):- इन लोगों को अक्सर सैक्स मैड (Sex Mad) और अत्यधिक मजार्क करने वार्लार् तथार् हल्के रगं की सफेद त्वचार् (Palewhiteskin),नीली आँखों और हल्के भरूे पीले बार्लों वार्लार् दिखार्यार् जार्तार् है। इन्हें एक सुन्दर शरीर के सार्थ बहुत आकषर्क दर्शार्यार् जार्तार् है। इन्हें मजार्क करते हुए ऊँची आवार्ज से बोलते हुए चित्रित कियार् जार्तार् है। स्वेदिश लोगों को रगं से भरे लकडी़ के घरों में (जो बिल्कलु चमकते हुए होते है, जिनके आस-पार्स पार्ईन (Pine) के वृक्षों क जगंल होतार् है) रहते हुए दिखार्यार् जार्तार् है।

20. पैनीश, हिसपैैनिक, लैटीनो- मिडल और सार्ऊथ अमेरिकन स्टीरियोटार्इप स (Panish, Hispanic, Latino-Middleandsouthamerican Stereotypes):- इन्हें अक्सर गर्म मिजार्ज, घमण्डी, आलसी और दिन में कुछ समय आरार्म करने की आदत वार्लार् दिखार्यार् जार्तार् है।ये लोग कठिन व जटिल कार्य करने वार्ले चित्रित किए जार्ते है,ये कार्य चार्हे समूह में करते है यार् फिर अकलेंये अपनी प्रेमिक के लिए (Serenade) गार्ते है। इनके अतिरिक्त इन्हें बैलों की लडाऱ्ई क खले दख्ेार्ने वार्लार्, ऑलीव और गर्म खार्ने के शौकीन दिखार्यार् जार्तार् है।येजतवदह स्पुनवत क प्रयोग अधिक करते है। और तों को आमतौर पर खुले वस्त्र पहने हुए तथार् लम्बे बार्लों वार्ली सुन्दरी के रूप में दिखार्यार् जार्तार् है।

21. ईस्टर्नयूरोपियन और रशियन स्टीरियोटार्इप (Eastern Europeanand Russianstereotypes):- इन्हें अक्सर कठोर स्वभार्व का, बहुत सार्धार्रण, नार्खुश रहने वार्लार् और वर्कर टार्इप जिसक सार्मार्जिक स्तरनीचार् हो, के रूप में दिखार्यार् जार्तार् है। कभी-कभी इन्हें स्टयू (Stew), गौलस (Goulash), योगेहर्ट (Yoghurt) पपरिक (Paprika) बनार्ते हुए एक बार्वर्ची दिखार्यार् जार्तार् है। जबये अपनी शरार्ब खत्म कर लेते हे तो इन्हें गिलार्स फेंक कर उसे तार्ड त़े हुए दर्शार्यार् जार्तार् है। इनको अक्सर एक जार्सूसी पुलिस वार्ले के रोल में जो रार्जनीतिक, मिल्ट्री तथार् व्यवसार्यिक गार्पेनीयतार् क पतार् लगार्ते है,ये चित्रण शीतयद्धु के समय से शुरु हुआ है। इन्हें अक्सर रार्मेार्नियार् में रहते हुए दर्शार्यार् जार्तार् है। पुरुषों को तजे चिल्लार्ते हुए और स्त्रियों को भी उनकी नार्रीत्व की छवि से थार्डेाऱ् हटकर गुस्से भरी महिलार् के रूप में दर्शार्यार् जार्तार् है। ईस्टयूरोपियन और रशियन क स्टीरियोटिपिकल चित्रण होतार् है कि वे अच्छे बैल्ट डार्ंसर (Ballet Dancer ) और वॉयलनीसट्स (Violinists) है।

Related posts

Share:

Leave a Comment

Your email address will not be published.

TOP