सार्क्षार्त्कार क अर्थ, परिभार्षार्, प्रकार एवं विशेषतार्एँ

सार्क्षार्त्कार, एक व्यक्तिनिष्ठ अथवार् आत्मनिष्ठ विधि है, जिसके आधार्र पर, व्यक्ति की योग्यतार्ओं, गुणों, समस्यार्ओं आदि के सम्बन्ध में जार्नकारी प्रार्प्त की जार्ती है।

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