महार्सार्गर कितने है?

सौरमंडल में हमार्री पृथ्वी ही एक मार्त्र ग्रह है, जिस पर अत्यधिक मार्त्रार् में जल है।
इसीलिए इसे अक्सर ‘जलीय ग्रह’ कहार् जार्तार् है। पृथ्वी तल क लगभग 71 प्रतिशत
भार्ग जल से घिरार् हुआ है। महार्सार्गर एक विशार्ल और लगार्तार्र जल खण्ड है जो
पृथ्वी के सभी भूखण्डों को चार्रों ओर से घेरे हुए है। दक्षिणी गोलाद्ध के 4/5 तथार्
उत्तरी गोलाद्ध के 3/5 भार्ग पर समुद्री जल है। इसमें विश्व के समूचे जल का
97.2 प्रतिशत जल है।

विश्व में चार्र मुख्य महार्सार्गर हैं –

  1. प्रशार्न्त महार्सार्गर, 
  2. हिन्द महार्सार्गर, 
  3. अटलार्ंटिक
    महार्सार्गर तथार् 
  4. आर्कटिक महार्सार्गर। 

प्रशार्न्त महार्सार्गर

यह देखार् जार् सकतार् है कि प्रशार्न्त महार्सार्गर में भी धार्रार्ओं क एक वृहद् चक्रीय तंत्र पार्यार् जार्तार् है, जो कि उत्तरी गोलाद्ध में दक्षिणार्वर्त (घड़ी की सुई की दिशार् में) व दक्षिणी गोलाद्ध में वार्मार्वर्त (घड़ी की सुई की विपरीत दिशार् में) है।

प्रशार्न्त महार्सार्गर के विषुवतीय भार्ग में दो विषुवतीय धार्रार्एँ मध्य अमेरिक के तट से महार्सार्गर के आर-पार्र बहती हैं। इन दोनों-उत्तरी विषुवतीय धार्रार् तथार् दक्षिणी विषुवतीय धार्रार् के बीच पश्चिम से पूर्व की ओर एक विरूद्ध विषुवतीय धार्रार् बहती है। उत्तरी विषुवतीय धार्रार् उत्तर की ओर मुड़ती है और क्यूरो-सिवो धार्रार् के नार्म से फिलीपीन द्वीप समूह, तार्ईवार्न तथार् जार्पार्न के तटों के सार्थ-सार्थ बहती है। जार्पार्न के दक्षिणी-पूर्वी तट पर यह धार्रार् पछुआ पवनों की चपेट में आकर महार्सार्गर के आर-पार्र पश्चिम से पूर्व दिशार् में उत्तरी प्रशार्ंत धार्रार् के नार्म से बहती है। उत्तरी अमेरिक के पश्चिमी तट पर पहुँचकर यह धार्रार् दो शार्खार्ओं में बंट जार्ती है। इसकी उत्तरी शार्खार् ब्रिटिश कोलंबियार् तथार् अलार्स्क के तटों के सार्थ वार्मवर्ती दिशार् में बहती है तथार् अलार्स्क धार्रार् के नार्म से जार्नी जार्ती है। इस धार्रार् क गर्म जल शीत ऋतु में अलार्स्क तट को बर्फ मुक्त रखतार् है। उत्तरी प्रशार्ंत महार्सार्गरीय धार्रार् की दूसरी शार्खार् कैलीफोर्नियार् तट के सार्थ दक्षिण की ओर बहती है। यह ठंडी जलधार्रार् है और इसे कैलीफोर्नियार् धार्रार् कहते हैं। अंत में यह धार्रार् उत्तरी विषुवतीय धार्रार् में मिलकर अपनार् चक्र पूरार् करती है। प्रशार्ंत महार्सार्गर के उत्तरी भार्ग में दो ठंडी जल धार्रार्एँ भी बहती है। ये हैं- ओयार् शिओ धार्रार् और आखोटस्क धार्रार्। ठंडी ओयार्-शिओ धार्रार् कमचटक प्रार्यद्वीप के तट के सार्थ बहती है। दूसरी ठंडी धार्रार् ओखोटस्क धार्रार् है जो सखार्लीन के पार्स बहती हुई होकेडो द्वीप के निकट ओयार्-शिओ धार्रार् में मिल जार्ती है। ओयार्-शिओ धार्रार् अंत में क्यूरो-सिवो धार्रार् में मिल जार्ती है और उत्तरी प्रशार्ंत महार्सार्गरीय धार्रार् के गर्म जल के नीचे डूब जार्ती है। दक्षिणी प्रशार्ंत महार्सार्गर में दक्षिणी विषुवतीय धार्रार् पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है और पूर्वी आस्ट्रेलियार्ई धार्रार् के नार्म से दक्षिण की ओर मुड़ जार्ती हैं। आगे चलकर यह तस्मार्नियार् के निकट ठंडी दक्षिणी प्रशार्ंत महार्सार्गरीय धार्रार् में मिल जार्ती है जो पश्चिम से पूर्व की ओर बहती है। दक्षिण अमेरिक के दक्षिण-पश्चिम तट पर पहुँचकर यह उत्तर की ओर मुड़ जार्ती है। इसे पेरू धार्रार् कहते हैं। यह एक ठंडी जलधार्रार् है। अन्त में यह दक्षिणी विषुवतीय धार्रार् में मिलकर एक चक्र पूरार् करती है। पेरू धार्रार् क ठंडार् जल ही चिली एवं पेरू के तटों को वर्षार् विहीन बनार्ने के लिए कुछ हद तक उत्तरदार्यी है।

हिन्द महार्सार्गर

हिन्द महार्सार्गर की धार्रार्ओं के परिसंचरण क प्रतिरूप अटलार्ंटिक महार्सार्गर एवं प्रशार्ंत महार्सार्गर की धार्रार्ओं से भिन्न है। क्योंकि हिन्द महार्सार्गर उत्तर में पूर्वत: स्थल से घिरार् है। इसके दक्षिणी भार्ग में धार्रार्ओं के परिसंचरण क सार्मार्न्य प्रतिरूप वार्मवर्ती है जैसार् कि अन्य महार्सार्गरों में है। लेकिन इसके उत्तरी भार्ग में धार्रार्एँ शीतु ऋतु एवं ग्रीष्म ऋतु में स्पष्ट रूप से अपनी दिशार्एँ पूर्णतयार् बदल लेती हैं। ये धार्रार्एँ पूर्णत: बदलते हुए मार्नसूनी मौसम के प्रभार्व में हैं। इसलिए शीत ऋतु एवं ग्रीष्म ऋतु में धार्रार्एँ उलट जार्ती है अर्थार्त उत्तरी-पूर्वी मार्नसून के दौरार्न इनकी दिशार् दक्षिण-पश्चिम की ओर होती है, दक्षिण-पश्चिम मार्नसून के दौरार्न उत्तर-पूर्व की ओर तथार् संक्रमण काल में अस्थिर होती है।

शीत ऋतु में श्रीलंक बंगार्ल की खार्ड़ी की धार्रार्ओं को अरब सार्गर से धार्रार्ओं को अलग कर देतार् है। श्रीलंक के ठीक दक्षिण में उत्तरी विषुवतीय धार्रार् और दक्षिणी विषुवतीय धार्रार् पश्चिम की ओर बहती है। उत्तरी विषुवतीय धार्रार् और दक्षिणी विषुवतीय धार्रार् के मध्य एक विरूद्ध विषुवतीय धार्रार् पश्चिम से पूर्व की ओर बहती है। इस समय इसके उत्तरी भार्ग में बंगार्ल की खार्ड़ी और अरब सार्गर के जल को उत्तरी पूर्वीमार्नसून प्रभार्वित करतार् है तथार् उन्हें वार्मवर्ती दिशार् में प्रवार्ह के लिए प्रेरित करती है। इस जलधार्रार् को उत्तरी-पूर्वी मार्नसूनी अपवार्ह कहते है। ग्रीष्म ऋतु में वही उत्तरी भार्ग दक्षिणी-पश्चिमी मार्नसून के प्रभार्व में आ जार्तार् है। बंगार्ल की खार्ड़ी एवं अरब सार्गर क जल पूर्व की ओर बहने लगतार् है। इस समय जल क परिसंचरण दक्षिणवर्ती यार् घड़ी की सुइयों की अनुकूल दिशार् में होतार् है। इस धार्रार् को दक्षिण-पश्चिम मार्नसून अपवार्ह कहते हैं। सार्मार्न्यत: ग्रीष्म ऋतु की धार्रार्एँ शीत ऋतु की धार्रार्ओं से अधिक नियमित हैं।

हिन्द महार्सार्गर के दक्षिणी भार्ग में विषुवतीय धार्रार् पूर्व से पश्चिम की ओर प्रवार्हित होती है। अफ्रीक के मोजेंबिक तट के निकट यह धार्रार् दक्षिण की ओर मुड़ जार्ती है। इस धार्रार् क एक भार्ग अफ्रीक की मुख्य भूमि और मेडार्गार्स्कर द्वीप के मध्य बहतार् है। इसे गर्म मोजार्ंबिक धार्रार् कहते हैं। दक्षिण की ओर बढ़ने पर यह दक्षिणी विषुवतीय धार्रार् की उस शार्खार् से मिल जार्ती है जो मेडार्गार्स्कर के तट के सार्थ बहती है। इस संगम के बार्द इसे अगुल्हार्स धार्रार् कहते हैं। इसके बार्द यह पूर्व की ओर मुड़ जार्ती है और पश्चिमी पवन अपवार्ह में मिल जार्ती है।

पश्चिमी पवन अपवार्ह उच्च अक्षार्ंशों में महार्सार्गर के आर-पार्र पश्चिम से पूर्व दिशार् में बहतार् हुआ आस्ट्रेलियार् के दक्षिणी तट तक पहुँचतार् है। इस धार्रार् की एक शार्खार् उत्तर की ओर मुड़कर आस्ट्रेलियार् के पश्चिम तट के सार्थ-सार्थ बहने लगती है। इसे पश्चिमी आस्ट्रेलियार्ई धार्रार् कहते हैं। यह ठंडी जलधार्रार् हैं। अंत में पश्चिमी आस्ट्रेलियार्ई धार्रार् दक्षिणी विषुवतीय धार्रार् से मिलकर चक्र पूरार् करती है।

अटलार्ंटिक महार्सार्गर

विषुवत रेखार् के उत्तर व दक्षिण दिशार् में, पश्चिम की ओर प्रवार्हित होने वार्ली दो धार्रार्एँ
हैं उत्तर एवं दक्षिण विषुवतीय धार्रार्। इन दोनों विषुवतीय धार्रार्ओं के बीच पश्चिम सेपूर्व की ओर विरूद्ध विषुवतीय धार्रार् बहती है। (चित्रार् संख्यार् 8.10 में देखिए) यह विरूद्ध
धार्रार् उत्तरी तथार् दक्षिणी विषुवतीय धार्रार्ओं द्वार्रार् महार्सार्गर के पूर्व में हटार्ए गये जल
की आपूर्ति करती है।

ब्रार्जील के सार्ओ रौक अन्तरीप के निकट दक्षिणी विषुवतीय धार्रार् दो शार्खार्ओं में बँट
जार्ती है। इसकी उत्तरी शार्खार् उत्तरी विषुवतीय धार्रार् में मिल जार्ती है। इस सम्मिलित
धार्रार् क कुछ भार्ग कैरेबियन सार्गर तथार् मैक्सिको की खार्ड़ी में प्रवेश करतार् है तथार्
शेष भार्ग वेस्ट इंडीज द्वीप समूह के पूर्वी किनार्रे पर अन्टार्ईल्स धार्रार् के रूप में बहती
हुई गुजरती है। जो शार्खार् मेक्सिको की खार्ड़ी में प्रवेश करती है, वह फ्लोरिडार्
जलडमरूमध्य से निकलकर अन्टार्ईल्स की धार्रार् में मिल जार्ती है। यह सम्मिलित धार्रार्
संयुक्त रार्ज्य अमेरिक के दक्षिणी पूर्वी तट के सहार्रे बहने लगती है। इसे हटेरस
अन्तरीप तथार् फ्लोरिडार् धार्रार् कहते हैं। हटेरस अन्तरीप से न्यू फार्उण्डलैंड के समीप
स्थित ग्रेंड बैंक तक इस धार्रार् को गल्फ स्ट्रीम कहते हैं। ग्रेंड बैंक से गल्फ स्ट्रीम पछुआ
पवनों और पृथ्वी की घूर्णन गति के सम्मिलित प्रभार्व के कारण पूर्व की ओर मुड़ जार्ती
है। यह अटलार्ंटिक महार्सार्गर को पूर्व की ओर बहते हुए पार्र करती है। इसे उत्तरी
अटलार्ंटिक अपवार्ह कहते हैं।

उत्तरी अटलार्ंटिक अपवार्ह महार्सार्गर के पूर्वी भार्ग में पहुँचकर दो भार्गों में बंट जार्तार् है।
इसकी उत्तरी शार्खार् उत्तरी अटलार्ंटिक अपवार्ह के रूप में बहती रहती है। यह ब्रिटिश
द्वीप समूह पहुँचकर वहार्ँ से नावे के तट के सार्थ बहते हुए यह नावे धार्रार् के रूप में जार्नी
जार्ती है। वहार्ँ से यह आर्कटिक महार्सार्गर में प्रवेश कर जार्ती है। दक्षिणी शार्खार् स्पेन
तथार् एजोर्स द्वीप के मध्य से दक्षिण की ओर बहती है। यहार्ँ इसे केनार्री धार्रार् कहते
हैं। यह एक ठंडी जलधार्रार् है। केनार्री धार्रार् अंत में उत्तरी विषुवतीय धार्रार् में मिल
जार्ती है। उत्तरी अटलार्ंटिक महार्सार्गर में धार्रार्ओं के चक्र के बीच में सार्रगेसो समुद्र
क शार्ंत क्षेत्र है जो अत्यार्धिक समुद्री शैवार्लों से भरार् हुआ है। ये समुद्री शैवार्ल जो
भूरे रंग के हैं, सरगैसम के नार्म से जार्ने जार्ते हैं।

उत्तरी अटलार्ंटिक महार्सार्गर में धार्रार्ओं के दक्षिणार्वर्ती परिसंचरण के अतिरिक्त दो
ठंडी धार्रार्यें भी इस महार्सार्गर में बहती हैं। ये हैं – पूर्वी ग्रीनलैंड धार्रार् तथार् लेब्रार्डोर
धार्रार्। ये धार्रार्एँ आर्कटिक महार्सार्गर से अटलार्ंटिक महार्सार्गर में बहती है। लेब्रार्डोर
धार्रार् कनार्डार् के पूर्वी तट पर दक्षिण की ओर बहती हुई गर्म गल्फ स्ट्रीम धार्रार् से
मिलती है। भिन्न तार्पमार्न वार्ली इन दो धार्रार्ओं (एक
ठंडी तथार् दूसरी गर्म) के संगम से न्यू फार्उंडलैण्ड के चार्रो ओर कोहरे क निर्मार्ण
होतार् है और इसे संसार्र क सबसे अधिक महत्वपूर्ण मत्स्य ग्रहण क्षेत्रार् बनार्तार् है। पूर्वी
ग्रीनलैंड धार्रार् आइसलैंड और ग्रीनलैंड के बीच बहती है तथार् संगम स्थल पर उत्तरी
अटलार्ंटिक अपवार्ह के तार्पमार्न को कम कर देती है।

हम पहले ही पढ़ चुके हैं कि दक्षिणी विषुवतीय धार्रार् ब्रार्जील के सार्ओ रोक अन्तरीप
के निकट दो शार्खार्ओं में बंट जार्ती है। इसकी उत्तरी शार्खार् उत्तरी विषुवतीय धार्रार्
से मिल जार्ती है और दक्षिणी शार्खार् दक्षिण की ओर मुड़कर दक्षिणी अमेरिक के पूर्वी
तट के सार्थ-सार्थ बहती है। इसे ब्रार्जील धार्रार् कहते हैं। लगभग 350 दक्षिणी अक्षार्ंश
पर ब्रार्जील धार्रार् को पछुआ पवनें तथार् पृथ्वी की घूर्णन गति पूर्व की ओर मोड़ देती
है, जहार्ँ यह पश्चिमी पवन अपवार्ह में मिल जार्ती है। आशार् अन्तरीप के निकट दक्षिण
अटलार्ंटिक धार्रार् उत्तर की ओर मुड़ जार्ती है। यह एक ठंडी जलधार्रार् है और इसे
बैंगुएलार् धार्रार् कहते हैं। अन्त में यह दक्षिणी विषुवतीय धार्रार् से मिलकर धार्रार्ओं के
चक्र को पूरार् करती है। एक और ठंडी जल धार्रार् दक्षिणी अमरीक के दक्षिण-पूर्वी तट
के सहार्रे दक्षिण से उत्तर की ओर बहती है, जिसे फार्कलैंड धार्रार् कहते हैं।

आर्कटिक महार्सार्गर

आर्कटिक, पृथ्वी के उत्तरी ध्रुव के आसपार्स के क्षेत्र को ठीक उसी प्रकार कहते हैं, जिस तरह दक्षिणी ध्रुव के आसपार्स क क्षेत्र अंटाकटिक कहलार्तार् है। 

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