भुगतार्न शेष क्यार् है?

भुगतार्न शेष क अर्थ देश के समस्त आयार्तों एवं निर्यार्तों तथार् अन्य सेवार्ओं के मूल्यों के संपूर्ण विवरण से होतार् है। जो कि एक निश्चित अवधि के लिए बनार्यार् जार्तार् है इसके अंतर्गत लेनदेन को दो पक्ष होते है। एक और लेन दार्रियों क विवरण होतार् है जिसे धनार्त्मक पक्ष कहते है और दूसरी और देनदार्रियों क विवरण होतार् है इसे ऋणार्त्मक पक्ष कहते है। भुगतार्न शेष की कुछ परिभार्षार्एॅं निम्न प्रकार है।

  1. प्रो. वार्ल्टर क्र्रार्से :-किसी देश क भुगतार्न संतुलन उनके निवार्सियों तथार् शेष विश्व के निवार्सियों के बीच दी हुर्इ अवधि में पूर्ण किये गये समस्त आर्थिक लेन देन क एक व्यवस्थित विवरण यार् लेखार् है।
  2. अंतरार्ष्ट्रियार् मुद्रार् कोष :- भुगतार्न संतुलन एक निश्चित समय अवधि में संबंधित देश के निवार्सियों के बीच समस्त आर्थिक लेनदेन क क्रमबद्ध विवरण होतार् है।
  3. फिण्डल बर्गर :- किसी देश क भुगतार्न संतुलन उस देश के नार्गरिको तथार् शेष विश्व के नार्गरिको के बीच एक निश्चित समयार्वधि में होने वार्ले समस्त आर्थिक लेनदेन क क्रमबद्ध बेवरार् है।

भुगतार्न शेष के भार्ग –

भुगतार्न शेष दो भार्गों में विभार्जित होतार् है।

 1. चार्लू खार्तार् –

  1. दृश्य मदें – वस्तुओं क आयार्त निर्यार्त।
  2. अदृश्य मदें – विदेशी पर्यटन, परिवहन, बीमार्, विनियोग आय, शार्सकीय मद, निजी एवं शार्सकीय हस्तार्ंतरण आय। 
व्यार्पार्र शेष एवं अदृश्य खार्तार् दोनों को मिलार्कर चार्लू खार्तार् बनतार् है। दूसरे शब्दों में व्यार्पार्र शेष और अदृश्य शेष को जोड़ने से हमें चार्लू खार्तार् शेष मिलतार् है। भार्रत में भुगतार्न शेष क चार्लू खार्तार् शेष निम्नतार्लिक में दिखार्यार् गयार् है।

2. भुगतार्न शेष खार्तार् –

तार्लिक 7.2.5
भार्रत क भुगतार्न शेष खार्तार् करोड़ रूपये में

1990-91 1993-94
1. आयार्त 50086 78630
2. निर्यार्त 33153 71146
3. व्यार्पार्र संतुलन 2-1 -16193 -7484
4. निवल अदृश्य खार्तार् -435 3848
5. चार्लू खार्तार् 3+4 -17368 -3636
6. पूंजी खार्तार् निवल 12898 30852
7. कुल श्शेष 5+6 -4470 27216
8. अंतर्रार्ष्ट्रीय मुद्रार् कोष से सौदे निवल 2177 587
9. विदेशी विनिमय निधि में वृद्धि – यार् कमी + 2293 -27803


तार्लिक 7.2.5 की नौंवी मद भुगतार्न शेष खार्ते को संतुलित करने वार्ली मद है सार्तवी मद यह दर्शार्ती है कि 1990-91 में कुल मिलार्कर घार्टार् थार्। और 1993-93 में अधिशेष थार् ।

वार्स्तव में 1990-91 के चार्लू खार्ते में 17368 करोड़ रूपये क घार्टार् थार् जैसार् कि पॉंचवी मद दर्शार्ती है। छठी मद यह दर्शार्ती है कि पूंजी के अंतर्गत 12898 करोड़ रूपये क पूंजी क निवल अंतर्वार्ह थार्। पार्ंचवी व छठी मदों क योग भुगतार्न शेष की स्थिति को दर्शार्तार् है जो कि सार्तवी मद के अंतर्गत दिखाइ गर्इ है। 1990-91 में कुल घार्टार् 4470 करोड़ रूपये थार्। इस घार्टे के एक भार्ग 2177 करोड़ रूपये को अंतरार्ष्ट्रीय मुद्रार् कोष से निवल निकासियों द्वार्रार् पूरार् कियार् गयार् । बार्की घार्टे 2293 करोड़ रूपये के कारण देश की विदेशी विनिमय निधि में कमी हो गर्इ । इस प्रकार कुल घार्टे को अतर्रार्ष्ट्रीय मुद्रार् कोष से निकाशी और देश की विदेशी विनिमय निधि से पूरार् कियार् गयार्।

व्यार्पार्र शेष एवं भुगतार्न शेष में अंतर

व्यार्पार्र शेष भुगतार्न शेष
1. आयार्त निर्यार्त के दृश्य मदों को
ही शार्मिल कियार् जार्तार् है।
1. दृश्य एवं अदृश्य दोनों मदों को
शार्मिल कियार् जार्तार् है।
2. यह भुगतार्न संतुलन का
एक भार्ग है।
2. इसकी धार्रणार् अधिक व्यार्पक
होती है।
3. व्यार्पार्र शेष क पक्ष में न होनार्
 चिंतार् क विषय नहीं है।
चिंतार् क विषय है।
3. भुगतार्न शेष क पक्ष में
न होनार्
4. व्यार्पार्र शेष अनुकुल यार् प्रतिकूल
हो सकतार् है। है।
4. भुगतार्न शेष हमेशार्
संतुलित रहतार्

भुगतार्न शेष में प्रतिकुलतार् के कारण –

भार्रत में भुगतार्न शेष में प्रतिकूलतार् के निम्न कारण हैं।

  1. पेट्रोलियम पदाथों की आयार्त में वृद्धि ।
  2. औद्योगिकरण एवं कृषि विकास में भार्री मार्त्रार् में मशीनों की आयार्त में वृद्धि। 
  3. बढ़ती हुर्इ जनसंख्यार् ।
  4. सरकारी व्यय में लगार्तार्र वृद्धि ।
  5. निर्यार्तों में आशार् के अनुरूप वृद्धि क अभार्व । 
  6. सुरक्षार् पर भार्री धन रार्शि क व्यय ।

    भुगतार्न शेष को ठीक करने के उपार्य – 

    भुगतार्न संतुलन की प्रतिकुलतार् को ठीक करने के लिए निम्न उपार्य किये जार् सकते हैं।

    1. निर्यार्त करों में कमी, उद्योगों को आर्थिक सहार्यतार् व विदेशो  में अपनी वस्तुओं क प्रचार्र प्रसार्र कर निर्यार्त को प्रोत्सार्हन करनार् चार्हिए। 
    2. देश में नये नये उद्योग स्थार्पित कर उत्पार्दन को बढ़ार्नार् चार्हिए और आयार्त की मार्त्रार् में कमी लार्नार् चार्हिए । 
    3. भुगतार्न संतुलन को ठीक करने के लिए विनिमय नियंत्रण भी एक रार्स्तार् है। 
    4.  विदेशी पर्यटकों को यार्त्रार् के लिए प्रोत्सार्हित करनार् चार्हिए । 
    5. विदेशी पूंजी पतियों को देश में पूंजी निवेश के लिए प्रोत्सार्हित करनार् चार्हिए ।

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