भार्रतीय विज्ञार्पन परिषद की आचार्र संहितार्

विज्ञार्पन कंपनियार्ं विज्ञार्पन को आकर्षक बनार्ने की होड़ में कर्इ बार्र नैतिकतार् की सीमार्ओं क उल्लंघन करने लगती हैं। विज्ञार्पन में उत्तेजक और अश्लील दृश्य, अतिकल्पनार्, असत्य सूचनार्ओं, द्विअर्थी संवार्दों आदि क प्रयोग करते हुए उत्पार्द को ऐसे आकर्षक, भ्रार्मक और मोहक स्वरूप में प्रस्तुत कियार् जार्तार् है, जो उसकी वार्स्तविक प्रकृति से बिल्कुल भिन्न होतार् है। ऐसे विज्ञार्पन कभी अपनी अति काल्पनिक दृश्यार्त्मक प्रस्तुति, तो कभी बच्चों पर पड़ने वार्ले नकारार्त्मक प्रभार्व तो कभी महिलार्ओं के अशिष्ट रूपण अथवार् अश्लील संवार्दों के कारण विवार्दों के घेरे में आ जार्ते हैं। इसलिए विज्ञार्पन उद्योग से संबद्ध अनेक संगठनों, विज्ञार्पन परिषदों और सरकार ने कानून एवं नियमार्वलियों के रूप में विज्ञार्पन के लिए कुछ दिशार्-निर्देश जार्री किए हैं। समय-समय पर जार्री इन दिशार्-निर्देशों के अलार्वार् विज्ञार्पन के अंतर्गत मार्नवीय, सार्ंस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की वकालत करते हुए आचार्र-संहितार् भी बनाइ गर्इ हैं। विश्वस्तर पर विज्ञार्पन के विभिन्न पहलुओं की समीक्षार् की जरूरत बताइ जार्ती रही है। ‘अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ एडवरटार्इजिंग एजेंसी’, ‘अमेरिकन एडवरटार्इजिंग फेडरेशन’ व ‘एडवरटार्इजिंग काउंसिल ऑफ इंडियार्’ आदि ने विज्ञार्पन की सकारार्त्मक और साथक भूमिक के प्रति जार्गरूकतार् अभियार्न चलार्यार् है। इस तरह समय-समय पर उपभोक्तार्ओं के हितों को ध्यार्न में रखते हुए विज्ञार्पन के संदर्भ में भार्रत में जो कानून और आचार्र-संहितार् बनी हैं उसके आधार्र पर यदि किसी विज्ञार्पन द्वार्रार् इन दिशार्-निर्देशों क पार्लन नहीं कियार् जार्तार् तो उसकी शिकायत भार्रतीय विज्ञार्पन परिषद तथार् भार्रतीय विज्ञार्पन मार्नक परिषद से की जार् सकती है। विज्ञार्पन के संदर्भ में बनी आचार्र-संहितार्ओं और कानूनों में भार्रतीय विज्ञार्पन परिषद की आचार्र संहितार् प्रमुख है।

1. भार्रतीय विज्ञार्पन परिषद की आचार्र-संहितार् –

भार्रतीय विज्ञार्पन परिषद (एडवरटार्इजिंग काउंसिल ऑफ इंडियार्) द्वार्रार् निर्धार्रित आचार्र-संहितार् में विस्तृत नियमार्वली इस प्रकार है-

  1. विज्ञार्पन के अंतर्गत उसक डिजार्यन और योजनार् इस प्रकार बनाइ जार्ए कि वह देश के कानूनी प्रार्वधार्नों के अनुकूल हो तथार् सार्थ-ही-सार्थ वह नैतिक, धर्मिक और सौंदर्यपरक संवेदनार्ओं के भी अनुरूप हो।
  2. विज्ञार्पन से किसी की धर्मिक, सार्मार्जिक तथार् नैतिक भार्वनार्ओं क चोट नहीं पहंचु नी चार्हिए।
  3. ऐसे विज्ञार्पन को प्रकाशन अथवार् प्रसार्रण की अनुमति नहीं दी जार्नी चार्हिए, जिसमें किसी के प्रति अवमार्ननार् यार् अनार्दर क भार्व प्रकट होतार् हो।
  4. विज्ञार्पन द्वार्रार् किसी अंधविश्वार्स यार् आम जनतार् की निर्दोषतार् क गलत फार्यदार् नहीं उठार्यार् जार्नार् चार्हिए।
  5. तिलिस्म, जार्दू-टोने यार् किसी फोटो के आधार्र पर निजी गुण बतार्ने आदि जैसे अन्य कोर्इ तथ्य यार् विज्ञार्पन, जिससे जनतार् में अंधविश्वार्स को बढ़ार्वार् मिले, भ्रम की स्थिति पैदार् हो, प्रस्तुत नहीं किए जार्ने चार्हिए।
  6. विज्ञार्पन सत्य पर आधार्रित होनार् चार्हिए तथार् इसमें तथ्यों को तोड़-मरोड़कर गलत ढंग से प्रस्तुत नहीं कियार् जार्नार् चार्हिए। जार्न-बूझकर अथवार् अनजार्ने में भी (परोक्ष यार् अपरोक्ष) जनतार् को गलत व असत्य वक्तव्यों के द्वार्रार् छलार् नहीं जार्नार् चार्हिए। इस आचार्र संहितार् में यह भी बतार्यार् गयार् है कि किन-किन संदर्भों अथवार् स्थितियों में झूठे और भ्रार्मक तथ्यों क कतर्इ प्रयोग नहीं कियार् जार्नार् चार्हिए। 
    1. खरीदी जार्नेवार्ली वस्तु यार् उत्पार्द की विशेषतार्, जैसे उसकी उपयोगितार् आदि के संदर्भ में।
    2. उत्पार्द यार् वस्तु की कीमत तथार् खरीद की शर्तों के बार्रे में।
    3. उत्पार्द यार् वस्तु क विवरण उपलब्ध करार्ए जार्ने संबंधी सुविधार्ओं अथवार् बदलने, ठीक करने, वार्पस करने एवं रख-रखार्व संबंधी सुविधओं के विवरण के संदर्भ में।
    4. ऐसे प्रमार्ण-पत्र जो मनगढंत, नकली यार् जार्लसार्जी और धेखार्धड़ी वार्ले हों यार् फिर विज्ञार्पनों की सत्यतार् प्रस्तुत न हो, उसे विज्ञार्पन में अथवार् विज्ञार्पन द्वार्रार् प्रस्तुत नहीं कियार् जार्नार् चार्हिए।
    5. दूसरी कंपनी की प्रतिस्पर्ध्ी उत्पार्द की योग्यतार्, विशिष्टतार्, कीमत अथवार् विश्वसनीयतार् के संदर्भ में झूठे, धोखेबार्जी से भरे हुए तथार् भ्रार्मक तथ्य विज्ञार्पन में प्रस्तुत नहीं किए जार्ने चार्हिए। प्रतियोगी कंपनियों के सार्थ स्वस्थ प्रतियोगितार् क भार्व रखनार् चार्हिए।
  7. विज्ञार्पन में उत्पार्द के संबंध में दार्वों अथवार् घोषणार्ओं को बढ़ार्-चढ़ार्कर वर्णित नहीं करनार् चार्हिए। चिकित्सार् व औषधियों से संबंधित विज्ञार्पनों के संदर्भ में भार्रतीय विज्ञार्पन परिषद द्वार्रार् निर्धार्रित (दवार्ओं के लिए) मार्नक स्तर क र्इमार्नदार्री एवं गंभीरतार्पूर्वक पार्लन करनार् चार्हिए।
  8. वित्तीय निवेश से संबंधित विज्ञार्पनों में ब्यार्ज की दर, सुरक्षार्, धन वार्पसी की शर्तों आदि के बार्रे में जनतार् को गुमरार्ह नहीं कियार् जार्नार् चार्हिए। उन्हें स्पष्ट और विस्तृत जार्नकारी देनी चार्हिए।
  9. यदि कोर्इ विज्ञार्पन जनतार् को लॉटरी यार् उपहार्र जैसी योजनार्ओं के लिए आमंत्रित करतार् है तो इसके लिए कानून की अनुमति लेनार् आवश्यक है। ऐसे विज्ञार्पन में लॉटरी, उपहार्र वितरण की समस्त शर्तें स्पष्ट तौर पर अंकित होनी चार्हिए।
  10. रोजगार्र सूचनार् के विज्ञार्पन के प्रकाशन में आवेदन फॉर्म की फीस जमार् करनेवार्ली सुरक्षार् निधि आदि की सूचनार्एँ प्रकाशित करने की अनुमति नहीं दी जार्नी चार्हिए।
  11.  विज्ञार्पन की संदेश रचनार्, चित्र तथार् दृश्यार्त्मक प्रस्तुति में अश्लीलतार्, उत्तेजकतार् तथार् द्विअथ्र्ार्ी संवार्दों क प्रयोग नहीं कियार् जार्नार् चार्हिए।
  12. विज्ञार्पन में अथवार् ट्रेड माक आदि में रार्ष्ट्रीय चिन्ह यार् रार्ष्ट्रीय ध्वज क उपयोग किसी भी परिस्थिति में नहीं कियार् जार्नार् चार्हिए। केवल सरकारी विज्ञार्पन एजेंसियों को इसके इस्तेमार्ल की अनुमति है।
  13. बिनार् अनुमति लिये रार्ष्ट्रपितार् महार्त्मार् गार्ंधी, भार्रत के रार्ष्ट्रपति, उपरार्ष्ट्रपति तथार् प्रधार्नमंत्री के चित्रों को विज्ञार्पन में इस्तेमार्ल नहीं कियार् जार् सकतार्।
  14. विज्ञार्पन क समूचार् ढार्ँचार् ऐसार् होनार् चार्हिए, जिसमें प्रतियोगी उत्पार्द की अवमार्ननार् नहीं होनी चार्हिए। प्रतियोगी वस्तुओं यार् सेवार्ओं की प्रत्येक तुलनार् विज्ञार्पन में नहीं होनी चार्हिए।
  15. विज्ञार्पन की संरचनार् में किसी-किसी प्रतियोगी उत्पार्द के विज्ञार्पन की विशिष्ट शैली, लहजे, संदेश रचनार्, सार्ज-सज्जार् आदि की हू-ब-हू नकल नहीं करनी चार्हिए।
  16.  विज्ञार्पन में भुगतार्न की गर्इ धनरार्शि को लौटार्ने संबंधी संदेश प्रसार्रित नहीं किए जार्ने चार्हिए।
  17. जार्ति-धर्म और वर्ग से संबंधित विज्ञार्पन प्रकाशित अथवार् प्रसार्रित नहीं किए जार्ने चार्हिए।

2. विज्ञार्पन एजेंसियों के लिए दिशार्-निर्देश –

वर्गीज कमेटी की सन् 1978 में प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार्र पर विज्ञार्पन एजेंसियों अथवार् इससे जुड़े लोगों के लिए कुछ सार्मार्न्य नियम और आचार्र निर्दिष्ट किए गए हैं। दूरदर्शन और आकाशवार्णी के व्यार्वसार्यिक प्रसार्रणों और प्रदर्शनों पर भी यह नियमार्वली लार्गू होती है। इसके अनुसार्र –

  1. विज्ञार्पन निर्मार्ण में देश के विधि यार् कानून के दार्यरे क उल्लंघन नहीं कियार् जार्नार् चार्हिए। विज्ञार्पन अमर्यार्दित तथार् अशिष्ट नहीं होने चार्हिए। धर्मिक उन्मार्द यार् प्रभार्व को पैदार् करनेवार्ले विज्ञार्पनों क निर्मार्ण नहीं कियार् जार्नार् चार्हिए।
  2. किसी जार्ति, प्रजार्ति, व्यक्ति, समुदार्य, लिंग, धर्म, मत, पंथ तथार् रार्ष्ट्रीयतार् क संकेत देने अथवार् निंदार् करनेवार्ले विज्ञार्पन प्रकाशित अथवार् प्रसार्रित नहीं किए जार्ने चार्हिए। सार्ंप्रदार्यिक भेदभार्व और वैमनस्य को प्रदर्षित करने वार्ले विज्ञार्पनों की अनुमति नहीं है।
  3. जनतार् में कानूनों के उल्लंघन अवमार्ननार्, हिंसार्, अव्यवस्थार्, अपरार्ध की प्रवृत्ति को उकसार्ने वार्ले विज्ञार्पन नहीं दिए जार्ने चार्हिए।
  4. दूसरे रार्ष्ट्रों यार् रार्ज्यों के सार्थ मैत्रीपूर्ण संबंधों पर विपरीत प्रभार्व डार्लने वार्ले विज्ञार्पनों क प्रसार्रण यार् प्रकाशन नहीं कियार् जार्नार् चार्हिए।
  5. रार्ष्ट्रीय चिन्ह, प्रतीक, किसी रार्ष्ट्रीय नेतार् के व्यक्तित्व, रार्ष्ट्रीय यार् रार्ज्य स्तर की प्रमुख हस्तियों, संविधार्न के किसी भार्ग क अपमार्न यार् दुरूपयोग करने वार्ले विज्ञार्पन नहीं दिए जार्ने चार्हिए।
  6. अपरार्ध को प्रस्तुत करने यार् उसकी वार्ंछनीयतार् रखने वार्ले अथवार् अपरार्ध को स्थार्पित करनेवार्ले यार् अपरार्ध के अनसु रण के लिए जनतार् को पे्िर रत करनेवार्ले विज्ञार्पन नहीं दिए जार्ने चार्हिए।
  7. अंशत: यार् पूर्णत: विशिष्ट रार्जनीतिक अथवार् धामिक स्वरूप को प्रस्तुत करनेवार्ले विज्ञार्पन क प्रकाशन अथवार् प्रसार्रण नहीं होनार् चार्हिए।
  8. किसी औद्योगिक विवार्द से संबंधित विज्ञार्पन पर प्रतिबंध् होनार् चार्हिए। 
  9.  इस नियार्मार्वली में कर्इ प्रकार की सेवार्ओं से संबंधित विज्ञार्पन स्वीकार्य नहीं किए जार्ने की बार्त की गर्इ है। ये सेवार्एं हैं-
    1. वैवार्हिक एजेंसियों के विज्ञार्पन।
    2. पैसार् उधर देने के विज्ञार्पन।
    3. चिट-फंड यार् बचत योजनार् के विज्ञार्पन (रार्ष्ट्रीयकृत अथवार् मार्न्यतार् 
    4. प्रार्प्त बैंक द्वार्रार् मार्न्य बचत योजनार्ओं को छोड़कर)।
    5. गैर-लार्इसेंस प्रार्प्त रोजगार्र सेवार्ओं के विज्ञार्पन।
    6. मंत्र, वशीकरण, भविष्यवार्णी और सम्मोहन विद्यार् से जुड़े विज्ञार्पन।
    7. हिंसार्, अपरार्ध और चीखोंवार्ले विज्ञार्पन।
    8. चमत्कारी इलार्ज क दार्वार् करनेवार्ले विज्ञार्पन। 
    9. किसी फॉर्मूले, नुस्खे और गार्इड बुक आदि से संबंध्ति विज्ञार्पन।
    10. घुड़सवार्री अथवार् किस्मत के खेल से संबंधित विज्ञार्पन।
  10. हार्निकारक उत्पार्द- सिगरेट एवं तंबार्कू के विज्ञार्पन प्रकाशित यार् प्रसार्रित नहीं किए जार्ने चार्हिए।
  11. विज्ञार्पन की प्रतियोगितार् में र्इमार्नदार्री पूर्ण बरतार्व को प्रोत्सार्हित करने के लिए आचार्र-संहितार् में कहार् गयार् है कि विज्ञार्पन में किसी अन्य उत्पार्द यार् सेवार् के संदर्भ में आपत्तिजनक यार् विरोधपूर्ण बार्त नहीं कही जार्नी चार्हिए।
  12. जो विज्ञार्पन विज्ञार्पित उत्पार्द की विशिष्टतार् यार् योग्यतार् को स्थार्पित करने में अक्षम हो उसे प्रकाशित यार् प्रमार्णित नहीं कियार् जार्नार् चार्हिए।
  13. विज्ञार्पन के अंतर्गत वैज्ञार्निक अथवार् सार्ंख्यिकी उदार्हरण क समार्वेश ऐसे रूप में होनार् चार्हिए जो आम आदमी की समझ में आ जार्ए और जो दार्यित्वबोध की भार्वनार् को जगार्ए। किसी उत्पार्द के दार्वे के लिए अप्रार्संगिक आंकड़ों तथार् आधुनिक वैज्ञार्निक शब्दार्वली क उपयोग भी विज्ञार्पन में नहीं कियार् जार्नार् चार्हिए।
  14. विज्ञार्पन में प्रस्तुत प्रमार्ण-पत्र बिल्कुल उचित और सही होनार् चार्हिए, न कि उपभोक्तार्ओं में दिग्भ्रमित करने वार्लार्। एजेंसी द्वार्रार् अपने विज्ञार्पन में सार्क्ष्य यार् उत्पार्द को प्रमार्ण-पत्र के सार्थ प्रस्तुत कियार् जार्नार् चार्हिए।
  15. स्त्री-पुरुष क भेद प्रदर्षित करने वार्ले तथार् नार्री की प्रतिष्ठार् को धक्क पहुँचार्ने वार्ले विज्ञार्पन प्रकाशित नहीं किए जार्ने चार्हिए।
  16. विज्ञार्पन द्वार्रार् दर्शकों, पार्ठकों अथवार् श्रोतार्ओं को गुमरार्ह नहीं कियार् जार्नार् चार्हिए। विज्ञार्पन को किसी ‘कॉपी रार्इट’ की संविदार् को तोड़ने यार् नियम भंग करने से बचनार् चार्हिए।
  17. विज्ञार्पन में वस्तु क वार्स्तविक एवं तुलनार्त्मक मूल्य दृश्य तथार् मौखिक, दोनों रूप में सही होनार् चार्हिए। इसे अनार्वश्यक रूप से उभार्रकार यार् तोड़-मरोड़कर उपभोक्तार् को गुमरार्ह करने की कोशिश नहीं की जार्नी चार्हिए।

रार्ष्ट्रीय ‘एडवरटार्इजिंग स्टैंडर्ड अथॉरिटी’ ने विज्ञार्पन प्रणार्ली के आत्मनियमन की एक पूरी संहितार् बनार् रखी है, जिसके अनुसार्र ‘विज्ञार्पन’ करनार् विक्रेतार् क एक कानूनी अधिकार है, जिसके मार्ध्यम से वह उपभोक्तार् के मन में अपने उत्पार्दनों के प्रति रुचि और उत्सुकतार् जगार्तार् है। विज्ञार्पन की सफलतार् जनतार् के विश्वार्स पर निर्भर होती है, इसलिए ऐसे किसी प्रचार्र को सहन नहीं कियार् जार् सकतार्, जिससे विश्वार्स खंडित होतार् है।
इस तरह यह स्पष्ट है कि प्रार्य: सभी विज्ञार्पन आचार्र-संहितार्ओं तथार् नियमार्वलियों में दिग्भ्रमित करनेवार्ले, अशिष्ट, समार्ज-विरोधी, देश-विरोधी, जन-विरोधी तथार् मिथ्यार् विज्ञार्पनों के निर्मार्ण, प्रकाशन अथवार् प्रसार्रण पर रोक लगार्ने की बार्त कही गर्इ है। ऐसे विज्ञार्पनों की शिकायत ‘एडवरटार्इजिंग काउंसिल ऑफ इंडियार्’ यार्नी भार्रतीय विज्ञार्पन मार्नकपरिषद अथवार् न्यार्यार्लय में की जार् सकती है। दोषी पार्ए जार्ने पर विज्ञार्पनकर्तार् के विरुद्ध परिषदआवश्यक कारवाइ कर सकती है। उपभोक्तार् की शिकायतों की सुनवाइ के लिए परिषद क अपनार् पैनल है। यदि विज्ञार्पन व्यार्वसार्यिक, व्यार्पार्रिक अथवार् नैतिक मार्नदंडों के विरुद्ध है तो उसके प्रसार्रण को निरस्त भी कियार् जार् सकतार् है।

विज्ञार्पनों की आचार्र संहितार्ओं में विज्ञार्पनकर्तार्ओं की अनुमति के बिनार् विज्ञार्पन करने पर भी प्रतिबंध है। इसी तरह महिलार्ओं की छवि को खरार्ब करने वार्ले, शार्लीनतार् और मर्यार्दार् भंग करने वार्ली, अश्लीलतार् प्रदर्शित करने वार्ले विज्ञार्पनों के प्रकाशन, प्रसार्रण पर भी रोक लगाइ गयी है। वैवार्हिक विज्ञार्पनों के मार्मले में विज्ञार्पन के सार्थ यह सूचनार् देनार् भी जरूरी मार्नार् गयार् है कि पार्ठक यार् दर्षक इन विज्ञार्पनों के तथ्यों के आधार्र पर ही विश्वार्स न कर ले बल्कि वह स्वयं भी अपने स्तर पर छार्नबीन कर तथ्यों की पड़तार्ल कर ले।
विज्ञार्पन उद्योग को नियंत्रित और निर्देषित करने के लिए निम्नलिखित कानूनों की भी महत्वपूर्ण भूमिक है।

  1. ड्रग्स एण्ड मैजिक रेमीडीज आपत्तिजनक विज्ञार्पन एक्ट, 1954
  2. मार्नहार्नि कानून
  3. पुरस्कार प्रतियोगितार् एक्ट, 1955
  4. कापीरार्इट एक्ट
  5. भार्रतीय सरकारी रहस्य अधिनियम, 1923
  6. अष्लीलतार् चित्रण निरोधक बिल, 1986
  7. रार्श्ट्रीय चिन्ह अवैध प्रयोग निरोध एक्ट, 1950

ये सभी कानून अलग-अलग उद्देष्य के लिए बनार्ए गए हं ै मगर इन सबके प्रभार्व क्षेत्र में विज्ञार्पन क क्षेत्र भी आतार् है। ड्रग्स एण्ड मैजिक रेमीडीज एक्ट महिलार्ओं के गर्भपार्त, गर्भधार्रण यार् पुरूशों की यौन “ार्क्ति बढ़ार्ने क दार्वार् करने वार्ली औशधियों, पार्गलपन, कोढ़ मिर्गी आदि 54 रोगों के उपचार्र क दार्वार् करने वार्ली औशधियों आदि के विज्ञार्पनों को प्रतिबंधित करतार् है। मार्नहार्नि कानून किसी व्यक्ति की छवि, यष, प्रतिश्ठार् आदि को खरार्ब करने वार्ले विज्ञार्पनों पर भी प्रतिबंध लगार्तार् है। पुरस्कार प्रतियोगितार् एक्ट पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाषित होने वार्ली पहेलियों आदि की एक हजार्र रूपये से अधिक की पुरस्कार रार्शि के विज्ञार्पन पर रोक लगार्तार् है। इसी तरह कॉपीरार्इट एक्ट कॉपीरार्इट कानूनों क उल्लंघन करने वार्ले विज्ञार्पनों पर भी अंकुष लगार्ने क काम करतार् है। अष्लीलतार् चित्रण निरोधक बिल तो अष्लील विज्ञार्पन विरोधी बड़ार् अंकुश है और रार्जकीय चिन्ह अवैध प्रयोग निरोधक एक्ट रार्श्ट्रीय तथार् अन्तर्रार्श्ट्रीय चिन्हों संयुक्त रार्श्ट्र संघ, विष्व स्वार्स्थ्य संगठन आदि के विज्ञार्पनों में इस्तेमार्ल को प्रतिबंधित करतार् है। वर्तमार्न में देश में टेलीविजन चैनलों के प्रतिनिधि संगठक एनबीए न्यूज ब्रार्डकास्टर्स एसोसिएशन ने भी अपनी एक आचार्र संहितार् बनाइ है जिसमें कार्यक्रमों और विज्ञार्पनों में अष्लीलतार्, हिंसार्, अंधविष्वार्स आदि को रोकने के लिए जरूरी दिषार्-निर्देश हैं।

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