कॉपीरार्इट क्यार् है? कैसे होतार् है?

कॉपीरार्इट वह कानून है जो सार्हित्य निर्मार्तार्, नार्टक, संगीत अथवार् चित्रकलार्, चलचित्र निर्मार्तार्, वेबसार्इट, लेखक, निर्मार्तार् को उनके मूल कृति को कॉपी रार्इट पंजीयन करार्कर यह अधिकार प्रार्प्त करार्नार् है कि उनक सार्हित्य, कृति कॉपीरार्इट के तहत संरक्षित है तथार् वे उसक उत्पार्दन, प्रजनन करने, संचार्र करने क अधिकार प्रदार्न करार्तार् है तथार् उनके मूल कृति केार् एक निश्चित समयार्वधि तक संरक्षित करने क अधिकार प्रदार्न करतार् है तथार् दार्ियत्व क र्निवहन करने क कानूनी अधिकार प्रदार्न करतार् है।

कॉपीरार्इट किसी मार्लिक के द्वार्रार् उत्पार्दित मूलकृति को कानूनी सुरक्षार् प्रदार्न करार्नार् है। मार्लिक अपने द्वार्रार् उत्पार्दित कृति क भविष्य नियंत्रित कर सकतार् है।

कॉपीरार्इट मुख्य दो अधिकारों से मिलकर बनार् हुआ है- आर्थिक अधिकार एवं नैतिक अधिकार, आर्थिक अधिकार से संबंधित पुर्नउत्पार्दन क अधिकार ब्रार्डकास्टिंग, लोक प्रदर्शन, अंगीकरण, अनुवार्दीकरण सब लोक सम्पार्दन एवं वितरण के अधिकार है। जबकि नैतिक अधिकार किसी लेखक की कृति को संशोधन, नष्टीकरण से बचार्ते हुए सुरक्षार् प्रदार्न करार्तार् है। दोनों प्रकार के अधिकारों क उपयोग कृतिकार कर सकतार् है। वह अपने वार्स्तविक कार्य क स्वयं उपयोग कर सकतार् है अथवार् किसी अन्य व्यक्ति को उस कार्य को उपयोग करने हेतु स्वीकृति प्रदार्न कर सकतार् है। अथवार् प्रतिबंधित अथवार् रोक सकतार् है। सार्मार्न्य तौर पर कॉपीरार्इट कार्य पर मार्लिक क अधिकार होतार् है। जिसे बिनार् उसकी स्वीकृति के किसी अन्य द्वार्रार् अनार्धिकृत रूप से उपयोग नहीं कियार् जार् सकतार् है।वह मूलकृति जिसके ऊपर कॉपी रार्इट लार्गू होगार्।

कॉपीरार्इट क संकेत C के द्वार्रार् प्रर्दिशत कियार् जार्तार् है। जो किसी भी कार्य में एक कॉपीरार्इट क दार्वार् है एवं जनतार् को सचेत करने के लिए आवश्यक है। पंजीकरण के बार्द कापीरार्इट नोटिस एक प्रतीक की तरह C अक्षर सर्कल में एक शब्द ‘‘कॉपीरार्इट’’ लेखक यार् कृतिकार के नार्म के बार्द कॉपीरार्इट मार्लिक के सार्थ प्रथम प्रकाशन वष अंकित होतार् है। उदार्हरण के तौर पर – सूद, सुनील 1999 C कॉपीरार्इट अधिनियम और कॉपीरार्इट नियमों के मूल उद्देश्यों की पूर्ति करने प्रर्वतन एंजेसियों के सार्थ-सार्थ आम जनतार्, सरकार के अधिकारियों के पार्लन करार्ने कॉपी रार्इट अधिनियम 1957 (संशोधन के रूप में समय-समय पर) और कॉपीरार्इट नियम 1958 (संशोधन के रूप में समय-समय पर) केसंदर्भ में कोर्इ कार्यवार्ही करने से पहले लेने के लिए पंजीकरण और कॉपीरार्इट उल्लघंन को रोकने के लिए इसकी प्रतिलिपियार्ँ इस अधिनियम और नियमों से प्रार्प्त कियार् जार् सकतार् है।

कॉपीरार्इट पंजीयन कर मूल कृति के प्रजनन/ प्रतिलिपिकरण/ उत्पार्दन/ निर्मार्ण, प्रकाशन कर वार्णिज्य रूप में उपयोग करने क अधिकार मौलिक कृति के निर्मार्तार् अथवार् लेखक क होतार् है। जो कॉपीरार्इट अधिनियम के तहत उसे एक निश्चित अवधि के लिए प्रदार्न कियार् जार्तार् है। किन्तु आम जन में कॉपीरार्इट मौलिक विचार्रों के संरक्षण के प्रति जार्गरूकतार् की कमी से कॉपीरार्इट और अधिकारों से संबंधित हितधार्रकों के बीच, प्रवर्तन एजेंसियों जैसे पेशेवर प्रयोक्तार्ओं, वैज्ञार्निकों तथार् शैक्षणिक समुदार्य के सदस्यों में सावजनिक है।

कॉपीरार्इट किए जार्ने वार्ली कृतियॉं

किसी मूलकृति सार्हित्य, नार्टक, संगीत, चित्रकलार्, कलार्त्मकतार्, फिल्म, चलचित्र, ध्वनि रिकार्डिग के कृतिकार, चित्रकार यार् कृतिकार यार् एक लेखक द्वार्रार् कियार् गयार् किंतु संगीत, चित्रकलार्, सार्हित्य फिल्म चलचित्र क निर्मार्ण एक से अधिक व्यक्तियों द्वार्रार् कियार् जार्तार् है। जो संयुक्त कार्य यार् संयुक्त लेखक कहलार्तार् है उस पर पूरे समूह क मार्लिकानार् हक होतार् है। कॉपीरार्इट के तहत विभिन्न प्रकार के सार्हित्य कृतियों को पंजीकरण करार् कर सुरक्षार् प्रदार्न करतार् है। भार्रत में कॉपीरार्इट कानून निम्न मूलकृतियों को कॉपीरार्इट एक्ट के तहत सुरक्षार् प्रदार्न करार्तार् है।

  1. मूल सार्हित्य:- इसके अंतर्गत लेखक/सार्हित्यकार द्वार्रार् अपने विचार्रों को लेख/सार्हित्य के रूप मे सार्मार्जिक सार्ंस्कृतिक, शैक्षणिक, आर्थिक, नैतिक अदि मूल्यों पर आधार्रित विचार्रों को एक कृति के रूप मे प्रकट करतार् है। इस सार्हित्य को वह नार्टक, कहार्नियों, उपन्यार्सों, आदि स्वरूपों मे प्रकट करतार् है। जिसक कॉपीरार्इट कियार् जार् सकतार् है। 
  2. कलार्त्मकतार् :- कृतिकार, चित्रकार, मूर्तिकार, आर्किटेक्चर, डिजार्इनर द्वार्रार् अपने विचार्रों भार्वनार्ओं को चित्रकलार् मूर्तिकलार्, मार्नचित्र, चित्रकारी, चाट, योजनार्, वस्तु शिल्प, वेबसाइट अभिव्यक्ति एक तस्वीर स्वरूप में प्रस्तुत करतार् है। जो उसकी मौलिक कृति होती है। अत: उसकी कलार्त्मकतार्, कौशल को भी कॉपीरार्इट के तहत उसकी मौलिक कृति की रक्षार् की जार्ती है। 
  3. संगीत :- जिस प्रकार कलार्त्मकतार् एक दैविक योग से प्रार्प्त क्षमतार् है उसी प्रकार संगीत भी एक इसी श्रेणी की कलार् है। जिसमे संगीतकार द्वार्रार् अपनी कलार्त्मकतार् तथार् कौशल के मार्ध्यम से अपने विचार्रेार्ं भार्वनार्ओं की अभिव्यक्ति संगीत के रूप मे करतार् है विभिन्न ग्रार्फिक्स संकेतो के मार्ध्यम से पेपर पर प्रदर्शित कियार् जार्तार् है। तथार् उसे ध्वनि बोली गार्यन के सार्थ संगीत के मार्ध्यम से प्रदर्शन कियार् जार्तार् है। इनके भी मौलिक कृति को कॉपीरार्इट कानून के तहत संरक्षित कियार् गयार् है। 
  4. ध्वनि रिकार्डिग :- आज संगीत में विभिन्न ध्वनियों क सम्मेलन करार् कर संगीत निर्मार्ण कियार् जार् रहार् है। अत: विभिन्न ध्वनियों को ध्वनि निर्मार्तार् द्वार्रार् रिकार्डिग कियार् जार्तार् है। जो सी.डी. रोम, ग्रार्मेार्फोन रिकार्ड, डी.वी.डी., मेगनेटिक डिस्क मे रिकार्ड कियार् जार्तार् है। 
  5. चलचित्र फिल्म :- किसी भी कार्यक्रम कार्यो के दृश्य रिकार्डिग जो चलित छवि को चलचित्र स्वरूप में फिल्म इलेक्ट्रार्निक्स मार्ध्यमों में रिकार्ड कियार् जार्तार् है। इसमे, ध्वनि संगीत समार्हित होतार् है। चलचित्र फिल्म यार् सिनोमैटोग्रार्फी कहार् जार्तार् है। जो फिल्मों में रिकार्ड कियार् जार्तार् है इनके मूलकृतियों भी कॉपीरार्इट के तहत संरक्षित कियार् गयार् है। शार्सकीय कार्यक्रमों, प्रकाशनों जो उनके दिशार् निर्देशों,नियंत्रण में संचार्लित होती है जैसे सरकारी विभार्ग, विधार्यिका, न्यार्यपार्लिक द्वार्रार् निर्मित अभिलेख कॉपीरार्इट के तहत एक भार्रतीय द्वार्रार् सार्हित्य नार्टक, संगीत लेखन क कार्य जो भार्रत क नार्गरिक हो यार् भार्रत मे पहले प्रकाशित हो यार् लेखक द्वार्रार् अप्रकाशित काम कृति क समय आदि केार् भार्रतीय कॉपीरार्इट के कार्यों के तहत संरक्षित कियार् जार्तार् है।  

कॉपीरार्इट : अधिनियम 

कॉपीरार्इट अधिनियम 1957 :- 

कॉपीरार्इट अधिनियम मूलकृति वह चार्हे किसी भी स्वरूप मे क्यों न हो को संरक्षित करतार् है। ये विभिन्न स्वरूप जैसे सार्हित्य, नार्टक, संगीत, गीत, चित्रकलार्, कृति, कलार्त्मकतार्, फिल्म चलचित्र, ध्वनि रिकार्डिग, कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर तथार् कम्प्यूटर वेबसाइट की कृति के अनार्धिकृत उपयोग को रोकने तथार् इनकी रक्षार् करनार् ही मूल उद्देश्य है।

अत: कॉपीरार्इट, अभिव्यक्ति को संविधार्न के तहत पार्लन करार्ने को प्रेरित करतार् है। जबकि पेटेन्ट में वैज्ञार्निक शोध की, विधि विचार्रों को संरक्षित कर कृतिकार अविष्कारक को उसके उपयोग करने क अधिकार एक निश्चित अवधि हेतु दियार् जार्तार् है। तार्कि शोध क लार्भ इस व्यक्ति यार् संस्थार् को पुरस्कार स्वरूप दियार् जार्तार् है। 20वीं सदी क युग कागज पर सार्हित्य उत्पार्दन क युग थार् तथार् 20वीं सदी के अंत मे उसने सूचनार् विस्फोट क रूप ले लियार् थार् किंतु 21वीं सदी इलेक्ट्रार्निक प्रकाशनों क युग है आरंभिक दौर में कागज पर सार्हित्य तथार् इलेक्ट्रार्निक सार्हित्य दोनो क उत्पार्दन सार्हित्य विस्फोटन स्तर पर हो रहार् है जिसे नियंत्रण करनार् अत्यंत कठिन है। उसी प्रकार सभी सार्हित्यों को कॉपीरार्इट प्रदार्न करार्नार् संभव नहीं है इस कारण समार्न्यत: निम्न मूलकृतियों को कॉपीरार्इट प्रदार्न नही कियार् जार्तार् है जैसे खितार्ब, पुरूस्कार क नार्म, लघु शब्द संयोजन, नार्रे, छोटे वार्क्यार्ंशों, कथार्नक तथार् तथ्यार्त्मक सूचनार् यार् विचार्रों की रक्षार् नहीं करतार् है।

कॉपीरार्इट के तहत कृृति की रक्षार् :- 

यह अति आवश्यक है कि मूलकृति के निर्मार्तार् को प्रोत्सार्हन हेतु पुरस्कार स्वरूप उन्हें उसके उत्पार्दन, प्रजनन के अधिकार के सार्थ-सार्थ उसके मूलकृति केार् संरक्षित तथार् सुरक्षित रखने के लिए आश्वस्त कियार् जार्वे और कॉपीरार्इट के पार्लन हेतु कड़ी सुरक्षार् व्यवस्थार् आवश्यक हो तार्कि समार्ज क आर्थिक, सार्ंस्कृतिक, सार्हित्यक विकास सुनिश्चित कियार् जार् सके। कॉपीरार्इट संरक्षण लार्गू कियार् जार्नार् एवं कॉपीरार्इट कानून के अपवार्दों और सीमार्ओं को सुनिश्चित कियार् जार्नार् आवश्यक है तार्कि उपयोगकर्तार् तथार् मूलकृति निर्मार्तार् के बीच संतुलन बनार्ये रखार् जार् सके। कॉपीरार्इट अधिकार प्रार्प्त मार्लिकों और सार्मार्जिक विकास व्यवस्थार् के मध्य यह एक अपवार्द है कर्इ बार्र शैक्षणिक, आर्थिक, भौतिक यार् धामिक अनुष्ठार्नों और इसी प्रकार के आयोजनों हेतु इसमें छूट दी हैै। कॉपीरार्इट उल्लघंन विशेष रूप से मार्नार् जार्तार् है जब कॉपीरार्इट युक्त मूलकृति क अधिकतम भार्ग क उपयोग कियार् जार्तार् है। कर्इ बार्र गुणवत्तार् के बजार्य मार्त्रार् को अधिक जोर दियार् जार्तार् है। तार्कि कॉपीरार्इट के मूल उद्देश्य को भौतिक स्वरूप में पार्रित कियार् जार् सके।

अत: कॉपीरार्इट वह अधिकार है जिसमें नियमों के अधीन रहते हुए एक प्रकार क निष्पक्ष सौदार् है जिसमे शोध, अध्ययन, आलोच्य समीक्षार्, सार्भार्र रिर्पोटिंग कार्यो के उपयोग तथार् उसक उपयोग पुस्तकालयों, स्कूलों, विधार्नसभार्ओं में मूलकृति क अनुपयोग कॉपीरार्इट मौलिक की विशेष अनुमति के बिनार् नहीं कियार् जार् सकतार् है। किंतु उपयोगकर्तार् के हितो की रक्षार् हेतु इसके उपयोग हेतु विशेष छूट भी दी गर्इ है। जो निम्नार्नुसार्र है-

  1. अनुसंधार्न के उद्देश्य हेतु तथार् निजी अध्ययन हेतु 
  2. आलोचनार् यार् समीक्षार् हेतु 
  3. वर्तमार्न घटनार्ओं के रिपोर्टिंग हेतु 
  4. न्यार्यिक कार्यवार्ही हेतु 
  5. प्रदर्शन क्लब, समार्ज के प्रदर्शन हेतु अत: कॉपीरार्इट कानून समार्ज तथार् मौलिक कृति निर्मार्ण दोनों के अधिकारों मे संतुलन तथार् सार्मंजस्य भी स्थार्पित करार्तार् है। 

कॉपीरार्इट स्वार्मित्व 

कॉपीरार्इट कानून लेखक, चित्रकार कलार्कार, नार्टककार, संगीतकार, डिजार्इनर, ध्वनि रिकार्डर, चलचित्र निर्मार्तार्, वेबसाइट डिजाइनर को उनके मूलकृति की रक्षार् के लिए अश्वार्सन प्रदार्न करतार् है तथार् उनकी कलार्कृतियों, रचनार्ओं, मूलकृतियो की बौद्धिक सम्पदार् की रक्षार् करतार् है। सार्मार्न्यत: कॉपीराइट यह निर्धार्रित करतार् है कि मूलकृति क मार्लिक कौन है। सार्मार्न्यत: एक लेखक ही मौलिक कृति मौलिक क मार्लिक होतार् है। लेखक जो सार्हित्य निर्मार्ण हेतु अपने मूल विचार्रों क विभिन्न स्वरूपों मे अभिव्यक्त करतार् है। जैसे सार्हित्य यार् नार्टक के कार्यो के लिए लेखक को संगीत के लिए संगीतकार को, चलचित्र निर्मार्ण में फिल्म निर्मार्तार् को, ध्वनिरिकार्डिग में उसके निर्मार्तार् को, फोटोग्रार्फ में फोटोग्रार्फर केार्, कम्प्यूटर आधार्रित कामों सॉफ्टवेयर निर्मार्तार् वेबसाइट निर्मार्ण में निर्मार्णकर्तार् को कॉपीरार्इट के तहत मार्लिक के रूप में निरूपित कियार् जार्तार् है। इसे और स्पष्ट रूप मे समझने हेतु संगीत निर्मार्ण इकार्इ से समझार् जार् सकतार् है। जैसे जो गीत लिखे गीतकार, संगीत जो सेट के संगीत क निर्मार्ण करें संगीतकार, जो संगीत गार्यन करें गार्यक, मिलकर किसी फिल्म के गीत क निर्मार्ण करते है। अत: रिकार्ड करने वार्लार् कॉपीरार्इट के तहत चयनित करार् कर लार्यसेंस प्रार्प्त कर उसक उत्पार्दन प्रदर्शन कर सकतार् है। कॉपीरार्इट आवंटन- कॉपीरार्इट मूलकृति के निर्मार्णकर्तार् को उसके मौलिक कृति के मार्लिक के रूप में अधिकार प्रदार्न करतार् है। कॉपीरार्इट पंजीकरण हेतु व्यक्ति यार् अधिकृत ऐजेंट द्वार्रार् हस्तार्क्षर युक्त विधिवत् इंगित करेगार् कि निर्दिष्ट कार्य उसकी मूलकृति है। यदि कॉपीरार्इट प्रार्प्तकर्तार् प्रकाशक है तो लेखक को रार्यल्टी देनार् तथार् लेखक को उसके कानूनी उत्तरार्धिकारियों के मुद्रार् आवंटित की जार्वेगी आदि जार्नकारी देनार् होती हैं।

कॉपीरार्इट : महत्व

  1. कॉपीरार्इट एक्ट में विचार्रों की मूल अभिव्यक्ति के विरूद्ध संरक्षण प्रदार्न करार्तार् है न की विचार्रों को क्योकि विचार्र संयुक्त परिसंपति है जिनक आनंद सभी उठार्ते है। 
  2. कॉपीरार्इट क अधिग्रहण स्वत: होतार् है अत: कॉपीरार्इट पंजीयन अनिवाय नही है। जबकि कॉपीरार्इट क पंजीयन कॉपीरार्इट के स्वार्मित्व से संबंद्ध किसी विवार्द के संदर्भ में किसी न्यार्यार्लय मे प्रार्थमिक सार्क्ष्य क कार्य करतार् है। 
  3. कॉपीरार्इट सार्हित्यिक, नार्ट्य संगीत एवं कलार्कात्मक कृतियों, सिनेमेटोगार््रफ फिल्म व ध्वनि रिकार्डिग में मार्न्य है। कम्प्यूटर प्रोग्रार्म व डार्टार्बेस की सुरक्षार् प्रदार्न करार्तार् है तथार् भार्रतीय कानून के अधीन सार्हित्यक कृतियों के रूप में संरक्षित करतार् है। 
  4. संरक्षण केवल सीमित समययार्वधि के लिए ही होतार् है जिसके बार्द कार्य सावजनिक हो सकतार् है। सार्हित्यिक, नार्टक, कलार्त्मक एवं संगीत संबंधित कृतियों के प्रकरण मे कॉपीरार्इट संरक्षण की अवधि लेखक क जीवन तथार् सार्ठ वर्ष है। सिनेमार्टोग्रार्फ फिल्म व सार्उंड रिकार्ड के प्रकरण में यह सार्ठ वर्ष है। जो कार्य प्रकाशन के वर्ष के अगले वर्ष तक होतार् है। 
  5. कॉपीरार्इट किए गए मूलकृति, कार्य के लेखक को स्वार्मी होने के तौर पर अपनी कृतियों के संदर्भ में कुछ विशेष आर्थिक अधिकार मिलते है। इनमें रिप्रोड्यूस करने, प्रकाशित करने, एडेप्ट करने, अनुवार्द करने तथार् संवार्द अथवार् सावजनिक प्रदर्शन के अधिकार है तथार् वह अपनी इच्छार्नुसार्र किसी अन्य पाटी को कॉपीरार्इट सौंप सकतार् है व लार्इसेंस दे सकतार् है। 
  6. कॉपीरार्इट के तहत फरमॉफर को पचार्स वर्ष की अवधि के लिए फरफॉमेस व ब्रॉडकास्टिंग की सार्ंउड यार् विजुअल रिकार्डिग के अनार्धिकृत निर्मार्ण व रिप्रोडक्शन को रोकने क अधिकार प्रार्प्त होतार् है। 
  7. कॉपीरार्इट के तहत ब्रॉडकास्टिंग को पच्चीस वर्ष की अवधि के लिए अपने ब्रॉडकास्ट पर ब्रॉडकास्टिंग रिप्रोडक्शन क अधिकर प्रार्प्त होतार् हैं। 
  8. कॉपीरार्इट के तहत पंजीकृत कॉपीरार्इट क्लेक्टिव सोसार्यटीज अथवार् कोर्इ व्यक्ति कॉपीरार्इट मार्लिक लार्इसेंस इश्यू कर सकतार् है तथार् फीस यार् रॉयल्टी कलेक्ट कर उसे मार्लिकों के बीच में वितरित कर सकने क अधिकार प्रार्प्त होतार् हैं। 
  9. कॉपीरार्इट क उल्लंघन तब होतार् है जब कोर्इ व्यक्ति बगैर लार्इसेंस के उपर्युक्त में से कोर्इ भी कार्य करतार् है। जिससे कॉपीरार्इट के मार्लिकों को आर्थिक क्षति होती है। आर्थिक क्षति के अतिरिक्त, यह सृजनार्त्मक को भी दुष्प्रभार्वित करतार् है। 
  10. कॉपीरार्इट में उपयोगकर्तार् के हितों की रक्षार् के लिए कुछ छूट तय की गर्इ है, जैसे- 1. शोध, निजी अध्ययन, समार्लोचनार् व समार्चार्र रिपोटिंग के लिए र्इमार्नदार्री क सौदार्, 2. शैक्षिक प्रयोजनों, न्यार्यिक कार्रवाइयों, विधार्नसभार् सदस्यों के एकमार्त्र, उपयोग के प्रयोजन हेतु तथार् धामिक आयोजनों के लिए कृतियों क उपयोग, 3. भुगतार्न नहीं करने वार्ले आडिसंस को दी जार्ने वार्ली परफॉरमेंस होने पर परफॉरमेंस एमचर क्लब यार् सोसार्यटी द्वार्रार् कियार् जार् सकतार् है। 
  11. कॉपीरार्इट क उल्लंघन कॉपीरार्इट एक्ट के तहत दंडनीय एक अपरार्ध है तथार् पुलिस के पार्स आवश्यक कार्यवार्ही करने क अधिकार है तथार् कोर्इ भी पुलिस सब-इंसपेक्टर कॉपीरार्इट अपरार्ध होने पर बिनार् वार्रंट प्रतियार्ं सार्मग्री जप्त कर सकतार् है। 
  12. ऐसार् कोर्इ भी व्यक्ति जो जार्नबूझ कर कॉपीरार्इट क उल्लंघन करतार् है यार् उल्लंघन के लिए प्रेरित करतार् है उसे न्यूनतम छह मार्ह से अधिकतम तीन वर्षो क कारार्वार्स तथार् न्यूनतम पचार्स हजार्र व अधिकतम दो लार्ख रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किए जार्ने क कानून में प्रार्वधार्न है। 
  13. कॉपीरार्इट एक्ट के तहत पंजीकृत कॉपीरार्इट सोसार्यटीज लार्इसेंस प्रदार्न कर सकती है तथार् फीस यार् रॉयल्टी कलेक्ट उसे तथार् मार्लिकों के बीच बार्ंट सकती है। 
  14. कॉपीरार्इट बोर्ड कॉपीरार्इट एसार्इनमेंट से जुड़े विवार्दों को न्यार्यपूर्ण ठहरार्तार् है तथार् अनिवाय लार्इसेंस प्रदार्न करतार् हैं। 
  15. सचिव, उच्च शिक्षार् विभार्ग यार् चेयरमैनशिप में सभी संबंधित विभार्गों के सदस्यों, उद्योग के प्रतिनिधियों तथार् विभिन्न रार्ज्यों के डीजीपी समेत कॉपीरार्इट एनफोर्समेंट एडवार्इजरी काउंसिल (सीर्इएसी) कॉपीरार्इट एक्ट के प्रार्वधार्नों एवं क्रियार्न्वयन की नियमित रूप से समीक्षार् करती है। 
  16. कॉपीरार्इट क उल्लंघन रोकने के लिए केन्द्र सरकार के द्वार्रार् कर्इ अन्य उपार्यों में किए जार्ते है।
  17. कॉपीरार्इट एक्ट लार्गू करने के लिए रार्ज्य सरकार में विशेष सेल की स्थार्पनार् हेतु रार्ज्य सरकारों को तैयार्र करनार् भी इस प्रक्रियार् में सम्मिलित है। 
  18. उद्योग प्रतिष्ठार्नों व एनफोर्समेंट एजेंसियों के बीच उचित समन्वयन के लिए रार्ज्यों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करनार् भी कॉपीरार्इट प्रक्रियार् के तहत कियार् जार्तार् हैं।

कॉपीरार्इट : विभिन्न अधिकार

कॉपीरार्इट सभी वर्गो के लिए अलग-अलग श्रेणी के अनुसार्र कार्य करतार् हैं। सार्हित्यिक कारणों मे कॉपीरार्इट क अर्थ विभिन्न अधिकारों क सोपार्न कियार् जार् सकतार् है जो स्व: सुरक्षार्, सुरक्षार् की समयार्वधि, कॉपीरार्इट के अपवार्द, लार्गू तिथि तथार् नैतिक अधिकार प्रदार्न करतार् है जो कम्प्यूटर प्रोग्रार्म को छोड़ सभी सार्हित्यक कार्यो के अधिकार प्रार्प्त है। विभिन्न तहत के सार्हित्य कृतियों को सुरक्षार् प्रदार्न करतार् है। इस अधिकार के तहत उसे निम्न अधिकार प्रार्प्त है जैसे:-

  1. मूृलकृति के प्रजनन क कार्य 
  2. प्रतियों निर्मार्ण सावजनिक करने हेतु 
  3. सावजनिक प्रदर्शन करने हेतु। 
  4. चलचित्र, ध्वनि रिकार्डिग निर्मार्ण कार्य हेतु। 
  5. अनुवार्द करने के लिए कार्य। 
  6. अनुकूल बनार्ने हेतु। 

मूलकृति सार्हित्य क अनुवार्दन कार्य भी कापीरार्इट के तहत संरक्षित रखार् गयार् है तथार् इसके अंतर्गत कम्प्यूटर प्रोग्रार्मों को भी अनुवार्द को कॉपीरार्इट अधिकार के अंतर्गत संरक्षित कियार् गयार् है। अत: कम्प्यूटर प्रोग्रार्मों, वेबसार्इट निर्मार्ण को भी कॉपी रार्इट के तहत सुरक्षार् प्रदार्न की गर्इ है।

इसके उपयोग करने, बिक्री करने, किरार्ये पर देने प्रतिलिपि करने, अवैधार्निक उपयोग कियार् जार्ने के अंतर्गत आतार् है। जो कॉपीरार्इट कानून क उल्लंघन मार्नार् जार्तार् है।कॉपीरार्इट कानून के तहत उसके मार्लिक को विभिन्न अधिकार प्रार्प्त होते है। जैसे-

  1. प्रतियार्ं तैयार्र करने/प्रजनन करने क अधिकार यह अधिकार कॉपीरार्इट धार्रक को प्रार्प्त होतार् है कि वह मूलकृति के एक अथवार् अनेक कृतियार्ँ तैयार्र करार् सकतार् है प्रदर्शित कर सकतार् है। संचार्रित संप्रेषण कर सकतार् है। 
  2. संचार्र क अधिकार- इसके तहत कॉपीरार्इट धार्रक को यह अधिकार होतार् है की वह चार्हे तो मूलकृति को सावजनिक बनार्ने, सावजनिक प्रदर्शन करने, सावजनिक बनार्ने प्रसार्र करने क अधिकार होतार् हैं।
  3. रूपार्न्तर क अधिकार- इसके तहत कॉपीरार्इट धार्रक को यह अधिकार होतार् है कि वह चार्हे तो मूलकृति को किसी अन्य स्वरूप में रूपार्न्तर करने क अधिकार प्रार्प्त होतार् है। वह उसे नार्टकीय, संगीत, ध्वनि चलचित्र स्वरूपों में रूपार्न्तिरित करने क अधिकार प्रार्प्त होतार् है। 

कॉपीरार्इट : पंजीकरण प्रक्रियार्ँ 

कॉपीरार्इट दार्वार् हेतु अधिग्रहण हेतु पंजीकरण की कोर्इ औपचार्रिकतार् की आवश्यकतार् नहीं है बल्कि यह प्रकाशन तिथि के आधार्र पर स्वत: निर्मित मार्नार् जार्तार् हैं। किन्तु पंजीकरण प्रमार्ण-पत्र के द्वार्रार् न्यार्यार्लय में प्रथम दृष्टयार् सबूत हेतु पंजीकरण करार्नार् आवश्यक हैं। तार्कि मार्लिकानार् हक सार्बित कियार् जार् सके।

कॉपीरार्इट खरीदनार्:- 

मूल कृति के कॉपीरार्इट खरीदने हेतु कुछ औपचार्रिकतार्ओं को पूर्ण कियार् जार्नार् आवश्यक है। इसके लिए पंजीकरण आवेदन मूलकृति के सार्थ पंजीकरण यदि सरकार रजिस्ट्रार्र कॉपीरार्इट कॉपीरार्इट कार्यार्लय बी2/डब्ल्यू3 सी.आर. बैरक, कस्तुरबार् गार्ंधी माग, नर्इ दिल्ली- 110003 दूरभार्ष 3384387 को आवेदन कियार् जार्तार् हैं। 

कॉपीरार्इट पंजीकरण के लिए आवेदन फार्म चतुर्थ के सार्थ आवेदन कियार् जार्ए इसके सार्थ निर्धार्रित फीस जमार् की जार्नी चार्हिए तथार् आवेदक के हस्तार्क्षर वकालतनार्मार् संलग्न कियार् जार्नार् चार्हिए।

कॉपीरार्इट पंजीयन प्रकाशित तथार् अप्रकाशित दोनों प्रकार के कार्यो को पंजीकृत कियार् जार् सकतार् है। यदि प्रकाशित कृति क पंजीयन करनार् है तो तीन प्रतियों के सार्थ यदि अप्रकाशित कृति के लिए पंजीयन करार्नार् है तो पार्ंडुलिपि की एक प्रति के सार्थ आवेदन कियार् जार्नार् चार्हिए। कॉपीरार्इट मूलकृति को एक निश्चित अवधि हेतु अवधिहेतु सुरक्षित करतार् है। कॉपीरार्इट के संरक्षण की अवधि के संबंध में सार्मार्न्य नियम यह है कि सार्हित्य, नार्टक, संगीत, कलार्त्मक कृति, चित्रकलार् की अवधि 60 वर्ष की अवधि जो लेखक की मृत्यु के बार्द जबकि चलचित्र, फिल्म, ध्वनि रिकोर्डिग फोटोग्रार्फ के संबंध में प्रकाशन की तिथि से 60 वर्ष की अवधि तक की होती है। कॉपीरार्इट मार्मलों में प्रवर्तन हेतु एक सलार्हकार परिषद की स्थार्पनार् सरकार द्वार्रार् की गर्इ है। सार्मार्न्यत: कॉपीरार्इट हेतु न्यार्यलीयन प्रकरण नियमित अदार्लतों में संचार्लित होते है।

कॉपीरार्इट पंजीयन फाम :- 

 कॉपीरार्इट पंजीयन फाम जो तीन प्रतियों में भेजार् जार्ये, उसमें निम्न को समार्हित करनार् आवश्यक है:-

  1. पंजीयन नं. – कापीरार्इट कार्यार्लय द्वार्रार् भरार् जार्येगार्। 
  2. आवेदक क नार्म, पतार् और रार्ष्ट्रीयतार् 
  3. कॉपीरार्इट मूलकृति की प्रकृति 
  4. कक्षार् और विवरण 
  5. मूलकृति/काम क शीर्षक 
  6. मूलकृति/काम की भार्षार् 
  7. लेखक क नार्म, पतार् और रार्ष्ट्रीयतार् यदि लेखक मृत है तो मृत्यु तिथि। 
  8. मूलकृति/काम प्रकाशित है यार् अप्रकाशित 
  9. प्रकाशन को देश, वर्ष (नार्म, पतार् और रार्ष्ट्रीयतार् के प्रकाशक) 
  10. प्रकाशन क वर्ष देश (नार्म, पतार् और रार्ष्ट्रीयतार् के प्रकाशक)  
  11. नार्म पतार् रार्ष्ट्रीयतार्/कॉपीरार्इट मार्लिक हेतु 
  12. नार्म पतार् रार्ष्ट्रीयतार् कोर्इ और अन्य व्यक्ति 
  13. यदि मूलकृति/काम जो एक कलार्त्मक कार्य है तो मूल स्थार्न, नार्म, पतार् रार्ष्ट्रीयतार् की जार्नकारी।
  14.  यदि काम जो कलार्त्मक है तो प्रमार्ण-पत्र सहित आवेदन 
  15. यदि कोर्इ कार्य कथन हो इसके अलार्वार् विशेष क वक्तव्य 
    1. क्यार् कृति/काम पंजीकृत करने के लिए जार् रहार् है। मूलकृति, अनुवार्द, डोमेन, रूपार्न्तरण 
    2. यदि कापीरार्इट, अनुवार्द/रूपन्तरण क कार्य है तो 
      1.  मूलकार्य क शीर्षक 
      2.  मूल कार्य की भार्षार् 
      3.  मूल लेखक क नार्म पतार् रार्ष्ट्रीयतार् यदि लेखक मृत है तो तिथि 

 कॉपीरार्इट हेतु देय शुल्क :-

कॉपीरार्इट नियम 1958 के द्वितीय सूची में सूचीकृत विभिन्न कॉपीरार्इट के अधीन देय शुल्क लार्यसेंस विवरण

  1. सार्हित्यिक, नार्टकीय, संगीत यार् कलार्त्मक कार्य को पुन: प्रकाशित करने हेतु लार्यसेंस (धार्रार् 31, 32) रू. 400/- 
  2. फिल्म /को पुन: प्रकाशित करने हेतु लार्यसेंस (धार्रार् 31) रू. 600/- 
  3. ध्वनि रिकार्डिग प्रकाशित करने हेतु लार्यसेंस (धार्रार् 31) रू. 400/- 
  4. सावजनिक अथवार् भार्रतीय प्रदर्शन/जनतार् के कार्यो क प्रसार्रण (धार्रार् 31) के लिए लार्यसेंस रू. 200/- 
  5. किसी भी मार्त्रार् में सार्हित्यिक अनुवार्द यार् नार्टकीय उत्पार्दन के लिए आवेदन (धार्रार् 32 एवं 32(1) रू. 200/- 
  6. पंजीकरण सार्हित्यिक, संगीत, नार्टकीय कलार्त्मक कार्य रू. 50/- सार्हित्यिक, संगीत, नार्टकीय कलार्त्मक कार्य जो प्रयोग कियार् जार् रहार् हैं। (धार्रार् 45) रू.200/- सिनेमेटोग्रार्फ (धार्रार् 45) रू. 600/- ध्वनि रिकार्डिग (धार्रार् 45) रू. 400/- कॉपीरार्इट के रजिस्टर में दर्ज किए गए ब्यौरों में परिवर्तन रू. 200/- 
  7. प्रमार्णित प्रतिलिपि प्रार्प्त करने हेतु रू. 20/- 

कॉपीरार्इट : बोर्ड 

कॉपीरार्इट बोर्ड कॉपीरार्इट अधिनियम के तहत कॉपीरार्इट प्रदार्न करतार् है। यह एक अर्द्धन्यार्यिक निकाय हैं जिसमें बोर्ड क अध्यक्ष उच्च न्यार्यार्लय क न्यार्यार्धीश होतार् है। जिसमें दो से अधिक तथार् 14 से कम सदस्य होते है। जो निम्न कार्यो क संचार्लन प्रबंधन करते है।

  1. रजिस्ट्रार्र के कॉपीरार्इट आदेशों के खिलार्फ अपील की सुनवाइ 
  2. कॉपीरार्इट में सुधार्र की प्रविष्टि 
  3. कॉपीरार्इट आवंटन में विवार्द 
  4. प्रकाशित करने हेतु अनुदार्न 

भार्रतीय कॉपीरार्इट कानून विदेशी कार्यो को अन्र्तरार्ष्ट्रीय कॉपीरार्इट के तहत विदेशी मूलकृति को भार्रत में सुरक्षार् प्रदार्न करार्तार् है। जो यूनिवर्सलस कॉपीरार्इट समझौते के तहत भार्रतीय नार्गरिकों की कृति को विदेशों में भी सुरक्षार् प्रदार्न करतार् है।

आज कॉपीरार्इट के तहत लेखको, कवियों, चित्रकारों, कलार्कारों, नार्टककार, मूर्तिकार, चित्रकार, फोटोग्रार्फर, फिल्म निर्मार्तार्, ध्वनि रिकार्ड निर्मार्तार् के मूलकृति को सुरक्षार् प्रदार्न करने हेतु भार्रत में अनेक सार्मूहिक संगठनों द्वार्रार् प्रयार्स किए जार् रहे है। जो कापी रार्इट कानून के पार्लन करार्ने में सहयोग प्रदार्न करार्ते है तथार् मूलकृतिकार के अधिकारों, हितों की रक्षार् कर रहे है। इनके सार्मूहिक प्रयार्सों में समार्ज में काफी जार्गरूकतार् आ रही है। आज भार्रत में अनेक कॉपीरार्इट समूह यार् सोसार्यटी पंजीकृत है जो कॉपीरार्इट क पार्लन में सहयोग प्रदार्न कर रहे है।

कॉपी रार्इट : अपरार्ध 

कॉपीरार्इट क उल्लंघन में निम्न कार्यो को समार्हित कियार् गयार् है। जिसके तहत इन्हें अवैधार्निक अपरार्ध करार्र दियार् गयार् है।

  1. कॉपीरार्इट क उल्लघंन कर प्रतियार्ं बनार् कर बेचनार् यार् किरार्ये पर देनार्। 
  2. अनार्धिकृत रूप से सावजनिक प्रदर्शन करनार्। 
  3. मूलकृतियों की अनार्धिकृत तौर पर व्यार्पक रूप में वितरण यार् प्रतियार्ं प्रदार्न करनार्। 4. सावजनिक प्रदर्शन करनार्। 
  4. भार्रत में आयार्तित प्रतियों क उल्लंघन करनार्।

कॉपीरार्इट : कानून के अपरार्ध स्वरूप दण्ड 

कॉपीरार्इट कानून क पार्लन न करने, उसक अवैधार्निक उपयोग कॉपी रार्इट उल्लंघन करने वार्ले व्यक्ति अथवार् संस्थार् को न्यूनतम 6 मार्ह की जेल अथवार् 50000/- रूपये तक क जुर्मार्नार् अथवार् दोनों सम्मिलित है।

यदि कही कॉपीरार्इट कानून क उल्लंघन हो रहार् है तो पुलिस विभार्ग क उपनिरीक्षक रैंक पद क पुलिस अधिकारी बिनार् जरूरी वार्रंट के सभी प्रतियों, सार्मग्री को जप्त कर सकतार् है तथार् मेट्रोपोलियन मजिस्ट्रेट यार् प्रथम श्रेणी न्यार्यिक मजिस्ट्रेट के समक्ष सुनवाइ हेतु व्यक्ति यार् व्यक्तियों को सार्क्ष्य समेत प्रस्तुत करेगार्।

  1. कॉपीरार्इट पंजीकरण हेतु फाम चतुर्थ के तहत आवेदन रजिस्ट्रार्र कॉपीरार्इट कापीरार्इट कार्यार्लय नर्इ दिल्ली 110001 को धार्रार् 45 के अनुसार्र कॉपीरार्इट अधिनियम 1957 (14 1957) हेतु पंजीयन हेतु आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकते है। आवेदन के सार्थ तीन कृतियों को संलग्न कर पंजीयन हेतु अनुरोध कियार् जार् सकतार् है। 
  2. कॉपीरार्इट के नियम 1958 के नियम 16 के अनुसार्र पंजीयन हेतु रजिस्टर्ड डार्क द्वार्रार् आवेदन कियार् जार् सकतार् है। 

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