अनुपार्त क अर्थ

अनुपार्त दो मार्त्रार्ओं (रार्शियार्) क संबधं है ये दो मार्त्रार्ए पद कहलार्ते है। पहले पद को दूसरे पद से भार्ग करके अनुपार्त निकालार् जार्तार् है। हमार्रे पेनों को उदार्हरण में दो पद है पेन अ जिसकी कीमत 6रु. है पहलार् पद है आरै पेन ब जिसकी कीमत 2रु. है दूसरार् पद है। अ पेन पहलार् पद इसलिए है क्यार्ेिं क इसकी कीमत को ब पेन की कीमत स े तलु नार् करने क हमार्रार् विचार्र है। अ पेन दसूरार् पद इस लिए है क्यार्ेिंक इस पेन की कीमत के सबंध में किस्म के पेन की तलु नार् करने क हमार्रार् विचार्र है। अत: जिसकी तुलनार् की जार्ती है वह पहलार् पद है आरै जिसके सार्थ तुलनार् की जार्ती है वह दूसरार् पद है। दोनों पदों के निर्धार्रण के बार्द हम अनुपार्त निकालने के लिए पहले पद को दूसरे पद से भार्ग कर सकते है। इस प्रकार-

  पेन की कीमत  6रु.
अनुपार्त ———- = —- = 3रु.
    पेन की  कीमत  2रु.

अनुपार्त क मूल्य 3 है। यह दर्शार्तार् है कि अ पेन की कीमत ब पेन की कीमत से 3 गुनार् अधिक है।

अनुपार्त की विभिन्न रूपों में अभिव्यक्ति –

अनुपार्त को तीन रूपों में प्रकट कियार् जार् सकतार् है-

1. शब्दों में – 6रु. और 2रु. क अनुपार्त
2. चिन्हों में – 6रु : 2रु
3. भिन्न में –
6 रु.
2 रु.

इन तीनों ही रूपों में अनुपार्त क मूल्य समार्न रहतार् है। हम पेन अ की कीमत और पेन ब की कीमत के अनुपार्त क े तीनों रूपों में एक सार्थ व्यक्त कर सकते है।

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